खटीमा। मुख्यमंत्री ने खटीमा के नगला तराई स्थित अपने पैतृक खेत में माता जी के साथ कृषि कार्यों में सहभागिता कर किसानों के श्रम और समर्पण को नमन किया। इस दौरान उन्होंने खेत की जुताई और खाद डालने जैसे कृषि कार्यों में भाग लेते हुए किसानों के दैनिक जीवन और उनके अथक परिश्रम को निकटता से अनुभव किया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि खेत में कार्य करते हुए उनके जीवन के वे सरल, संघर्षपूर्ण और प्रेरणादायी दिन पुनः स्मृतियों में जीवंत हो उठे, जब ग्रामीण परिवेश में खेती-किसानी जीवन का अभिन्न हिस्सा हुआ करती थी।
उन्होंने कहा कि देश के अन्नदाता किसान केवल खाद्य सुरक्षा के आधार स्तंभ ही नहीं हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपराओं और ग्रामीण जीवन मूल्यों के सच्चे संवाहक भी हैं। किसानों की मेहनत और समर्पण से ही देश की अर्थव्यवस्था और खाद्य व्यवस्था मजबूत बनी हुई है।
मुख्यमंत्री ने किसानों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को आधुनिक बनाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने किसानों के परिश्रम, त्याग और राष्ट्र निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री की खेत में कृषि कार्य करते हुए तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बने हुए हैं, जहां लोगों ने उनके इस कदम की सराहना की है।
मुख्यमंत्री धामी ने खेत में किया कृषि कार्य, किसानों के परिश्रम को किया नमन

