सीएम ने किया महिला खिलाड़ियों को सम्मानित

देहरादून। मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर परेड ग्राउण्ड देहरादून स्थित नवीन बहुद्देशीय हॉल में ‘महिलाओं की खेल में सहभागिता’ विषय पर आयोजित सेमिनार में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न खेलों में सराहनीय प्रदर्शन करने वाले महिला खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सभी बालिकाओं को राष्ट्रीय बालिका दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय बालिका दिवस महिला सशक्तिकरण को लेकर हमारी प्रतिबद्धता को दोहराने और बालिकाओं को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सशक्त बनाने के लिए चल रहे प्रयासों को और अधिक मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि बेटियों की सुरक्षा हम सभी की जिम्मेदारी है। राज्य का मुख्य सेवक होने के नाते प्रदेश की किसी भी बेटी का अपमान करने वाले के खिलाफ हम कठोरतम कार्रवाई करने से कभी पीछे नहीं हटेंगे। हमारी बेटियां हमारी शान, मान एवं अभिमान हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में तीलू रौतेली, टिंचरी माई, गौरा देवी, चन्द्रप्रभा ऐतवाल, गंगोत्री गर्ब्याल और बछेंद्री पाल, वंदना कटारिया जैसे अनेक नाम हैं जिन्होंने हर चुनौती को छोटा साबित करते हुए प्रदेश का मान और सम्मान बढ़ाया। आज हमारी बेटियों ने हर क्षेत्र में अपना एक अलग मुकाम बनाया है और प्रदेश का नाम रोशन किया है। शिक्षा से लेकर खेल के मैदान और वैज्ञानिक अनुसंधान से लेकर सेना के अभियान तक में हमारी बेटियां बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की गई विभिन्न योजनाएं हमारी बेटियों को और अधिक आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने में सहयोग प्रदान कर रही हैं। राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण देने का प्राविधान किया है। उन्होंने कहा कि कुछ माह पूर्व ही राज्य सरकार द्वारा प्रदेश की 80 हजार बालिकाओं को 323 करोड़ रुपये की धनराशि “नंदा गौरा योजना“ के अंतर्गत हस्तांतरित की गई थी। जो निश्चित ही हमारी बेटियों के बेहतर भविष्य की नींव रखने में काम आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यालयों मे बेटियों के नामांकन में बढ़ोतरी हुई है और लिंगानुपात में सुधार हुआ है, इससे स्पष्ट है कि बेटियों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाएं सफल हो रही हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के मूलमंत्र को लेकर राज्य सरकार ने भी बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा,स्वास्थ और कौशल विकास तक के लिए विभिन्न योजनाएं प्रारंभ की हैं, जिनमें “महालक्ष्मी किट योजना“,“खुशियों की सवारी“ योजना, “नंदा गौरा“ योजना, “मुख्यमंत्री आंचल अमृत“ योजना,“मुख्यमंत्री महिला पोषण“ जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि 2025 में उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती मनाएगा, उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का जो लक्ष्य रखा है, उसमें हमारी बेटियों और मातृशक्ति की अहम भूमिका होगी।

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास तथा खेल मंत्री श्रीमती रेखा आर्या ने राष्ट्रीय बालिका दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य महिला आयोग द्वारा खेल को केंद्रित करते हुए बालिकाओं को लेकर सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है, यह सराहनीय पहल है। राज्य में बालिकाएं खेल के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़े इसके लिए राज्य में नई खेल नीति में हर संभव सुविधा देने के प्रयास किए गए हैं। खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभाओं को उजागर करने के लिए आर्थिक संकट से न गुजरना पड़े, इसके लिए नई खेल नीति में हर सुविधा देने के प्रयास किए गए है। खिलाड़ियों को भोजन के लिए दी जाने वाली धनराशि 150 रुपए से बढ़ाकर 175 रुपए की गई है। राज्य में लगभग 3900 बच्चों को मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के तहत 1500 रुपए प्रति बच्चे को छात्रवृत्ति दी जा रही है, जिसमें 50 प्रतिशत बालिकाएं शामिल हैं।

राज्य सरकार द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं के सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही कुछ महत्वपूर्ण योजनाएं

राज्य में महिला सशक्तिकरण के लिए मुख्यमंत्री लखपति दीदी योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत 2025 तक राज्य की 1.25 लाख महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना के तहत प्रथम दो बालिकाओं के जन्म पर माता और नवजात कन्या शिशु को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट दी जा रही है। खुशियों की सवारी योजना के माध्यम से गर्भवती महिला को अस्पताल तक लाने की व्यवस्था एवं बच्चे के जन्म के बाद जच्चा एवं बच्चा को घर तक ले जाने की व्यवस्था सरकार द्वारा की गई है। नंदा गौरा योजना के तहत राज्य में गरीब कन्याओं के लिए राज्य सरकार द्वारा 51 हजार रूपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। साथ ही बालिका के जन्म के समय माता- पिता को 11 हजार रूपये की धनराशि दी जा रही है। मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना के तहत मां और नवजात शिशु की साफ-सफाई एवं पोषण के लिए राज्य सरकार द्वारा मौसम के हिसाब से अलग-अलग किट प्रदान की जा रही है। राज्य में महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के दृष्टिगत सरकारी एवं गैर सरकारी कार्यालयों में कामकाजी महिलाओं के लिए गौरा शक्ति एप बनाया गया है। गौरा शक्ति के अन्तर्गत स्व रजिस्ट्रेशन के अतिरिक्त महिलाएं ई-शिकायत भी दर्ज करा सकती हैं, साथ ही इसमें महिलाओं के कानूनी अधिकारों की जानकारी और महत्वपूर्ण फोन नम्बर भी उपलब्ध हैं।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, श्रीमती सविता कपूर, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती कुसुम कण्डवाल, खेल निदेशक जितेन्द्र सोनकर एवं राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आई बालिकाएं मौजूद थी।

शहीद दुर्गामल्ल के नाम पर डाक टिकट जारी किया जाना सम्मान की बात

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़ी कैंट स्थित शहीद दुर्गामल्ल पार्क में आजादहिंद फौज के शहीद मेजर दुर्गामल्ल की मूर्ति पर श्रद्धासुमन अर्पित कर श्रद्धांललि दी। उन्होंने आजादी के अमृत महोत्सव के समय शहीद दुर्गामल्ल के नाम पर डाक टिकट जारी किये जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि शहीद दुर्गामल्ल के नाम पर डाक टिकट जारी किया जाना सम्मान की बात है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद दुर्गामल्ल द्वारा देश की आजादी के लिए दिया गया महत्वपूर्ण योगदान हमारी स्मृति में हमेशा रहेगा। हमारी आने वाली पीढ़ी हमारे ऐसे महाननायकों के बारे में जान सके, इसके लिए आजादी के अमृत महोत्सव में ऐसे महानायकों की याद में देश में अनेक कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। भारत की आजादी के लिए हमारे अनेक स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने अपने प्राणों की आहुति दी। हमारे अमर सेनानियों का बलिदान हमें सदैव प्रेरणा देने का कार्य करेगा।

इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी भी उपस्थित थे।

कलाकारों के बिलों का भुगतान समय से न होने पर महाराज नाराज

देहरादून। प्रदेश के पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायती राज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने सोमवार को संस्कृति निदेशालय एवं गढ़वाल मण्डल विकास निगम मुख्यालय का औचक निरिक्षण कर लंबित पड़े बिलों के भुगतान शीघ्र करने के साथ-साथ चेतावनी दी कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज सोमवार को संस्कृति सचिव हरिश्चंद्र सेमवाल के साथ प्रातः 10:30 अचानक एमडीडीए, डालनवाला स्थित संस्कृति निदेशालय पहुंचे और कलाकारों एवं सांस्कृतिक दलों के महीनों से लंबित बिलों के भुगतान ना होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए सचिव संस्कृति को तत्काल बिलों के भुगतान के आदेश देने के साथ-साथ विभाग में कर्मचारियों की कमी को भी दूर करने को कहा। ज्ञात हो कि अप्रैल 2022 से अभी तक सांस्कृतिक कलाकारों के बिलों का भुगतान नहीं हो पा रहा था।

इसके पश्चात पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने राजपुर रोड़ स्थित गढ़वाल मंडल विकास निगम मुख्यालय का भी औचक निरिक्षण किया और महाप्रबंधक विप्रा त्रिवेदी को निर्देशित किया कि सभी प्रकार के पेंडिंग बिलों का भुगतान शीघ्रता से किया जाए।

श्री महाराज ने गढ़वाल मंडल विकास निगम के कर्मचारियों की शीघ्र डीपीसी किए जाने के भी महाप्रबंधक को आदेश दिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की ग्रेजुएटी और एरियर आदि सभी प्रकार की लगभग 43 करोड़ की देनदारियों का शीघ्र समाधान किया जाएगा।

श्री महाराज ने महाप्रबंधक विप्रा त्रिवेदी से कहा कि गढ़वाल मंडल विकास निगम के कई ऐसे गेस्ट हाउस हैं जो उपयोगी होने के बावजूद उपयोग में नहीं आ रहे हैं, उन्हें स्थानीय बेरोजगारों को देकर संचालित करवाने की व्यवस्था की जाये। उन्होंने कहा कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 

मण्डल अध्यक्षों ने डा० निशंक का किया आभार व्यक्त

देहरादून। हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र के नवनियुक्त मण्डल अध्यक्षों ने आज पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं हरिद्वार लोकसभा सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ से उनके देहरादून स्थित कार्यालय में भेंट की तथा उनका आभार व्यक्त किया।
रूड़की, हरिद्वार, ऋषिकेश एवं देहरादून महानगर जनपद से आए नवनियुक्त मण्डल अध्यक्षों का निशंक ने स्वागत किया। डॉ. निशंक ने मण्डल अध्यक्षों को बधाई देने के साथ ही उन्हें आने वाले चुनावों के लिए अभी से जुट जाने का आह्वान किया। डॉ. निशंक ने केन्द्र की मोदी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं तथा राज्य सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने की भी अपील की।
इस अवसर पर प्रदेश प्रवक्ता सुरेश जोशी ने कहा कि जिस तरह डॉ. निशंक संगठन के प्रत्येक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता से समन्वय तथा उसकी चिंता करते हैं यही कारण है कि वह कार्यकर्ताओं में सर्वाधिक लोकप्रिय नेता हैं। उन्होंने कहा कि हरिद्वार और ऊधमसिंहनगर को उत्तराखण्ड में मिलाने में डॉ. निशंक की अहम भूमिका रही है।
महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल ने भी डॉ. निशंक की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्हें निरंतर डॉ. निशंक जी का मार्गदर्शन मिलता रहा है, जिससे उनमें सदैव ऊर्जा बनी रहती है।
इस अवसर पर वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स, ओमप्रकाश जमदग्नि, ऋषिकेश जिलाध्यक्ष रविन्द्र राणा, हरिद्वार जिलाध्यक्ष, संदीप गोयल, रूड़की महामंत्री अरविंद गौतम, पूर्व जिला अध्यक्ष हरिद्वार जयपाल चौहान, राजेन्द्र तड़ियाल, संजीव चौहान, मण्डी समिति अध्यक्ष राजकुमार कसाना, मधु सिंह, महेश पाण्डेय सहित दर्जनों पदाधिकारी मौजूद रहे।

कौशिक बोले, राष्ट्रीय कार्यसमिति बैठक में धामी सरकार की विकास योजनाओ की हुई सराहना

देहरादून। भाजपा राष्ट्रीय कार्यसमिति के विशेष आमंत्रित सदस्य व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि राष्ट्रीय कार्यसमिति मे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आर्थिक, सामाजिक, धार्मिक- सांस्कृतिक गौरव को लेकर किये ऐतिहासिक कार्यों की चर्चा के साथ प्रदेश की जोशीमठ आपदा में प्रभावित लोगों के साथ खड़ा होने की प्रतिबद्धता जतायी गयी ।

भाजपा कार्यालय मे पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि कार्यसमिति में भारत की दुनिया में निर्णायक, दूरदर्शी, सशक्त व सजग राष्ट्र की छवि विकसित होने के लिए मोदी जी का आभार व्यक्त किया गया है । उन्होंने बताया, नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी व चमत्कारिक नेतृत्व में विभिन्न विधानसभा चुनावों में मिली शानदार जीत के लिए भी समस्त राष्ट्रीय नेतृत्व का धन्यवाद किया गया । इसके साथ ही आगामी 9 राज्यों के चुनावों में जीत की योजना व संकल्प पर विचार किया गया । कार्यसमिति में देशवासियों के आर्थिक-सामाजिक कल्याण वाली योजनाओं, देश के सांस्कृतिक- आध्यात्मिक धरोहरों का पुनर्निर्माण व सौंदर्यीकरण करने वाले कार्यों एवं विश्व में आर्थिक-सामरिक महाशक्ति बनने के लिए मोदी सरकार का आभार व्यक्त करते हुए देश के कोने कोने तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया । उन्होंने कहा कि कार्यसमिति में आर्थिक विकास के साथ साथ एक भारत, श्रेष्ठ भारत, मन की बात, हर घर तिरंगा जैसे अनेकों सांस्कृतिक सामाजिक कार्यक्रमों की भी प्रशंसा की गई ।
20 वर्षों तक विपक्ष के लोगों द्वारा प्रधानमंत्री को बदनाम की कोशिशों को जनता की अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक से निर्णायक जबाब मिलने पर कार्यसमिति के सदस्यों ने मोदी जी को बधाई व शुभकामनाएं दी है । उन्होंने कहा कि कार्यसमिति में भारत को दुनिया की पांचवी आर्थिक शक्ति बनने, शंघाई सम्मेलन व G 20 की अध्यक्षता मिलने को गौरवशाली उपलब्धि बताया । उन्होंने कहा, इससे पहले जितने भी देशों ने G 20 की अध्यक्षता की है उन्होंने इसे अधिकतम 20 कार्यक्रमों तक ही सीमित रखा है । लेकिन समूचे देश को इस स्वर्णिम अवसर का लाभ पहुंचाने वाले मोदी जी के विजन का ही नतीजा है कि 200 स्थानों पर इसकी बैठकों का आयोजन किया जा रहा है । जिनमे 2 कार्यक्रमों का ऋषिकेश उत्तराखंड में होना हमारे लिए गौरवशाली अवसर लेकर आया है ।

मदन कौशिक ने कहा कि जोशीमठ में भूधसांव की समस्या, वैज्ञानिक सर्वेक्षण और सरकार व संगठन द्वारा राहत कार्यो की जानकारी भी कार्यसमिति के सभी सदस्यों को दी गयी । आपदा को लेकर विस्तार से चर्चा के बाद कार्यसमिति ने जोशीमठ के लोगों को यथा सम्भव मदद का भरोसा दिलाते हुए विशेषज्ञ समितियों के निष्कर्ष अनुसार समस्या के स्थायी समाधान की दृष्टि से काम करने के लिए आश्वस्त किया ।
श्री कौशिक ने कहा की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में भाजपा साशित राज्यों में चल रही विकास की महत्वाकांक्षी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इनमें मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चल रही कई योजनाओं की सराहना कर योजनाओं को अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल बताया ।

पत्रकार वार्ता में पार्टी प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी, प्रदेश कार्यलय सचिव कौस्तुभानंद जोशी, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान, प्रदेश प्रवक्ता विनोद सुयाल, नवीन ठाकुर, श्रीमती सुनीता विद्यार्थी, राजेन्द्र सिंह नेगी समेत अनेक पार्टी पदाधिकारी उपस्थित थे।

 

सीएम बोले, वैज्ञानिकों की रिपोर्ट आते ही आगे की योजना पर तेजी से कार्य किया जाए

देहरादून। मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में जोशीमठ में चल रहे राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि जोशीमठ में भू-धसांव के कारणों को लेकर सभी तकनीकी संस्थानों एवं वैज्ञानिकों की रिपोर्ट आते ही आगे की योजना पर तेजी से कार्य किया जाए। जोशीमठ के भूधंसाव क्षेत्र के अध्ययन की फाइनल रिपोर्ट के बाद ट्रीटमेंट के कार्य तेजी से सुनिश्चित किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विस्थापन के लिए वहां के लोगों से मिलकर सुझाव लिये जाएं। जिलाधिकारी चमोली स्थानीय लोगों से सुझाव लेकर शासन को रिपोर्ट जल्द से जल्द भेजें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जोशीमठ के प्रभावित क्षेत्र से जिन लोगों को विस्थापित किया जायेगा, उनको सरकार की ओर से बेहतर व्यवस्थाएं की जायेंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य के जिन शहरों में समुचित ड्रेनेज प्लान एवं सीवर सिस्टम नहीं हैं, उनमें ड्रेनेज एवं सीवर सिस्टम के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्ययोजना बनाई जाए। शहरों को श्रैणी वार चिन्हित किया जाए।

सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत कुमार सिंन्हा ने कहा कि राष्ट्रीय जल विज्ञान (एनआईएच) की प्राथमिक जांच रिपोर्ट में जोशीमठ में रिस रहा पानी और एनटीपीसी परियोजना के टनल का पानी अलग-अलग है। उन्होंने कहा कि अन्य केन्द्रीय एजेंसियों की रिपोर्ट एवं एनआईएच की फाइनल रिपोर्ट आने के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पायेगी। उन्होंने कहा कि जोशीमठ के भूधंसाव प्रभावित क्षेत्र के 258 परिवारों को राहत शिविरों में ठहराया गया है, उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में पानी का डिस्चार्ज एवं सिल्ट दोनों काफी तेजी से कम हुआ है।

बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु, अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, आनन्द बर्द्धन, सचिव  आर.मीनाक्षी सुंदरम, अपर सचिव श्री सविन बंसल, आनन्द श्रीवास्तव एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

महाराज बोले, अधिकारी अनावश्यक कमरे न घेरे, जिनकी आवश्यकता वही रुकें

जोशीमठ। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने जोशीमठ पहुंचकर मकानों और होटलों में आयी दरारों व भू-धसाव का स्थलीय निरिक्षण कर जहां एक ओर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देते हुए प्रभावितों को हर संभव मदद दिये जाने की बात कही वहीं उन्होने प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से दूरभाष पर वार्ता कर एनटीपीसी टनल में चल रही ब्लास्टिंग को पूरी तरह से रुकवाने के लिए कहा।

प्रदेश के पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायती राज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने गुरुवार को जोशीमठ पहुंचकर मकानों और होटलों में आयी दरारों व भू-धसाव का स्थलीय निरिक्षण कर जहां एक ओर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देते हुए प्रभावितों को हर संभव मदद दिये जाने की बात कही वहीं स्थानीय लोगों ने उन्हें बताया कि एनटीपीसी टनल में अभी भी लगातार ब्लास्टिंग चल रही है। श्री महाराज ने मामले का संज्ञान लेते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से दूरभाष पर वार्ता कर एनटीपीसी टनल में चल रही ब्लास्टिंग को पूरी तरह से रुकवाने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने हर प्रकार की ब्लास्टिंग रुकवाने के निर्देश दे दिए हैं।

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने जोशीमठ स्थित सिंहधार, नरसिंह मंदिर, गांधीनगर, जेपी कॉलोनी (मारवाड़ी) आदि स्थानों में भू-धसाव की जद में आए मकानों और भवनों के निरीक्षण करने के साथ साथ नगर पालिका और गुरुद्वारे में चल रहे राहत शिविरों की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने आपदा से प्रभावित एक परिवार के कई-कई लोगों के एक ही कमरे में रहने को लेकर कहा कि जिन अधिकारियों की वहां पर जरूरत है, केवल वही जोशीमठ में रुकें ताकि भू-धसाव से प्रभावित ऐसे परिवारों को कमरे मिल सकें।

श्री महाराज ने कहा कि सरकार द्वारा 50-50 हजार रुपये की तत्काल सहायता दी गई है। क्षति का आंकलन करने के बाद सरकार पूरी मदद करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में इस आपदा से निपटने का सरकार हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि जिस प्रकार से जोशीमठ को लेकर मीडिया में खबरें आ रही है उसे सुनकर पर्यटकों ने अधिकांश बुकिंग कैंसिल कर दी है। उन्होंने प्रोटोकॉल से आह्वान करते हुए कहा कि जोशीमठ को छोड़कर उत्तराखंड में सभी स्थान सुरक्षित हैं। सरकार औली में होने वाले विंटर गेम्स् को संपन्न कराने का भी प्रयास करेगी।

श्री महाराज ने कहा कि आपदा का सरकार पूरा विश्लेषण कर रही है। एक और जहां राज्य सरकार पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रही है वही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने भी पूरा विश्वास दिलाया है कि वह प्रभावित लोगों की हर संभव सहायता करेंगे।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री महाराज के साथ पूर्व मंत्री मोहन सिंह रावत गांववासी, ऋषि प्रसाद सती, कुलदीप वर्मा, गजेन्द्र रावत, दर्शन सिंह दानू, मनोज भण्डारी, वीरेन्द्र असवाल, महावीर रावत और पंकज डिमरी आदि मौजूद थे।

जोशीमठ में भवनों में लगाये गये क्रेकोमीटर में दरारों की चौड़ाई में गत तीन दिनों से बढ़ोतरी न होने के संकेत

देहरादून। सचिव आपदा प्रबन्धन डा0 रंजीत कुमार सिन्हा ने जोशीमठ नगर क्षेत्र में हो रहे भू-धंसाव एवं भूस्खलन के उपरान्त राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे राहत एवं बचाव, स्थायी/अस्थायी पुनर्वास आदि से सम्बन्धित किये जा रहे कार्यो की मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि सीबीआरआई द्वारा भवनों की दरारों को नापने के लिए लगाये गये क्रेकोमीटर से गत तीन दिनों में दरारों की चौड़ाई में बढ़ोतरी नही होने के संकेत मिले हैं। यह एक सकारात्मक सकेंत है। डा0 सिन्हा ने जानकारी दी कि आज मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव वित्त, शहरी विकास, सचिव आपदा प्रबन्धन के साथ जोशीमठ में चल रहे राहत कार्यों के सम्बन्ध में बैठक की। राज्य सरकार तथा भारत सरकार के विभिन्न तकनीकी संस्थानों द्वारा किये गये कार्यों की अद्यतन स्थिति से माननीय मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया ।
मुख्यमंत्री द्वारा जोशीमठ में आपदा प्रबन्धन के कार्यों में पूरी मुस्तैदी से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जोशीमठ में आपदा प्रबन्धन के कार्यों में किसी भी प्रकार की धन की कमी नही आने दी जाएगी। बैठक में शहरी विकास विभाग को प्रत्येक जिले में प्रभावी अर्बन टाउन प्लानिंग की तैयारी के निर्देश दिए गये हैं। पर्वतीय नगरों में डै्रनेज एव सीवर सिस्टम की प्रभावी व्यवस्था हेतु भी निर्देश दिए गए हैं। डा0 सिन्हा ने बताया कि चमोली जिला प्रशासन द्वारा जोशीमठ में मुस्तैदी से सर्वेक्षण का कार्य किया जा रहा है। जिला प्रशासन विस्थापितों से विचार-विमर्श भी कर रहा है।
सचिव आपदा प्रबन्धन ने जानकारी दी कि जोशीमठ में पानी का डिस्चार्ज 150 एल.पी.एम है। अस्थायी रूप से चिन्हित राहत शिविरों में जोशीमठ में कुल 615 कक्ष हैं जिनकी क्षमता 2190 लोगों की है तथा पीपलकोटी में 491 कक्ष हैं जिनकी क्षमता 2205 लोगों की है। अभी तक 849 भवनों में दरारें दृष्टिगत हुई है। सर्वेक्षण का कार्य गतिमान है। उन्होनें जानकारी दी कि गांधीनगर में 01, सिंहधार में 02, मनोहरबाग में 05, सुनील में 07 क्षेत्र / वार्ड असुरक्षित घोषित किए गए हैं। 181 भवन असुरक्षित क्षेत्र में स्थित है। 259 परिवार सुरक्षा के दृष्टिगत अस्थायी रूप से विस्थापित किये गये हैं। विस्थापित परिवार के सदस्यों की संख्या 867 है।
प्रेस वार्ता में अपर सचिव आपदा प्रबन्धन, निदेशक उत्तराखण्ड भूस्खलन प्रबन्धन एवं न्यूनीकरण संस्थान, निदेशक वाडिया संस्थान, निदेशक आईआईआरएस देहरादून, निदेशक एनआईएच तथा निदेशक आईआईटीआर उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने बताया केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जोशीमठ क्षेत्र में हो रहे भू-धंसाव के बारे में

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भेंट की। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री को जोशीमठ क्षेत्र में हो रहे भू-धंसाव से उत्पन्न स्थिति की विस्तृत जानकारी दी, तथा आपदा राहत हेतु केंद्रीय सहायता का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री को अवगत कराया कि जोशीमठ शहर जनपद चमोली का तहसील मुख्यालय, श्री बद्रीनाथ जी का शीतकालीन निवास स्थान है, तथा सामरिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण स्थान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जोशीमठ पुराने भू-स्खलन के मोटी परत के मलबे के ऊपर बसा है। यद्यपि भू-स्खलन, भवनों में दरारों का इतिहास पुराना है परन्तु 02.01.2023 की रात से भवनों में मोटी दरारें दृष्टिगोचर हुई तथा जे0पी0 प्लान्ट के नीचे 500 एल0पी0एम0 की नई धारा फूटने की शिकायत प्राप्त हुई।
उन्होंने कहा कि अभी तक क्षेत्र का 25 प्रतिशत भू-भाग, भू-धंसाव से प्रभावित है जिसकी अनुमानित जनसंख्या लगभग 25000 है, पालिका क्षेत्र में दर्ज भवन लगभग 4500 है, उस में से 849 भवनों में चौड़ी दरारें परिलक्षित हो चुकी है, अस्थायी रूप से विस्थापित परिवार 250 हैं, सर्वे गतिमान है एवं उक्त प्रभावित परिवार तथा भवन निरन्तर बढ़ रहे हैं। जबकि पुनर्वास हेतु पांच स्थल चिन्ह्ति किये गये है, जिनका भू-गर्भीय परीक्षण किया जा रहा है। जोशीमठ के कुल 09 वार्ड में से 04 वार्ड पूर्णरूपेण प्रभावित हैं जबकि 08 केन्द्रीय तकनीकी संस्थान प्रभावित क्षेत्र में वैज्ञानिक परीक्षण कर रहे है।
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री को अवगत कराया कि 16 से 22 अगस्त 2022 के मध्य MULTI DISCIPLINARY COMMITTEE (USDMA, GSI, IIT, Roorkee, CBRI, Roorkee, WIHG) ने क्षेत्र का स्थलीय सर्वेक्षण किया था एवं भू-धंसाव के कारण एवं उपाय इंगित किये गये थे साथ ही सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग, उत्तराखण्ड शासन द्वारा 05 से 07 जनवरी 2023 के मध्य MULTI DISCIPLINARY COMMITTEE (USDMA, GSI, IIT, Roorkee, CBRI, Roorkee, WIHG) के माध्यम से स्थलीय निरीक्षण किया था एवं कतिपय Concrete recommendation किये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 8 जनवरी 2023 पी0एम0ओ0, भारत सरकार के द्वारा कैबिनेट सचिव, NDMA तथा USDMA के अन्य केन्द्रीय विभागों के साथ एक समीक्षा बैठक आहूत की गई। तथा 09 जनवरी 2023 को MHA, GOI की High Powered Team एवं NDMA के समस्त सदस्यों द्वारा देहरादून में वस्तुस्थिति की समीक्षा एवं जोशीमठ प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी तथा गढ़वाल आयुक्त एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जोशीमठ क्षेत्र में कैम्प किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि विभिन्न केन्द्र्रीय तकनीकी संस्थानों से विचार विमर्शोंपरान्त प्रारम्भिक रूप से अवगत कराया गया है कि क्षेत्र में वृहद् पुनर्निर्माण की आवश्यकता होगी जिसका FINAL ESTIMATION तकनीकी परीक्षण समाप्त होने के उपरान्त प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों के लिये तात्कालिक राहत शिविरों की व्यवस्था, Prefabricated Transit Shelter, स्थायी पुनर्वास, नवीन स्थल विकास, आवास निर्माण, मूलभूत सुविधायें यथाः स्कूल, कालेज, drainage, sewerage आदि, जोशीमठ का पुर्ननिर्माण, विस्तृत तकनीकी जांच, भू-स्खलन की रोकथाम, सम्पूर्ण जल निकासी व्यवस्था, शहर में सीवर लाईन की व्यवस्था, समस्त घरों का सीवर लाईन से जुड़ाव आदि मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिये मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री से केंद्रीय सहायता के लिये अनुरोध किया।
केंद्रीय गृहमंत्री ने जोशीमठ के भू-धंसाव क्षेत्र के प्रभावितों की आवश्यक मदद का आश्वासन मुख्यमंत्री को दिया।

27 को प्रधानमंत्री नई दिल्ली से छात्रों से करेंगे ‘परीक्षा पर चर्चा’

देहरादून। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मीडिया सेंटर, सचिवालय में मीडिया से वार्ता करते हुए कहा कि 27 जनवरी 2023 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तालकटोरा स्टेडियम, नई दिल्ली से छात्रों से ‘परीक्षा पर चर्चा’ कार्यक्रम के माध्यम से संवाद करेंगे। इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण 09 से 12वीं कक्षा तक के सभी विद्यार्थी, शिक्षक एवं विद्यार्थियों के अभिभावक देख सकें। इसके लिए सभी विद्यालयों में आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। कार्यक्रम में राजकीय, राजकीय सहायता प्राप्त एवं निजी विद्यालयों के छात्र भी जुड़ेगे। परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम में प्रधानमंत्री से संवाद के लिए उत्तराखण्ड से 02 बच्चों का नामांकन हुआ है।

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि ‘परीक्षा पर चर्चा’ कार्यक्रम में राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री भी जुड़ेंगें। मंत्रीगण, सांसदगण, विधायकगण, राज्य के पद्म पुरस्कार प्राप्तकर्ता, शिक्षा, कला एवं संस्कृति से जुड़े महानुभाव एवं नगर निगमों, नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के जनप्रतिनिधि भी राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से इस कार्यक्रम में जुड़ेंगे। राज्य के 65464 शासकीय, अशासकीय एवं निजी विद्यालयों में यह कार्यक्रम संचालित होगा।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य में ‘परीक्षा पर चर्चा’ कार्यक्रम के व्यापक प्रचार-प्रसार के दृष्टिगत दिनांक 18 से 23 जनवरी 2023 तक परीक्षा में चर्चा के थीम से सम्बन्धित कला / पेंटिंग प्रतियोगिता राज्य के 95 विकासखण्ड एवं 8 नगर निगमों में स्थित विद्यालयों में आयोजित की जायेगी। इस प्रतियोगिता में शीर्ष 10 स्थान प्राप्त करने वालों को पुरस्कार दिये जायेंगे। 25 प्रतिभागियों को पारितोषिक एवं सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किये जायेंगे। इस कार्यक्रम में छात्रों के लिए जो थीम रखी गई है उनमें *अपने स्वतंत्रता सैनानियों को जाने। हमारी संस्कृति ही शान है। मेरी किताब मेरी प्रेरणा। भविष्य की पीढ़ियों के लिए पर्यावरण सुरक्षा। मेरा जीवन मेरा स्वास्थ्य। मेरा स्टार्टअप सपना। सीमाओं के बिना शिक्षा। विद्यालयों में सीखने के लिए खिलौने और खेल* है। शिक्षकों के लिए जो थीम रखी गई है उनमें *हमारी विरासत। सीखने के लिए समर्थ वातावरण। कौशल के लिए शिक्षा। पाठ्यक्रम का कम भार और परीक्षा के लिए कोई भय नहीं। भविष्य में शिक्षा की चुनौतियाँ* शामिल हैं। अभिभावकों के लिए थीम *मेरा बच्चा मेरा शिक्षक । प्रौढ शिक्षा : सभी को साक्षर बनायें। सीखना और एक साथ बढ़ना* है। इस वर्ष इस कार्यक्रम में 81315 शिक्षक, छात्र एवं अभिभावकों की थीम प्राप्त हुई हैं।

इस अवसर पर सचिव शिक्षा  रविनाथ रमन एवं शिक्षा महानिदेशक  बंशीधर तिवारी उपस्थित थे।