देहरादून। गढ़वाल सांसद की पहल पर केंद्र सरकार ने पहाड़ के किसानों और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सांसद अनिल बलूनी ने कुछ दिन पूर्व केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री से भेंट कर गढ़वाल क्षेत्र के प्राकृतिक और पारंपरिक कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की मांग रखी थी। उन्होंने मंत्री से आग्रह किया था कि वाणिज्य मंत्रालय की एक विशेषज्ञ टीम गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र का दौरा कर यह संभावनाएं तलाशे कि पहाड़ में उत्पादित मिलेट्स, हल्दी, जड़ी-बूटियों और अन्य प्राकृतिक खाद्य उत्पादों को किस प्रकार देश और दुनिया के बड़े बाजारों तक पहुंचाया जा सकता है। सांसद बलूनी ने यह भी मांग की थी कि गढ़वाल के विशिष्ट उत्पादों की GI टैगिंग कर उनकी ब्रांडिंग की जाए, ताकि इन उत्पादों को एक अलग पहचान मिल सके और इसका सीधा लाभ स्थानीय किसानों और काश्तकारों को प्राप्त हो। इस मांग पर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने पूर्ण सहमति देते हुए त्वरित कार्रवाई की है। सांसद अनिल बलूनी ने जानकारी देते हुए बताया कि केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय की एक टीम कल से गढ़वाल क्षेत्र का दौरा शुरू करेगी। यह टीम विभिन्न जिलों के जिलाधिकारियों, कृषि विशेषज्ञों और स्थानीय काश्तकारों से संवाद करेगी तथा क्षेत्र में प्राकृतिक रूप से उत्पादित होने वाले विशेष कृषि उत्पादों का अध्ययन करेगी। टीम यह भी आकलन करेगी कि इन उत्पादों को किस प्रकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जा सकती है और निर्यात के माध्यम से किसानों की आय को बढ़ाया जा सकता है। माना जा रहा है कि यह पहल पहाड़ की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के साथ-साथ रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। सांसद अनिल बलूनी ने कहा कि उनकी प्राथमिकता गढ़वाल के किसानों, महिलाओं और युवाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार की यह पहल भविष्य में गढ़वाल के उत्पादों को विश्व स्तर पर नई पहचान दिलाएगी और पहाड़ के किसानों की स्थिति में बड़ा बदलाव लाएगी। स्थानीय लोगों और किसानों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे गढ़वाल के विकास और किसानों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
गढ़वाल के किसानों के लिए बड़ी पहल, दुनिया के बाजारों तक पहुंचेगा पहाड़ का उत्पाद

