धन सिंह रावत ने ली उच्च शिक्षा विभाग की बैठक 

देहरादून। उच्च शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डाॅ0 धन सिंह रावत ने विधान सभा स्थित कार्यालय कक्ष में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की। शासन स्तर की समीक्षा में डाॅ0 धन सिंह रावत ने निर्देश दिया कि 19 महाविद्यालयों के कार्य अपूर्ण हैं, सम्बन्धित अपूर्ण कार्य 31 मार्च, 2020 तक पूर्ण कर लिया जाए। इस संबंध में सचिव उच्च शिक्षा को निर्देश दिया कि महाविद्यालयों के प्राचार्यों, नियोजन विभाग एवं वित्त विभाग की एक बैठक बुला ली जाए। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में 877 पदों के लिए अधियाचन भेजा गया था। न्यायालय का रास्ता खुलने के बाद रिक्त पदों पर शीघ्र नियमित एसिस्टेंड प्रोफेसरों की नियुक्ति कर दी जायेगी।
बैठक में कहा गया कि जिन महाविद्यालयों में पद स्वीकृत हैं, किन्तु छात्र नहीं हैं उन पदों को आवश्यकतानुसार अन्य महाविद्यालयों में भेजा जाए। इसके अलावा 17 महाविद्यालयों में स्ववित्त पोषित गवर्निंग बाॅडी की बैठक भी आयोजित करने का निर्देश दिया। इस अवसर पर सचिव उच्च शिक्षा अशोक कुमार, संयुक्त सचिव एम.एन. सेमवाल और संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा कुमकुम रौंतेला इत्यादि अधिकारी मौजूद थे।

खोज निकाले दो करोड़ रु के 1643 मोबाइल फोन

देहरादून। आम जनमानस के मोबाईल फोन खोने, गुम होने की बढ़ती शिकायतों के दृष्टिगत अशोक कुमार, महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था के निर्देशन में माह नवम्बर 2017 को साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन, देहरादून में मोबाइल रिकवरी सेल का गठन किया गया।
 सेल द्वारा प्रदेश के साथ-साथ अन्य प्रदेशों के निवासीगणों के मोबाइल फोन खोने, गुम होने की शिकायतें प्राप्त हुई। मोबाइल रिकवरी सेल द्वारा पुलिस के अत्याधुनिक तकनीकों का प्रयोग करते हुये विगत वर्ष 2019 में कुल 781 मोबाइल फोन बरामद किये गये हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 97,62,500 रुपये है। उक्त बरामद मोबाइलों को उनके मोबाइल धारकों को समय-समय पर सुपुर्द किया गया। मोबाइल रिकवारी सेल द्वारा माह नवम्बर 2017 में स्थापना के पश्चात अभी तक कुल 1643 मोबाइल फोन बरामद कर मोबाइल धारकों के सुपुर्द किये जा चुके हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 2,05,37,500 रूपये है। अशोक कुमार, महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, उत्तराखण्ड ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि आप मोबाइल फोन खोने, गुम होने की सूचना साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन, निकट फायर स्टेशन, गांधी रोड, देहरादून पर स्वयं आकर, साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन, देहरादून की आधिकारिक ई-मेल आई0डी0 बबचे.कमी पर या मोबाइल नम्बर 9456591502 पर दर्ज करा सकते हैं। इसके साथ ही आप साईबर क्राईम पोर्टल के माध्यम से भी सूचना दर्ज करा सकते हैं।

डीजीपी से मिले पुलिस के पदक प्राप्त खिलाड़ी

देहरादून। पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक अनिल के0 रतूड़ी द्वारा उत्तराखण्ड पुलिस के विभिन्न प्रतियोगिताओं में पदक प्राप्त खिलाड़ियों से मिलकर उन्हें शुभकामनाएं देते हुये भविष्य में होने वाली प्रतियोगिताओं के लिए कड़ी मेहनत व लगन से अभ्यास करने व स्वर्ण पदक प्राप्त करने हेतु प्रेरित किया गया। महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था एवं सचिव उत्तराखण्ड पुलिस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड अशोक कुमार ने कहा कि हमारे खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में पदक जीतकर देश और प्रदेश को गौरवान्वित कर रहे हैं, जिन पर हमें गर्व है। इस अवसर पर सभी खिलाडियों ने आश्वस्त किया कि आने वाले प्रतियोगिताओं में एक बार फिर से उत्तराखण्ड पुलिस का नाम रोशन करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगें।
मुलाकात करने वाले खिलाड़ियों में से 07 दिसम्बर 2019 से 04 जनवरी, 2020 तक भोपाल, मध्यप्रदेश में आयोजित हुई 63वीं नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में  उपनिरीक्षक हेमलता सेमवाल ने 10 मीटर एयर पिस्टल (टीम इवेन्ट) में रजत पदक अर्जित किया। 26 दिसम्बर 2019 से 30 दिसम्बर 2019 तक जम्मू में आयोजित हुई 28वीं सीनियर नेशनल वुशु चैम्पियनशिप में 90 कि0ग्रा0 वर्ग में आरक्षी लवीश कुमार ने कांस्य पदक और 75 कि0ग्रा0 वर्ग में महिला आरक्षी नेहा बिष्ट ने 4 अखिल भारतीय पुलिस जूडो क्लस्टर वुशु में कांस्य पदक अर्जित किया। 03 जनवरी 2020 से 07 जनवरी 2020 तक नई दिल्ली में आयोजित हुए 4वीं अखिल भारतीय पुलिस जूडो क्लस्टर वुशु में 75 कि0ग्रा0 वर्ग में महिला आरक्षी नेहा बिष्ट ने कांस्य पदक और 65 कि0ग्रा0 वर्ग में आरक्षी शुभम चैधरी ने कांस्य पदक अर्जित किया। जुडो में 69 कि0ग्रा0 वर्ग में महिला मुख्य आरक्षी शैली मनराल ने कांस्य पदक अर्जित किया। जिमनास्टिक्स में वॉल्टिंग टेबल में आरक्षी सुनील रमोला ने रजत पदक और पोम्मेल घोड़ा में मुख्य आरक्षी कृपाल सिंह ने रजत पदक अर्जित किया।

ई-कैबिनेट प्रणाली लागू, राज्य कैबिनेट की बैठक में लिए गए कई  निर्णय 

देहरादून। उत्तराखंड में कैबिनेट की बैठकों के लिए ई-कैबिनेट प्रणाली लागू हो गई है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ई-कैबिनेट प्रणाली की शुरुआत की। ई-कैबिनेट का उद्देश्य समयबद्ध ढंग से कार्रवाई करना, लेस पेपर व्यवस्था को प्रोत्साहित करना और संस्थागत मैमोरी को विकसित करना है। इसके प्रयोग से जहां पर्यावरण मित्र के माध्यम से कागज की बचत होगी। वहीं, संस्थागत मैमोरी द्वारा पूर्व की कैबिनेट जानकारी को प्राप्त करना भी आसान होगा। ई-कैबिनेट, ई-गवर्नेंस और पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। गन्ना समर्थन मूल्य को मंजूरी दी गई है।     भविष्य में होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में कागज की जगह अब ऑनलाइन प्रस्ताव बनकर जाएगा। गोपन विभाग ने ई-कैबिनेट के लिए पोर्टल तैयार कर दिया है। बैठक से संबंधित सामान्य सूचनाएं, स्थान और समय पोर्टल, एसएमएस और ईमेल के माध्यम से मंत्रिमंडल को अवगत करवाया जाएगा। प्रणाली का इस्तेमाल करने वालों का ई-अकाउंट होगा। इस पर सभी की लॉगइन आइडी तैयार की गई है। बैठक का कार्यवृत्त और निर्णयों को ऑनलाइन अपलोड और जारी किया जाएगा। मंत्रिमंडल की टिप्पणियों की केवल दो प्रतियां गोपन विभाग के लिए जारी होंगी, जबकि विभागों को डिजिटल स्वीकृतियां मिलेंगी। गंगा गाय महिला डेयरी का लाभ कॉपरेटिव के सभी सदस्यों को मिलेगा, महिलाओं को इसमें प्राथमिकता दी जाएगी। राजकीय महाविद्यालय में खाली पड़े प्रवक्ता के पदों पर एक साल के लिए अनुबंध के तहत भरने पर लगी मुहर, पद भरने का अधिकार प्राचार्य को दिया गया है। केदारपुरी में आपदा प्रभावितों के लिए राज्य सरकार भवन बनाएगी, पहले सीसीआर से भवन निर्माण को सरकार ने दी थी मंजूरी। मानसरोवर यात्रा के लिए उत्तराखंडवासियों को 25 हजार की जगह 50 हजार का अनुदान मिलेगा।  गन्ने के समर्थन मूल्य को कैबिनेट ने दी मंजूरी दे दी है।

164 करोड़ लागत की मेहूॅवाला क्लस्टर पेयजल योजना का शिलान्यास किया 

देहरादून, आजखबर। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रविवार को जूनियर हाई स्कूल बनियावाला में 164 करोड़ लागत की मेहूॅवाला क्लस्टर पेयजल योजना का शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने हरिओम आश्रम कड़वापानी की गोशाला के लिए 25 लाख की धनराशि प्रदान की। उन्होंने मीठीबेरी-परवल मोटर मार्ग का नाम शहीद गजेन्द्र सिंह बिष्ट के नाम पर रखे जाने के साथ ही सेलाकुई क्षेत्र की आन्तरिक सड़कों के निर्माण आदि से सम्बन्धित विभिन्न विकास योजनाओं की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाओं का क्रियान्वयन हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने जल संरक्षण एवं जल संवर्धन के लिए जन सहभागिता को जरूरी बताते हुए कहा कि छोटे-छोटे प्रयासों से हम पानी बचाने की बड़ी पहल कर सकते हैं। इसके लिए हमें वर्षाजल संग्रहण की दिशा में गंभीरता से सोचना होगा। धरती की पानी को धारण करने की भी सीमित क्षमता है। धरती के जीवन को बचाने के लिए भी यह जरूरी है। उन्होंने कहा कि जमरानी, कोसी, सौंग, सूर्यधार, मलढुंग जैसे बांधों से ग्रेविटी आधारित पेयजल उपलब्ध कराने में हम सफल होंगे। उन्होंने सभी से यह भी अपेक्षा की कि वह अपना घर बनाते समय उसमें वर्षा जल संग्रहण तकनीकी को भी प्रयोग में लायें। साथ ही अपने घरों के आस-पास चैड़ी पत्ती वाले पौधे लगाएं।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि घर के पानी की रिसाईक्लिंग पर ध्यान देने का आह्वान प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा भी राष्ट्रीय साइंस कांग्रेस के उद्घाटन अवसर पर किया गया हैं। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल जी ने भी कहा था कि दुनिया में तीसरा युद्ध यदि होगा, तो पानी के लिए होगा। इससे पानी के महत्व को समझा जा सकता हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा जल संग्रहण का सबसे बड़ा उदाहरण जलगांव हैं, जहां पर 700 एम.एम. वर्षा जल का तकनीकी दक्षता के साथ बेहतर उपयोग किया गया हैं। राज्य के अधिकारियों को इस तकनीकि की जानकारी प्राप्त करने के लिए भी वहां भेजा गया था।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य के विकास में केन्द्र सरकार द्वारा पूरा सहयोग किया जा रहा है। राज्य को 20 हजार करोड़ की फण्डिंग विभिन्न योजनाओं के लिए प्राप्त हुई हैं। सेन्ट्रल रोड फण्ड के अन्तर्गत पिछले 17 सालों में जितनी धनराशि मिली है, उतनी ही धनराशि राज्य को एक साल में प्राप्त हुई हैं। उन्होंने कहा कि जन सहयोग से सकारात्मक सोच के साथ हम राज्य को विकास की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं। स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी गंभीर प्रयास किये गये हैं। रूद्रपुर, हरिद्वार एवं पिथौरागढ़ में मेडिकल कॉलेज स्थापित किये गये हैं। हल्द्वानी कैंसर अस्पताल के साथ ही हरिद्वार में 100 बेडों का महिला अस्पताल बनाया गया है। इससे राज्य में स्वास्थ्य सुविधायें बेहतर होगी।
इस अवसर पर सचिव पेयजल अरविन्द सिंह ह्यांकी ने बताया कि उत्तराखण्ड पेयजल कार्यक्रम के अंतर्गत मेहूॅवाला क्लस्टर पेयजल योजना की लागत रू0 163.98 करोड़ हैं। योजना के अन्तर्गत 20 नये नलकूप, 06 नये अवर जलाशय एवं 329.96 किलोमीटर पाईप लाईन का निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं एवं साथ ही योजना के अन्तर्गत 05 पूर्व निर्मित नलकूप एवं 03 पूर्व निर्मित अवर जलाशय भी प्रयोग में लाये जायेगें। इस योजना से जनपद देहरादून के विकास खण्ड रायपुर एवं सहसपुर की 24-24 बस्तियों हेतु पेयजल की व्यवस्था 100 से 135 लीटर प्रति व्यक्ति प्रति दिन के आधार पर करने का प्रावधान किया गया हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना के अन्तर्गत स्वचालित वाटर मीटर एवं स्वचालित मीटर रीडिंग अंकन हेतु व्यवस्थायें प्रस्तावित किये जाने का प्राविधान किया गया है। योजना में 24ग7 आधार पर न्यूनतम 16 घण्टे नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करते हुए निर्धारित दबाव पर पेयजल उपलब्ध कराया जायेगा। योजना के सभी निर्माण कार्य 24 महीने में पूर्ण किये जायेंगे तथा तीन महीने के ट्रायल रन अवधि के पश्चात् योजना का रख-रखाव निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदारध्कम्पनी एवं कार्यदायी संस्था द्वारा किया जायेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी द्वारा विश्व बैंक पोषित अर्द्धनगरीय क्षेत्रों हेतु उत्तराखण्ड पेयजल कार्यक्रम के अर्न्तगत अर्द्धनगरीय क्षेत्रों की पेयजल योजनाओं का निर्माण कराने के लिए कार्यक्रम (2018-2023) का शुभारंभ किया गया था जिसके अर्न्तगत उत्तराखण्ड पेयजल निगम द्वारा उत्तराखण्ड राज्य के अन्दर 15 पेयजल योजनाओं एवं उत्तराखण्ड जल संस्थान द्वारा 07 पेयजल योजनाओं का निर्माण कार्य प्रस्तावित किया गया। इस अवसर पर सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक सहसपुर सहदेव पुण्डीर, विधायक धर्मपुर विनोद चमोली ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनता उपस्थित थी।

सड़क के किनारे मिली अधजली लाश, खुलासा

देहरादून। शिमला बाईपास स्थित गणेशपुर गांव के समीप सड़क किनारे रविवार सुबह युवती की मिली अधजली लाश के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। युवती की हत्या उसके प्रेमी द्वारा की गई। आरोपी युवक का युवती से पिछले कुछ वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था, युवक उससे शादी करन चाहता था लेकिन उसके परिजनों द्वारा युवती की सगाई किसी अन्य युवक के साथ कर दी गई, जिससे उसने उसके साथ बातचीत करना बंद कर दिया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसने युवती की हत्या करना स्वीकार कर लिया है।
शिमला बाईपास स्थित गणेशपुर गांव के समीप सड़क किनारे रविवार सुबह युवती की अधजली लाश मिली। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके में पहुंची एसपी सिटी ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तेजी से जांच शुरू कर दी है। उसके हाथों में तीन से चार अंगुठियां भी बरामद हुई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शव का एक हाथ का आधा हिस्सा कटा हुआ था। साथ ही चेहरे पर कई निशान थे। मौके पर पहुंची पुलिस की फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। मृतका की शिनाख्त के लिए उसके हुलिये से मिलती युवती की गुमशुदगी के संबंध में थानो से जानकारी प्राप्त की गई। सभी बीट कांसटेबलों को व्हाट्सअप के माध्यम से फोटो भेजते हुए ऐसी युवतियों के संबंध में जानकारी हासिल करने के निर्देश पुलिस के आला अफसरों द्वारा दिए गए जो कि घर से गुमशुदा हों और गुमशुदगी की पुलिस को कोई सूचना न दी गई हो। इस पर गोरखपुर क्षेत्र के टी स्टेट से एक युवती के कज सायं से अपने घर से चले जाना व वापस न आना प्रकाश में आया, जिस पर पुलिस ने उक्त युवती के परिजनों से संपर्क कर उन्हें मौके पर बुलाया। जिनके द्वारा मृतका की पहचान रीना काल्पनिक नाम निवासी गोरखपुर टी स्टेट बडोवाला के रूप में की गई। बताया कि उनकी पुत्री 4 जनवरी 2020 की सांय करीब 3 बजे घर से बिना बताए कहीं चली गई थी। जिस पर पुलिस द्वारा उक्त समय मृतका के घर के आस पास व अन्य क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज चैक किए गए। जिसमें युवती एक युवक के साथ जाती हुई दिखाई दी। फुटेजों को मृतका के परिजनों को दिखाने पर उनके द्वारा फुटेज में दिख रहे युवक की पहचान घर के पास में ही रहने वाले उस्मान कुरैशी के रूप में की गई। बताया की उनकी पुत्री का विगत कुछ वर्षों से उस्मान के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। पुलिस द्वारा उस्मान की तलाश की गई। मुखबिर की सूचना पर उस्मान को आईएसबीटी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। उसने युवती की हत्या करना स्वीकार किया है। उस्मान ने बताया कि उसका मृतका के साथ पांच साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। वह उससे विवाह करना चाहता था लेकिन तीन-चार माह पूर्व उसके परिजनों ने उसकी सगाई किसी और के साथ कर दी, जिस पर उसने उससे बातचीत करना बंद कर दिया। इस पर उसने उसकी हत्या कर दी।

हल्द्वानी। केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि नागरिक संशोधन कानून देश की जरूरत है। इस कानून से देश मे किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है। पाकिस्तान, अफगानिस्तान व बंग्लादेश में अलपसंख्यकों पर बड़ रहे उत्पीड़न को ध्यान में रखते हुए उन्हें भारत की नागरिकता दिलाने के लिए यह कानून बनाया गया है।
भाजपा के कुमाऊं संभाग कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए डॉ. निशंक ने कहा कि इस कानून का विरोध केवल राजनैतिक पार्टियां और कुछ लोग ही कर रहे हैं। देश की जनता को इनके भ्रमजाल से बाहर निकलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस कानून की आड़ में शैक्षिक संस्थानों को निशाना बनाया जा रहा है। देश के बड़े शैक्षणिक संस्थानों को राजनीति का अड्डा नहीं बनाने दिया जाएगा। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वह सीएए के समर्थन में आगे आएं। कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में हमें विश्व रैंकिंग पर जाना है। इसीलिए विपक्षी दल शैक्षणिक संस्थानों को राजनीति का अखाड़ा बनाने में लगे हुए हैं। केंद्रीय मंत्री ने का कि वर्तमान में कांग्रेस की स्थिति बुझते हुए दिए की तरह हो चुकी है। इसीलिए कांग्रेस के नेता सीएए को लेकर देश की जनता को गुमराह करने में लगे हुई है। उन्होंने कहा कि देश के सत्तर साल के इतिहास में उत्तराखंड में अब तक सबसे अधिक विकास कार्य केंद्र की मोदी सरकार के शासन में हुए हैं।

भ्रांतियों को दूर करने को स्वयं सड़क पर उतरे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष

देहरादून। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट आज स्वयं यमुना कॉलोनी कुमार मंडी क्षेत्र में नागरिकता संशोधन कानून के संबंध में भ्रांतियों को दूर करने हेतु स्वयं सड़क पर उतरे। क्षेत्र में घर-घर, दुकान-दुकान जाकर उन्होंने स्थानीय नागरिकों को पत्रक देते हुए विपक्षी दलों के दुष्प्रचार से सावधान रहने को कहा।  भट्ट ने लोगों से कहा कि उपरोक्त कानून से किसी भी भारतीय का अहित होने वाला नहीं है बल्कि पाकिस्तान अफगानिस्तान बांग्लादेश के प्रताड़ित एवं मजलूम लोगों को इससे जीवन जीने में मदद मिलेगी ननकाना साहब पर हुए हमले का जिक्र करते हुए उन्होंने लोगों को बताया कि किस प्रकार अल्पसंख्यकों के धार्मिक हित इन देशों में सुरक्षित नहीं है। विपक्ष लगातार मिली हार से बौखलाया हुआ है उसे यह भी समझ में नहीं आ रहा है कि तीन तलाक धारा 370 राम मंदिर के मसले बिना किसी विवाद के हल कैसे हो गए विपक्ष अपनी हताशा व निराशा के चलते भोले भाले नागरिकों को गुमराह कर रहा है। ज्ञात हो कि भारतीय जनता पार्टी उत्तराखंड  ने अपने प्रत्येक कार्यकर्ता को 10 परिवारों में जनसंपर्क हेतु  और आगामी 3 महीनों तक चलने वाले नागरिकता अभियान में शरणार्थियों की मदद करने को कहा है। जनसंपर्क में प्रदेश अध्यक्ष के साथ 20 सूत्रीय कार्यक्रम उपाध्यक्ष नरेश बंसल, महानगर भाजपा अध्यक्ष सीताराम भट्ट, पार्षद सचिन गुप्ता, भाजपा मंडल अध्यक्ष बबलू बंसल, पीएल सेठ, कुलदीप विनायक, सुरेश प्रजापति, कमल प्रजापति, शिवम राणा, सुमन सेवाई, शिखा थापा, राजकुमार तिवारी, ज्योति प्रजापति, पंकज प्रजापति, देवनाथ, भारत भूषण आदि शामिल रहे।

250 करोड़ की कार्ययोजना के प्रस्ताव का अनुमोदन 

देहरादून। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में प्रतीकरात्मक वनरोपण निधि प्रबन्धन और नियोजन प्राधिकरण (उत्तराखण्ड कैम्पा) संचालन समिति की तृतीय बैठक आयोजित हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2020-21 की 250 करोड़ की कार्ययोजना के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
कैम्पा की वर्ष 2020-21 की कार्ययोजना के तहत जोनल स्तर से प्राप्त प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा के उपरान्त कार्यकारी समिति द्वारा प्रस्तुत 250 करोड़ की कार्ययोजना के प्रस्ताव का संचालन समिति द्वारा अनुमोदन किया गया। जिसमें निम्न कार्यों का प्राविधान किया गया है जिसके अन्तर्गत  मुख्यमंत्री  की प्राथमिकता वाली योजना नदियों का पुनर्जीवन मद में कोसी, शिप्रा, खोह व नयार नदियों के उपचार हेतु प्राविधान किया गया तथा कुंभ मेले के आयोजन मे मानव वन्य जीव संघर्ष की रोकथाम के दृष्टिगत हाथियों की रेडियो कॉलरिंग, हाथी खाई खुदान एवं अन्य सुरक्षात्मक कार्यो का प्राविधान किया गया। अनुमोदन के प्रस्ताव में वर्षा जल संग्रहण के अन्तर्गत जलकुण्डों, तालाबों, चैकडैम धारा नौला का विकास स्पिंरंग रिचार्ज आदि कार्य प्राविधानित है। एक अन्य अनुमोदित योजना में 3000 हैक्टयर क्षतिपूरक वनीकरण का प्राविधान शामिल है तथा उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बुग्यालों के संरक्षण एवं संवर्द्धन कार्यो हेतु प्राविधान किया गया है। अनुमोदित कार्ययोजना में सिटी फारेस्ट की स्थापना तथा वनों का सर्वेक्षण एवं सीमाकंन का कार्य भी प्राविधानित है एवं प्रदेश में संचालित कैट प्लानों हेतु प्राविधान किया गया है। बैठक में कैम्पा की संचालन समिति के सदस्य प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण आनन्द वर्द्धन, सदस्य सचिव वित्त सौजन्या जावलकर, सदस्य प्रमुख वन संरक्षक (हाफ) जय राज, सदस्य, अपर प्रमुख वन संरक्षक क्षेत्रीय कार्यालय वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार पंकज अग्रवाल,सदस्य मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक सदस्य राजीव भरतरी, सदस्य नोडल अधिकारी (प्रमुख वन संरक्षक वन पंचायत) रंजना काला, सदस्य अपर प्रमुख वन संरक्षक जे.के शर्मा उपस्थित थे।

मसूरी में हुआ साल का पहला हिमपात 

देहरादून। उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। अधिकांश जिलों में बादल छाए हैं। मसूरी में साल का पहला हिमपात हुआ है। बर्फ दो से तीन इंच तक जम चुकी है। वीकेंड के चलते मसूरी में काफी पर्यटक पहुंचे। काफी संख्घ्या में पर्यटक पहले से ही मसूरी में रुके हुए हैं।
मसूरी में सुबह 10.30 बजे से बर्फ की फाहे गिरनी शुरू हुई। तापमान में आई भारी गिरावट के चलते ठंड बढ़ बढ़ गई है। मुख्य बाजार की छतों पर बर्फ जमने शुरू हो गई, वहीं मसूरी में बर्फ गिरने से पर्यटक काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं। पर्यटकों ने बर्फ में काफी एंजॉय किया। हरियाणा से आई पर्यटक रंजना का कहना था कि उन्होंने बर्फ को कभी भी गिरते हुए नहीं देखा और मसूरी आकर उनका यह सपना पूरा हो गया, जिससे वह और उनका परिवार काफी उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि यहां पर कंप कपाती ठंड पड़ गई है लेकिन बर्फ को लेकर इतने उत्साहित हैं कि उन्हें ठंड का भी एहसास नहीं हो रहा है। उन्होंने आने वाले पर्यटकों से अपील की है कि वे यहां आकर बर्फ का इंजॉय करें। उत्तराखंड में मौसम इन दिनों अठखेलियां कर रहा है। नया साल लगने के साथ ही जहां मौसम ने करवट बदली और दो जनवरी को प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात हुआ तो मैदानों में भी झमाझम बारिश हुई। जिससे ठंड में भी बढ़ोत्तरी हो गई। धनोल्टी और सुरकंडा की पहाडियों पर हुए हिमपात के बाद यहां पर्यटकों की आमद बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार छह और सात जनवरी को प्रदेश में मध्यम से भारी हिमपात हो सकता है।