हरीश चमोली
पुष्कर सिंह धामी एक बार फिर अपने सहज और जनसरोकारों से जुड़े व्यक्तित्व के कारण लोगों के दिलों में जगह बनाते नजर आए। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने न सिर्फ विकास और “स्वर्णिम उत्तराखंड” के संकल्प को दोहराया, बल्कि अपनी सादगी भरे व्यवहार से वहां मौजूद बच्चों का मन भी जीत लिया।
कार्यक्रम में उस समय खास पल देखने को मिला जब मुख्यमंत्री धामी बच्चों के बीच पहुंचे। औपचारिकताओं से परे जाकर उन्होंने बच्चों के साथ घुल-मिलकर बातचीत की और उनके साथ एक मुस्कुराती हुई सेल्फी भी खींची। यह छोटा सा लेकिन भावनात्मक क्षण वहां मौजूद हर व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान ले आया। बच्चों की खुशी और उत्साह यह साफ दिखा रहा था कि नेता जब सहजता से लोगों से जुड़ते हैं, तो वह संबंध दिलों तक पहुंच जाता है।
धामी का यह व्यवहार केवल एक क्षणिक घटना नहीं, बल्कि उनके नेतृत्व शैली की झलक है। वे अक्सर युवाओं और बच्चों के साथ संवाद को प्राथमिकता देते हैं, जिससे उनमें आत्मविश्वास और राज्य के प्रति जुड़ाव की भावना मजबूत होती है।
कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने “स्वर्णिम उत्तराखंड” के निर्माण की दिशा में राज्य की उपलब्धियों और योजनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मजबूत बुनियादी ढांचा, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों को बढ़ाकर राज्य की सशक्त नींव तैयार की जा रही है। उनका विश्वास है कि विकास की यह यात्रा तभी सफल होगी, जब इसमें हर वर्ग खासकर युवा और बच्चे सक्रिय भागीदार बनें।
धामी का मानना है कि बच्चों के सपनों को संजोना और उन्हें प्रोत्साहित करना ही भविष्य के उत्तराखंड को मजबूत बनाता है। यही कारण है कि वे अक्सर ऐसे कार्यक्रमों में बच्चों के साथ समय बिताकर उन्हें प्रेरित करने का प्रयास करते हैं।
एक ओर जहां मुख्यमंत्री राज्य के विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में काम कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनकी सरलता और अपनापन उन्हें जनता के और करीब ले आता है। यही गुण उन्हें सिर्फ एक नेता ही नहीं, बल्कि लोगों के दिलों में बसने वाला जननायक बनाते हैं।
बच्चों संग मुस्कुराते धामी: सहजता, संवेदनशीलता और विकास दृष्टि से दिलों में बसते उत्तराखंड के मुख्यमंत्री

