भट्ट बोले, एजेंडे के तहत कार्य कर रहे बामपंथी, लोगों को सतर्क रहने की जरूरत

देहरादून। भाजपा ने कहा कि आपदाग्रस्त जोशीमठ क्षेत्र मे नकारात्मक सोच के साथ सक्रिय बामपंथी संगठनों से सतर्क रहने की जरूरत पर बल दिया है।
प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि स्थानीय लोगों को भी इससे सचेत रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अब तक की यह ऐसी पहली सरकार है जो विस्थापन के सर्वश्रेष्ठ विकल्पों के अमल में प्रभावित पक्षों से सुझाव ले रही है । लेकिन हिंदी-चीनी भाई-भाई के नारे लगाने वाले स्थानीय लोगों को भड़काकर राहत पुनर्वास के कामों में बाधा डाल रहे हैं । एक ओर देश का दुश्मन देश चीन भारत के आख़िरी गाँव तक अपने ढांचागत विकास को मजबूत कर रहा है और उसने आसपास पॉवर स्टेशन, सड़के तथा सामरिक तैयारिया की है तो वहीं भारत सरकार भी इस दिशा मे कदम बढ़ा रहा है। उतराखंड के इस क्षेत्र की सामरिक लिहाज से बड़ी भूमिका रही है। जिस तरह से वामपंथी इस तरह के कुत्सित प्रयास से इस तरह का वतावरण निर्मित कर रहे है वह किसी भी तरह से राष्ट्र विरोधी ही माना जायेगा। उतराखंड ऐसा राज्य है जिसका बलिदानों का इतिहास रहा है और देश हित मे किसी भी सकारात्मक पहल का हिस्सा बनने के साथ ही वह देश के विरोध मे किसी भी मुहिम का कड़ा प्रतिरोध करेंगे।

श्री भट्ट ने आंदोलन की आड़ में जोशीमठ आपदा के समाधान में बाधा डालने व विलम्ब करवाने के लिए वामपंथी संगठनों को निशाने पर लिया है । उन्होंने धामी सरकार का आपदा प्रभावितों को पुनर्वास की दृष्टि से 3 विकल्प दिए जाने के निर्णय स्वागत करते हुए कहा कि पीड़ित पक्षो से सुझाव एकत्र कर पुनर्वास की प्रक्रिया में तीव्र गति से आगे बढ़ रही है । आज हमारे लिए स्थानीय लोगों के व्यवसाय व रोजगार को बचाने के लिए पर्यटन गतिविधियों, वर्तमान शीतकालीन एवं आगामी चारधाम यात्रा को इस संकट से बचाते हुए सुचारू रखना प्राथमिकता मे है। उन्होंने कहा कि प्रशासन राहत व बचाव कार्यों में पूरी तरह से जुटा हुआ है। केंद्रीय विशेषज्ञ एजेंसियां रिपोर्ट तैयार कर रही है और स्वयं प्रधानमंत्री मोदी राहत कार्यो की निगरानी कर रहे है, लिहाज़ा किसी को चिंता करने की जरूरत नही है ।

श्री भट्ट ने उन आरोपों को बेबुनियाद बताया जिसमे कहा गया कि उनके द्वारा किसी स्थानीय निवासी को आंदोलन से रोकने का सवाल ही नही उठता है । लेकिन वह लोगों को उन वामपंथी विचारधारा वाले संगठनों से सचेत करना चाहते है जिनकी अभिरुचि राहत और पीड़ितों के पुनर्वास मे कम और अपना एजेंडा साधना अधिक है।
राज्य के बाहर दिल्ली, मुम्बई, जेएनयू से जोशीमठ आये कम्युनिस्ट संगठनों के लोगों का एकमात्र लक्ष्य है, स्थानीय लोगों को बरगलाकर आंदोलनों के माध्यम से आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास नीति व अन्य राहत के कार्यों को बाधित करना । उन्होंने कहा कि तमाम ताकते नही चाह्ती कि सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास के काम हो और हमारी सामरिक ताकत मजबूत हो । लोगों के दिल में चीन संघर्ष के दौरान किये इनके राष्ट्र विरोधी कारनामे आज भी मौजूद हैं, लिहाज़ा देवभूमि की राष्ट्रवादी जनता इनके छलावे में नही आने वाली है ।

 

अजेंद्र बोले, पहली बार आपदा प्रभावितों की सलाह और सुझाव के आधार पर किया जा रहा विस्थापन व पुनर्वास का पैकेज तैयार

देहरादून। श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष और जोशीमठ आपदा के पर्यवेक्षण के लिए मुख्यमंत्री के विशेष प्रतिनिधि अजेंद्र अजय ने कहा कि पहली बार आपदा प्रभावितों की सलाह और सुझाव के आधार पर विस्थापन व पुनर्वास का पैकेज तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जोशीमठ को लेकर शासन स्तर पर गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति ( एचपीसी ) द्वारा सोमवार को आयोजित बैठक में प्रभावितों के लिए संस्तुत किया गया पैकेज अब तक का सबसे सर्वश्रेष्ठ आपदा पैकेज है। कुछ लोग दुष्प्रचार का सहारा लेकर चारधाम यात्रा में बाधा पैदा करना चाहते हैं।

एचपीसी की बैठक में शामिल रहे अजेंद्र ने कहा कि प्रभावितों के पैकेज तैयार करने से पूर्व चमोली के जिलाधिकारी की अध्यक्षता में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की एक समिति गठित की गई थी। समिति के सुझावों को जिला प्रशासन द्वारा शासन को भेजा गया था। शासन में एचपीसी ने स्थानीय जनप्रतिनधियों व प्रभावितों की ओर से प्राप्त सुझावों पर अपनी सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। उन्होंने कहा की यह पहली बार है जब आपदा प्रभावितों की ओर से प्राप्त सुझावों के आधार पर विस्थापन व पुनर्वास का पैकेज तैयार किया जा रहा है। जोशीमठ के लिए घोषित पैकेज इससे पहले प्रदेश में आई किसी भी आपदा में नहीं मिला।

उन्होंने कहा की यह धामी सरकार की तत्परता और संवेदनशीलता ही है कि प्रभावितों के लिए तेजी के साथ तात्कालिक राहत पहुंचाई गई। प्रभावितों के अस्थायी आवास, भोजन, चिकित्सा सुविधा हो या ठंड से बचाव के लिए हीटर, ब्लोवर, इलेक्ट्रिक केटल, अलाव आदि की व्यवस्थाएं युद्धस्तर पर सुनिश्चित की गईं। एक भी प्रभावित को किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होने दी गई। इसके विपरीत केदारनाथ आपदा के समय प्रभावितों को सर छुपाने के लिए दर- दर की ठोकरें कहानी पड़ी थीं।

अजेंद्र ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रभावितों के दीर्घकालिक हितों को ध्यान में रख कर कार्य कर रही है। जोशीमठ को लेकर विषेशज्ञों की रिपोर्ट मिलते ही विस्थापन व पुनर्वास के कार्यों के साथ नगर के संरक्षण व उपचार के कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग प्रभावितों को भ्रमित कर अपनी राजनीतिक रोटियां सेकना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग प्रभावितो के हितैषी नहीं हो सकते हैं। ये लोग दुष्प्रचार का सहारा लेकर भय व दहशत का वातावरण तैयार कर चारधाम यात्रा में बाधा पैदा करना चाहते हैं। ऐसे लोग प्रदेश के बाहर यह सन्देश देना चाहते हैं कि उत्तराखंड में सब कुछ ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा प्रदेश की आर्थिकी की रीढ़ है। उसमें किसी प्रकार की बाधा पैदा नहीं होने दी जाएगी।

सीएम बोले, धारा 370 हटने से जो वातावरण बना उससे राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से हुई संपन्न

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटने से पूरे देश मे एक सुखद संदेश गया और उन दलों को भी करारा जवाब मिला जो असर यह कहते सुने जाते थे कि इससे कोई फर्क नही पड़ा। उन्होंने कहा कि इसी का नतीजा है कि धारा 370 हटने से जो वातावरण बना उससे राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गयी।
धामी ने कटाक्ष किया कि जिनकी सरकारों में संगीनों के साये में तिरंगा फहराया जाता था वहां आज सकुशलता से यात्रा से सार्वजनिक राजनैतिक कार्यक्रम आयोजित और सम्पन्न हो रहे हैं ।

भाजपा की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति में शिरकत करने के अवसर पर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य एवं केंद्र सरकार की प्रदेश में संचालित योजनाओं की समीक्षा से आये सुझावों को शासन स्तर पर अमल में लाया जाएगा । इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जोशीमठ आपदा को लेकर सरकार के प्रयासों की प्रसंसा को उत्साह बढ़ाने वाला बताते हुए विश्वास दिलाया कि विशेषज्ञों की अंतिम रिपोर्ट आने पर बेहतर पुनर्वास जाएगा । उन्होंने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा कि उनके नेता जोशीमठ आपदा को लेकर एक तरफ सरकार को सुझाव देते हैं और दूसरी तरफ इसे अपनी राजनैतिक यात्रा में राज्य की छवि खराब करने का प्रयास करते है ।

प्रदेश अध्यक्ष  महेंद्र भट्ट ने बताया कि कार्यसमिति में राज्य एवं केंद्र की विकास व जन कल्याण योजना योजनाओं विशेषकर महिला आरक्षण कानून एवं सख्त धर्मांतरण कानून पर सरकार का आभार व्यक्त किया गया इसके अतिरिक्त उन्होंने कहा प्रदेश कार्यसमिति ने केंद्रीय नेतृत्व को भरोसा दिलाया आगामी निकाय व लोकसभा चुनाव में जीत की हैट्रिक में पार्टी लगाने जा रही है । इसके अतिरिक्त उन्होंने बताया कार्यसमिति में के सत्रों में विभिन्न विषयगत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई जिसमें प्रमुखता मन की बात कार्यक्रम को लेकर लक्ष्य तय किये गए । प्रदेश से बूथ स्तर तक सभी पदाधिकारियों के लिए अनिवार्य रूप से इस कार्यक्रम में सहभागिता करने एवं प्रत्येक विधानसभा में 100 बूथों पर न्यूनतम 100 की जनसंख्या वाले कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा । इसके अतिरिक्त राज्य एवं केंद्र सरकार के बजट को आम जनता तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रदेश की 4 सदस्य टीम गठित की गई है साथ ही G 20 के आयोजन को शानदार बनाने व स्थानीय संस्कृति, अध्यात्म एवं परंपराओं को शामिल करने लिए भी प्रदेश स्तरीय समिति का गठन किया गया । डाटा प्रबंधन की दृष्टि से सभी पदाधिकारियों एवं समस्त कार्यकर्ताओं को सरल एप के माध्यम से जोड़ने का लक्ष्य दिया गया है ।

श्री भट्ट ने कहा, कार्यसमिति में चिंता जताई गई कि कुछ वामपंथी विचारधारा वाले लोग जिनकी राज्य में कोई भूमिका व जनाधार भी नही है वे स्थानीय लोगों में राष्ट्रीय विकास व सामरिक दृष्टि से जरूरी परियोजनाओं के खिलाफ बरगला रहे हैं ।

बैठक में प्रदेश प्रभारी एवं पार्टी राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम ने कार्यसमिति में मौजूद सभी पदाधिकारियों से बैठक के राजनैतिक प्रस्ताव एवं संगठन के कार्यक्रमों को जन जन तक पहुंचाने के निर्देश दिए । इसके अलावा प्रदेश सह प्रभारी व पार्टी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीमती रेखा वर्मा ने कोरोना महामारी में राज्य एवं केंद्र सरकार के कामों को लेकर विस्तार से जानकारी दी । कार्यसमिति में आगामी सांगठनिक गतिविधियों को लेकर प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार ने बताया कि आगामी 10 तारीख तक सभी जनपदों की कार्यसमिति एवं 20 तक सभी मंडलों की कार्यसमिति का गठन किया जाना तय हुआ है । प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी ने जोशीमठ आपदा के लिए बनाई पार्टी की 14 सदस्यीय समिति की रिपोर्ट पेश करते हुए आवश्यक सुझाव कार्यसमिति में रखे । इसके इसके अलावा बैठक में युवा मोर्चा महिला मोर्चा अनुसूचित जाति मोर्चा ओबीसी मोर्चा के अध्यक्षों द्वारा विस्तार से अब तक के कामों का लेखा जोखा देते हुए आगामी कार्यक्रमों की जानकारी प्रस्तुत की गई ।
कार्यसमिति में पूर्व सीएम विजय बहुगुणा, अल्मोड़ा सांसद अजय टम्टा, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, टिहरी सांसद श्रीमती माला राज्य लक्ष्मी शाह, राज्यसभा सांसद श्रीमती कल्पना सैनी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, प्रदेश महामंत्री संगठन  अजेय कुमार, प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र बिष्ट, आदित्य कोठारी, खिलेन्द्र चौधरी, प्रदेश कार्यालय सचिव  कौस्तुभानंद जोशी, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान,  ज्योति गैरोला, श्रीमती आशा नौटियाल, शशांक रावत, राकेश राणा समेत प्रदेश पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी, जिला सह प्रभारी, प्रदेश प्रवक्ता, स्थायी आमंत्रित सदस्य, विशेष आमंत्रित सदस्य समेत प्रदेश कार्यसमिति सदस्य ने सहभागिता की ।

 

उत्तराखण्ड ने बनाया इतिहास, पहली बार गणतंत्र दिवस परेड में उत्तराखंड की झांकी प्रथम स्थान पर

देहरादून। गणतंत्र दिवस परेड को अभी तक राजपथ के नाम से जाना जाता था, किंतु इस वर्ष उसका नाम बदलकर कर्तव्य पथ रखा गया है। नाम बदलने के बाद कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस की यह। पहली परेड थी, जिसमे उत्तराखंड की झांकी मानसखंड को देश मे प्रथम स्थान मिलने से इतिहास में उत्तराखंड राज्य का नाम दर्ज हो गया है।

सीएम ने दी बधाई, हम सभी के लिए गौरव का पल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि के लिए प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि हम सबके लिए गौरवशाली पल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुराणों में गढ़वाल का केदारखंड और कुमाऊं का मानसखंड के रूप में वर्णन किया गया है। स्कंदपुराण में मानसखंड के बारे में बताया गया है। जागेश्वर मंदिर की बहुत धार्मिक मान्यता है।

प्रधानमंत्री जी ने हमेशा अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने की बात कही है। प्रधानमन्त्री जी के नेतृत्व में सांस्कृतिक नवजागरण में उत्तराखंड सरकार भी काम कर रही है। मानसखंड मंदिर माला मिशन योजना भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। “मानसखण्ड” मंदिर माला मिशन के तहत चार धाम की तर्ज पर कुमाऊं क्षेत्र के पौराणिक मंदिरों को भी विकसित किया जा रहा है।

झांकी का विषय मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने सुझाया था 

भारत सरकार को भेजे गए झांकी का विषय/टाइटिल “मानसखंड”मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुझाया था। उन्होंने मंदिर माला मिशन के अंतर्गत मानसखंड के रूप में इस विषय का सुझाव दिया था।

गणतंत्र दिवस से पहले मुख्यमंत्री ने दिल्ली जाकर खुद किया था झांकी का निरीक्षण

झांकी निर्माण की गंभीरता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि जब दिल्ली कैंट में झांकी का निर्माण किया जा रहा था तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने झांकी का निरीक्षण करते हुए झांकी को उत्कृष्ट एवं राज्य की संस्कृति के अनुरुप निर्माण के लिये सूचना विभाग के संयुक्त निदेशक/ नोडल अधिकारी के एस चौहान को निर्देश दिए थे तथा झांकी के कलाकारों से मिलकर उनको शुभकामनाएं भी दी थीl

दिन रात की जाती है कलाकारों द्वारा मेहनत

झांकी के निर्माण तथा झांकी में सम्मिलित कलाकार दिन रात मेहनत करते है। झांकी निर्माण का कार्य 31 दिसंबर को प्रारंभ किया गया था, जिसको सुबह 4 बजे से रात 12 बजे तक किया जाता है। साथ ही झांकी में सम्मिलित कलाकारों को टीम लीडर के साथ कड़ाके की सर्दी में कर्तव्य पथ रिहर्सल के लिए 4 बजे जाना पड़ता है।

ऐसे होता है झांकी का अंतिम चयन

सितंबर माह में भारत सरकार द्वारा सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों एवं मंत्रालयों से प्रस्ताव मांगे जाते हैं।अक्टूबर तक राज्य सरकारें विषय का चयन कर प्रस्ताव भारत सरकार को भेजती है।उसके बाद भारत सरकार प्रस्तुतिकरण के किये आमंत्रित करती है। पहले बार की मीटिंग में विषय के आधार चार्ट पेपर में डिजाइन तैयार कर प्रस्तुत करना होता है। आवश्यक संशोधन करते हुए तीन बैठके डिजाइन निर्माण के सन्दर्भ में होती है जिन प्रदेशों के डिजाइन कमेटी को सही नही लगते हैं उनको शार्टलिस्ट कर देती है। उसके बाद झांकी का मॉडल बनाया जाता है। मॉडल के बाद थीम सॉंग 50 सेकंड का जो उस प्रदेश की संस्कृति को प्रदर्शित करता हो तैयार किया जाता है। इस प्रकार जब सभी स्तर से भारत सरकार की विशेषज्ञ समिति संतुष्ट हो जाती है तब झांकी का अंतिम चयन किया जाता है।

मानसखंड की झांकी में क्या था खास जो प्रथम स्थान प्राप्त किया!

गढ़वाल की चारधाम यात्रा की भांति सरकार कुमाऊं में मंदिर माला मिशन के अंतर्गत पर्यटन बढ़ाने का प्रयास कर रही हैं इसी के दृष्टिगत प्रसिद्ध पौराणिक जागेश्वर धाम को दिखाया गया था। उत्तराखंड का प्रसिद्ध कॉर्बेट नेशनल पार्क, बारहसिंगा, उत्तराखंड का राज्य पशु कस्तूरी मृग, गोरल, देश की राष्ट्रीय पक्षी मोर जो उधमसिंह नगर में पाई जाती है, उत्तराखंड के प्रसिद्ध पक्षी घुघुती, तीतर, चकोर, मोनाल आदि, तथा उत्तराखंड की प्रसिद्ध ऐपन कला को प्रदर्शित किया गया था। झांकी के आगे और पीछे उत्तराखंड का नाम भी ऐपन कला से लिखा गया था।
जागेश्वर धाम के मंदिर घनघोर देवदार के वृक्षों के बीच में है। इसलिए झांकी में मंदिर के आगे और पीछे घनघोर देवदार के वृक्षो का सीन तैयार किया गया था।

2025 तक उत्तराखंड देश का सर्वोच्च राज्य

प्रधानमंत्री जी ने कहा कि यह दशक उत्तराखंड का है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 2025 तक उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है। इसी दृष्टि से गणतंत्र दिवस परेड में उत्तराखंड की झांकी को देश मे प्रथम स्थान पर आना उनके विजन को दर्शाता है।

मंदिर माला मिशन से वाकिफ होंगे देश विदेश के पर्यटक,क्षेत्र में बढ़ेंगे रोजगार के अवस

मानसखंड खंड की झांकी को देश मे प्रथम स्थान प्राप्त होने से कुमाऊं क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे क्योंकि देश विदेश के पर्यटको को मंदिर माला मिशन की जानकारी होने से वह कुमाऊं की ओर रुख करेंगे। इसलिए गढ़वाल मंडल के साथ अब कुमाऊं मंडल में भी धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
झांकी में इन कलाकारों ने निभाई थी अहम भूमिका

टीम लीडर संयुक निदेशक के एस चौहान के नेतृत्व में झांकी में उत्तराखंड की कला और संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए उत्तराखंड का प्रसिद्ध छोलिया नृत्य करने में पिथौरागढ़ के भीम राम के दल के 16 कलाकारों का उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा। उत्तराखंड को देवभूमि के साथ ही योग भूमि भी कहा जाता है। झांकी के ऊपर योग करते हुए बारु सिंह और अनिल सिंह ने योग करते हुए अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

झांकी का थीम सांग

झांकी का थीम सांग “जय हो कुमाऊं, जय हो गड़वाला” को पिथौरागढ़ के प्रसिद्ध जनकवि जनार्दन उप्रेती ने लिखा था तथा उसको सौरभ मैठाणी और साथियों ने सुर दिया था। इस थीम गीत के निर्माता पहाड़ी दगड़िया, देहरादून थे।

सोसल मीडिया में करोड़ो लोगों ने देखी उत्तराखंड की झांकी

सोसल मीडिया के माध्यम से गणतंत्र दिवस परेड में उत्तराखंड की झांकी मानसखंड को देश विदेश में करोड़ो लोगों ने देखा।

क्या है मानसखंड मन्दिर माला मिशन?

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर श्री केदारनाथ और श्री बद्रीनाथ की भांति ही कुमाऊं के प्रमुख पौराणिक महत्व के मंदिर क्षेत्रो में अवस्थापनात्मक विकास के लिए मानसखंड मन्दिर माला मिशन योजना पर काम किया जा रहा है। इन्हें बेहतर सड़कों से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही इस योजना के ज़रिए गढ़वाल और कुमाऊं के बीच सड़क कनेक्टिविटी को भी सुधारा जाएगा, ताकि उत्तराखण्ड में गढ़वाल और कुमाऊं के बीच यातायात सुगम हो।

मानसखंड कॉरिडोर को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि सरकार विभिन्न क्षेत्रों में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मानसखंड कॉरिडोर पर काम कर रही है। सरकार का प्रयास है कि विभिन्न धार्मिक सर्किटों का विकास किया जाए। उन्होंने कहा इसके तहत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आने वाले मुख्य मंदिरों को आपस में जोड़ेंगे एवं सर्किट के रूप में विकसित करके धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा।

इन प्रमुख मंदिरों का होगा विकास

मुख्यमंत्री धामी के विजन के अनुसार पहले चरण में क़रीब 2 दर्जन से अधिक मंदिरों को इसमें शामिल किया गया है। इनमें जागेश्वर महादेव, चितई गोलज्यू मंदिर, सूर्यदेव मंदिर, नंदादेवी मंदिर कसारदेवी मंदिर, झांकर सैम मंदिर पाताल भुवनेश्वर, हाटकालिका मंदिर, मोस्टमाणु मंदिर, बेरीनाग मंदिर, मलेनाथ मंदिर, थालकेदार मंदिर, बागनाथ महादेव, बैजनाथ मंदिर, कोट भ्रामरी मंदिर, पाताल रुद्रेश्वर गुफा, गोल्ज्यू मंदिर, निकट गोरलचौड मैदान, पूर्णागिरी मंदिर, वारही देवी मंदिर देवीधुरा, रीठा मीठा साहिब, नैनादेवी मंदिर, गर्जियादेवी मंदिर, कैंचीधाम, चैती (बाल सुंदरी) मंदिर, अटरिया देवी मंदिर व नानकमत्ता साहिब प्रमुख रूप से शामिल किए गए हैं।

सीएम बच्चों को बोले, प्रधानमंत्री से मिलती है प्रेरणा

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान, देहरादून के सभागार में संस्थान एवं समाज कल्याण विभाग के राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय अधोईवाला के बच्चों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मन की बात सुनी। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वालों को वैश्विक पहचान दिलाने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री जी ने मन की बात में गोवा में 06 से 08 जनवरी 2023 को आयोजित पर्पल फेस्ट का जिक्र किया जिसमें 50 हजार से अधिक लोग शामिल हुए। जिसमें दिव्यांगजनों के लिए अनेक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए अनेक सराहनीय कार्य हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत के प्रस्ताव पर ही संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा हर साल 21 जून को योग दिवस एवं वर्ष 2023 को अन्तरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष मनाने को मंजूरी मिली। उन्होंने कहा कि राज्य में भी जी-20 के तहत जो दो बैठकें होंगी, उनमें मिलेट के व्यंजन भी परोसे जायेंगे। मिलेट को अन्रराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का यह हमारे पास सुनहरा अवसर है।

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ई-कचरा के सही निस्तारण के लिए प्रधानमंत्री जी ने चिंता व्यक्त की है, ई-कचरे को एकत्रित कर उसकी री-साइकिलिंग के लिए ई-बेस टेक्नोलॉजी को हमें राज्य में बढ़ावा देना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा ई-कचरे के लिए रूड़की की एटेरो री-साइकिलिंग की ई-बेस टेक्नोलॉजी का जिक्र किया गया। उन्होंने रूड़की की एटेरो री-साइकिलिंग की ई-बेस टेक्नोलॉजी द्वारा ई-कचरे के लिए विकसित की गई तकनीक की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान एवं राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय अधोईवाला के बच्चों के साथ प्रधानमंत्री की मन की बात सुनकर उन्हें बहुत अच्छा लगा। उन्होंने बच्चों के साथ बातचीत कर उनका हौंसला भी बढ़ाया।

निशंक ने किया ’सांसद खेल महोत्सव’’ का उद्घाटन

प्रेस विज्ञप्ति
दिनांक 28 जनवरी,2023

हरिद्वार। डाॅ0 रमेश पोखरियाल ’निशंक’ सांसद हरिद्वार, पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड व पूर्व शिक्षा मंत्री भारत सरकार ने  गुरूकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के दयानन्द स्टेडियम में एंजेल्स अकादमी सीनियर सेकेण्ड्री स्कूल द्वारा आयोजित दो दिवसीय (28 एवं 29 जनवरी,2023) ’’सांसद खेल महोत्सव’’( कबड्डी, बाॅलीबाॅल, बास्केट बाॅल, खो-खो, बैडमिंटन) का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलित, ध्वजारोहण एवं आकाश की ओर रंग-बिरंगे गुब्बारे छोड़कर मंत्रोच्चारण के बीच किया।
रमेश पोखरियाल ’निशंक’  ने इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये कहा कि आज पूरे देशभर में सांसद खेल महोत्सव का आयोजन एक साथ किया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जिक्र करते हुये कहा कि उनके कुशल नेतृत्व में पूरा देश हर क्षेत्र में विकास कर रहा है। खेलों के क्षेत्र में भी देश के साथ ही हमारे प्रदेश के उदीयमान खिलाड़ी देश व प्रदेश का नाम ऊंचा कर रहे हैं तथा चारों तरफ खेलों का माहौल है। उन्होंने कहा कि सांसद खेल महोत्सव में भी पूरे जिले के खिलाड़ी दोड़ेंगे, खेलेंगे तथा नये कीर्तिमान स्थापित करेंगे।
सांसद हरिद्वार ने कहा कि हमारी सरकार खेलों के विकास के लिये निरन्तर प्रयासरत है तथा खिलाड़ियों को हर क्षेत्र में अवसर प्रदान करने के लिये चार प्रतिशत आरक्षण पर विचार कर रही है। इसके अलावा शीर्षस्थ संस्थान भी अपने संस्थानों में खिलाड़ियों को रोजगार के अवसर प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के लिये अब अवसरों की कमी नहीं है।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये रानीपुर विधायक आदेश चैहान ने कहा कि समय-समय पर आयोजित होने वाले खेल कार्यक्रमों-खेल महाकुम्भ, सांसद खेल महोत्सव आदि के माध्यम से बच्चों को अधिक से अधिक अवसर प्राप्त हो रहे हैं, जिसकी वजह से कई उदीयमान खिलाड़ी सामने आ रहे हैं। उन्होंने हरिद्वार सांसद डाॅ0 रमेश पोखरियाल ’निशंक’ का उल्लेख करते हुये कहा कि उनके सहयोग से रोशनाबाद में वन्दना कटारिया एस्ट्रोटर्फ हाॅकी स्टेडियम प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि भविष्य में रोशनाबाद में राष्ट्रीय स्तर के खेलों का आयोजन हो सके, इसके लिये हमने एक प्रस्ताव भेजा है। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में इस संसदीय क्षेत्र में विकास के कई कार्य हुये हैं, जिसके लिये हमें गर्व है। उन्होंने खिलाड़ियों से लक्ष्य स्थापित कर क्षेत्र, जिला, प्रदेश तथा देश का नाम रोशन करने का आह्वान किया।
जिलाधिकारी  विनय शंकर पाण्डेय ने खेलों के आयोजन की शुभकामनायें देते हुये अमेरिका आदि विकसित देशों का उल्लेख करते हुये कहा कि इन देशों ने आर्थिक विकास के साथ-साथ खेलों के क्षेत्र में भी उतना ही विकास किया है तथा मेडल तालिका में भी ये देश शीर्ष पर रहते हैं। इसलिये आर्थिक विकास के साथ-साथ खेलों के विकास पर भी उतना ही ध्यान देने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने रूपम मधुरम, शीलं मधुरम, मधुराति पते मधुरम-मधुरम…. गीत पर अपनी प्रस्तुति के माध्यम से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
डाॅ0 रमेश पोखरियाल निशंक का गुरूकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के दयानन्द स्टेडियम परिसर पहुंचने पर भव्य स्वागत व अभिनन्दन किया गया। उन्होंने इस मौके पर आयोजित कबड्डी खेल प्रतियोगिता को भी देखा।
’’सांसद खेल महोत्सव’’ में विभिन्न स्कूलों के जिन 700 बच्चों द्वारा द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है, उनमें-स्प्रिंग फील्ड, एच.आर.पब्लिक स्कूल, माॅ सरस्वती स्कूल, होली गंगेज, धूम सिंह, दिक्षा राईसिंग, एंजल एकेडमी, सैंट मैरी, न्यू सेंट थाॅमस, आर्यन हैरीटेज, नेचर इंटर नेशनल, जी.एच.एस.एस.(ब्वायज/गल्र्स), अचीवर्स होम, शाहपुर इंटर काॅलेज, गुरूराम राय, जी.एच.एस.एस.टीला टांडा टारा, शिवडेल जगजीतपुर स्कूल प्रमुख हैं।
इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष संदीप गोयल, पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष डाॅ0 जयपाल सिंह चैहान,  आशीष चैधरी, भाजपा जिला उपाध्यक्ष  लव शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी  प्रतीक जैन, परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण विक्रम सिंह, जिला युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षा दल अधिकारी  मुकेश भट्ट, उप क्रीड़ा अधिकारी  प्रदीप कुमार, अनिल अरोड़ा, सुश्री कमला जोशी, सुश्री रजनी वर्मा, शिव कुमार, सुश्री रश्मि चैहान, पुष्पेन्द्र चैहान, पार्षदगण सहित खेल प्रेमी तथा अभिभावकगण उपस्थित थे।

चारधाम यात्रा तैयारियों को लेकर लोनिवि की समीक्षा बैठक

देहरादून। चारधाम यात्रा को देखते हुए लोक निर्माण विभाग के सभी अधिकारियों और जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जहां-जहां भी सड़क धंस रही है और भूस्खलन की शिकायत मिल रही है उसकी रोकथाम के साथ-साथ पल-पल की रिपोर्ट सरकार को दी जाए।

उक्त बात प्रदेश के लोक निर्माण, पंचायती राज, ग्रामीण निर्माण, पर्यटन, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ यमुना कॉलोनी स्थित प्रमुख अभियंता कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक के दौरान कही। उन्होने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और वर्चुअल जुड़े जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा सुचारू एवं निर्बाध रूप से प्रारंभ होने से पूर्व समय से सभी तैयारियां कर ली जाएं।

समीक्षा बैठक के दौरान लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने अधिकारियों को पर्वतीय जनपदों में सड़कों के अवरुद्ध होने तथा उनके बेहतर रखरखाव के लिए बेलदार ओं की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि उनकी तत्काल नियुक्ति की जाए और विभाग में रिक्त चल रहे पदों को तत्काल भरा जाए।

श्री महाराज ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त मार्ग और पुलों के पुनर्निर्माण का कार्य शीघ्रता से किया जाना चाहिए। बैठक में जोशीमठ मैं हुए भू-धसाव, मारवाडी और हेलंग बाईपास के विषय में चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि चार धाम यात्रा पर जितने भी बाईपास है उन्हें भी पूरी तरीके से दुरुस्त कर लिया जाए।

लोनिवि मंत्री श्री महाराज ने मार्गों के नवनिर्माण में विस्फोटक इत्यादि का प्रयोग न करते हुए नवीनतम तकनीक का प्रयोग करने की भी अधिकारियों को सलाह दी। उन्होने पी०एम०जी०एस०वाई० से लोक निर्माण विभाग को हस्तान्तरित मार्गों के अनुरक्षण के लिए तत्काल धनराशि आवंटित कर प्राथमिकता के आधार पर अनुरक्षण कार्य किये जाने के भी आदेश दिए।

श्री महाराज ने मार्गों को गढ्ढामुक्त बनाये जाने एवं त्वरित गति से अनुरक्षण कार्य किये जाने हेतु गुजरात राज्य की तर्ज पर मोबाइल एप बनाये जाने की सम्भावनायें तलाशे जाने हेतु भी सलाह दी गयी।

बैठक में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, अपर सचिव विनीत कुमार, प्रमुख अभियंता अयाज अहमद, मुख्य अभियन्ताओं, अधिशासी अभियन्ताओं सहित अपर सचिव, आपदा एवं समस्त जनपदों के जिलाधिकारी, विभागीय अधिकारियों द्वारा वर्चुयल माध्यम से प्रतिभाग किया गया।

राजस्व विभाग को उपलब्ध कराई 320 मोटर साइकिल

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में हीरो मोटोकॉर्प लि. द्वारा राजस्व विभाग को उपलब्ध कराई गई 320 मोटर साइकिलों का फ्लैग ऑफ किया। ये मोटर साइकिलें राज्य के पर्वतीय जनपदों के लिए दी गई हैं। राजस्व विभाग के राजस्व उप निरीक्षकों को आपदा कार्यों, कानून व्यवस्था में सहयोग हेतु क्षेत्रीय भ्रमण, राजस्व से सबंधित विभिन्न कार्यों के त्वरित निरस्तारण के लिए ये मोटर साइकिलें दी जा रही हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हीरो मोटोकॉर्प का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राजस्व विभाग के राजस्व उप निरीक्षकों को इन मोटर साइकिल की सुविधा मिलने से जन समस्याओं के निदान एवं विभिन्न कार्यों के लिए क्षेत्रों में भ्रमण करने में सुविधा होगी। राजस्व उप निरीक्षकों को दी गई इस सुविधा से उन्हें कार्यों को शीघ्रता से करने में सुविधा मिलेगी तो दूसरी ओर जन समस्याओं का समाधान भी तेजी से होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं का त्वरित समाधान हो, इसके लिए राज्य सरकार द्वारा प्रक्रियाओं के सरलीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कार्मिकों को भी बेहतर कार्य करने के लिए हर सम्भव सुविधाएं दिये जाने के प्रयास किये जा रहे हैं।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, सचिव एवं आयुक्त राजस्व चन्द्रेश यादव, हीरो मोटोकॉर्प के सी.एस.आर हेड भारतेन्दु कबी, उप राजस्व आयुक्त मो. नासिर एवं सहायक राजस्व आयुक्त के.के. डिमरी उपस्थित थे।

अजेंद्र अजय ने की राहत कार्यो की समीक्षा, लिए सभी के सुझाव

चमोली । जोशीमठ में राहत एवं पुनर्वास कार्यों के पर्यवेक्षण हेतु मा.मुख्यमंत्री के विशेष प्रतिनिधि/बीकेटीसी के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय ने जोशीमठ पालिका सभागार में स्थानीय जन प्रतिनिधियों के साथ बैठक करते हुए राहत कार्यो की समीक्षा की और सभी के सुझाव लिए।

मा.मुख्यमंत्री के विशेष प्रतिनिधि/बीकेटीसी के अध्यक्ष  अजेन्द्र अजय ने कहा कि जोशीमठ हमारी संस्कृति, आस्था और सामरिक दृष्टि से प्रदेश का महत्वपूर्ण नगर है। केन्द्र और राज्य सरकार जोशीमठ आपदा प्रभावित लोगों के लिए गंभीरतापूर्वक काम करते हुए हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है। सरकार द्वारा प्रभावित लोगों के हितों को ध्यान रखते हुए पुनर्वास के लिए भी आदर्श व्यवस्था की जाएगी।

उन्होंने कहा कि जोशीमठ आपदा में सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया है। राहत शिविरों में प्रभावितों के लिए भोजन, पेयजल, चिकित्सा आदि सभी सुविधाएं मुहैया की जा रही है।

सरकार द्वारा प्रभावित भवन स्वामियों को विशेष पुनर्वास पैकेज के तहत अग्रिम धनराशि 1.00 लाख प्रति परिवार तथा प्रभावितों को सामान ढुलाई व तात्कालिक आवश्यकताओं के लिए एकमुश्त विशेष ग्रांट गैर समायोज्य राशि के तहत 50 हजार प्रति परिवार दी गई है। किराएदारों को भी समान ढुलाई हेतु 50 हजार दिए गए है। साथ ही घरेलू सामग्री क्रय हेतु 5 हजार प्रति परिवार की राहत धनराशि तत्काल अवमुक्त करते हुए वितरित की है।

उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा शुरू होने वाली है। जोशीमठ चारधाम यात्रा का मुख्य केन्द्र है। यहां पर सकारात्मक माहौल बनाया जाए। ताकि हमारे स्थानीय लोगों की आजीविका प्रभावित न हो। इस दौरान उन्होंने स्थानीय जन प्रतिनिधियों से महत्वपूर्ण सुझाव भी लिए।

बैठक में जन प्रतिनिधियों एवं स्थानीय गणमान्य नागरिकों ने बैठक को एक अच्छी पहल बताते हुए सरकार द्वारा संचालित राहत कार्यों की सराहना की। उन्होंने पुनर्वास के संदर्भ मे अपने सुझाव भी रखे। कहा कि प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति तक राहत कार्यो की जानकारी दी जाए। इस पर बीकेटीसी के अध्यक्ष ने राहत कार्यो में लगे सभी सेक्टर अधिकारियों के माध्यम से राहत शिविरों में प्रभावित लोगों तक सरकार द्वारा प्रदत्त राहत कार्यो की जानकारी देने के निर्देश दिए। कहा कि प्रभावितों के मन की शंका और समस्याओं का समाधान करें।

इस दौरान जोशीमठ आपदा राहत कार्यो की जानकारी देते हुए मुख्य विकास अधिकारी डा.ललित नारायण मिश्र ने बताया कि जोशीमठ नगर क्षेत्र में भू-धंसाव के कारण अभी तक 863 भवनों को चिन्हित किया गया है जिनमें दरारें मिली है। इसमें से 181 भवन असुरक्षित जोन में है। जोशीमठ में आपदा प्रभावित 278 परिवारों के 933 सदस्यों को सुरक्षा के दृष्टिगत राहत शिविरों में रूकवाया गया है। राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, चिकित्सा इत्यादि मूलभूत सुविधाएं प्रभावितों को उपलब्ध कराई जा रही हैं। वर्तमान तक राहत शिविरों में 851 व्यक्तियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है। शीतलहर को देखते हुए राहत शिविरों में प्रभावितों के लिए हीटर, गरम कपडे, कंबल उपलब्ध कराए जा रहे है। सार्वजनिक स्थानों, चौराहों एवं राहत शिविरों के आसपास 20 स्थानों पर नियमित रूप से अलाव की व्यवस्था की गई है।

प्रभावित परिवारों के तीक्ष्ण एवं पूर्ण क्षतिग्रस्त भवनों, विशेष पुनर्वास पैकेज की अग्रिम धनराशि, सामान ढुलाई व तात्कालिक आवश्यकताओं एकमुश्त विशेष ग्रांट और घरेलू सामग्री क्रय हेतु 571 प्रभावितों क़ो 378.27 लाख की राहत धनराशि वितरित की जा चुकी है।

बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष शैलेंद्र पंवार, माधव प्रसाद सेमवाल, ऋषि प्रसाद सती, सुभाष डिमरी, नितिन व्यास, लक्ष्मण सिंह रावत, नितेश चौहान, जगदीश सती सहित एसडीएम कुमकुम जोशी आदि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने सभी से की है जोशीमठ के प्रभावितों की मदद में आगे आने की अपील

देहरादून। मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी से सचिवालय में एम्मार इंडिया के सीईओ कल्याण चक्रवर्ती ने भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री को कहा कि उनके द्वारा जोशीमठ भू-धंसाव के कारण प्रभावित हुए लोगों की मदद के लिये 100 से 150 प्री फेब्रिकेटेड हटस बनाये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने जोशीमठ के प्रभावितों की मदद के लिये सभी से सहयोगी बनने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में प्रभावितों की मदद करना मानवता की बड़ी सेवा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जोशीमठ क्षेत्र के प्रभावितों को हर संभव मदद करना राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है। प्रभावितों को किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो, उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के साथ त्वरित निराकरण हो, इसके निर्देश सभी सम्बन्धित अधिकारियों को दिये गये हैं। जोशीमठ क्षेत्र के भूगर्भीय जांच आदि में केंद्र एवं राज्य सरकार के सभी संस्थान जुटे हैं। शीघ्र ही इस संबंध में ठोस कार्य योजना पर कार्य किया जायेगा। प्रभावितों के पुनर्वास आदि के स्थायी समाधान के भी प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र का नियोजित विकास भी हमारी प्राथमिकता है। सांस्कृतिक, धार्मिक एवं सामरिक महत्व वाला जोशीमठ क्षेत्र सुरक्षित हो, यह अपने पुराने स्वरूप में लौटे तथा आगामी यात्रा भी सुनियोजित ढंग से संपन्न हो, इस दिशा में भी हमें कार्य करना है।

मीडिया से अनोपचारिक वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह समय जोशीमठ पर राजनीति करने का नहीं बल्कि पीड़ितों की मदद का है। राज्य सरकार हर सम्भव मदद का प्रयास कर रही है। प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी भी लगातार वहां चलाये जा रहे राहत कार्यों की जानकारी ले रहे हैं। उन्होंने पीड़ितों की पूरी मदद का भरोसा दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जोशीमठ के बारे में कई भ्रम फैलाये जा रहे हैं, जो उचित नहीं है। वहां 70 प्रतिशत दुकानें खुली हैं तथा आवश्यक काम काज सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के लोग प्रभावितों की मदद में तैनात हैं। पुनर्वास कार्यों पर कार्य हो रहा है। चार माह बाद चार धाम यात्रा प्रारम्भ होनी है। ऐसे समय में यह संदेश नहीं जाना चाहिए कि पूरा जोशीमठ क्षेत्र ही असुरक्षित है। उन्होंने कहा कि जोशीमठ के बारे में लोगों में संशय की स्थिति पैदा न हो हमें इस पर भी ध्यान देना चाहिए।