देहरादून। अनिल बलूनी ने आज सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (CEC) के चेयरमैन चंद्र प्रकाश गोयल से मुलाकात कर लालढांग–चिल्लरखाल मार्ग से जुड़े सर्वोच्च न्यायालय के आदेश में उल्लेखित कमर्शियल वाहन शब्द को लेकर उत्पन्न भ्रम एवं स्थानीय जनता की समस्याओं के समाधान की मांग उठाई। इस संबंध में उन्होंने एक विस्तृत प्रतिवेदन भी सौंपा।
सांसद बलूनी ने कहा कि कोटद्वार एवं आसपास के क्षेत्रों के अधिकांश लोग देहरादून और हरिद्वार आने-जाने के लिए मिनी बस, टैक्सी, मैक्स वाहन एवं अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर निर्भर हैं। लालढांग–चिल्लरखाल मार्ग क्षेत्रीय जनता के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार, रोजगार और दैनिक जरूरतों तक पहुंच का प्रमुख माध्यम है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इसी विषय पर उनके द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने लालढांग–चिल्लरखाल मार्ग को खोलने का महत्वपूर्ण निर्णय दिया था।
सांसद बलूनी ने CEC चेयरमैन से आग्रह किया कि स्थानीय जनता की व्यावहारिक कठिनाइयों और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर संवेदनशीलता एवं उदारतापूर्वक विचार किया जाए, ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके और उनका दैनिक जीवन प्रभावित न हो।
इस दौरान CEC चेयरमैन चंद्र प्रकाश गोयल ने भरोसा दिलाया कि सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी स्थानीय लोगों की समस्याओं एवं जनहित के पहलुओं को गंभीरता से समझते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय की अनुशंसा करेगी।
जनता की परेशानी पर सांसद अनिल बलूनी गंभीर, लालढांग–चिल्लरखाल मार्ग मामले में सौंपा प्रतिवेदन

