जग में सत्यवादी जीव ही सुखी दिखाई देते

देहरादून । पर्यूषण पर्व के चौथे दिन उत्तम सत्य धर्म के शुभ अवसर पर 108 मुनि श्री विबुद्ध सागर एवम 105 क्षुल्लक श्री समर्पण सागर जी महाराज के परम सानिध्य में रोजाना की तरह जैन धर्मशाला में जिन मंदिर में, सरनीमल मंदिर, माजरा मंदिर एवं अन्य मंदिरों में यथावत पूजन प्रतिष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं। जिसमें श्रद्धालु बढ़-चढ़कर भक्ति भाव से पूजा अर्चना कर रहे हैं वहीं एक तरफ साँयकालीन में भव्य आरती एवं मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित संस्थाओं द्वारा किए जा रहे हैं।
10 लक्षण धर्म के चौथे सत्य धर्म के बारे में श्रद्धालुओं को ज्ञान देते हुए 108 श्री विबुद्ध सागर जी एवं 105 ही समर्पण सागर जी ने अपने मुखारविंद से प्रवचन दिए और कहा कि हमें किसी को भी कठिन वचन नहीं बोलना चाहिए। निंदा, झूठ इन दोनों का भी सर्वथा त्याग करना चाहिए। सत्य, वचन और हित मित् प्रिय वचन ही बोलना चाहिए क्योंकि जग में सत्यवादी जीव ही सुखी दिखाई देते हैं। दूसरे के साथ विश्वासघात नहीं करना चाहिए। सत्य बोलने वाले बेशक कटु लगते हैं लेकिन सच्चे मित्र और सच्चे व्यक्ति वही होते हैं सत्य स्वरूपी आत्मा को पहचान कर उसमें ही लीन हो ना वही उत्तम सत्य धर्म की यथार्थ प्रगटता है। इस अवसर पर जैन वन मंत्री संदीप जैन ने कहा कि नित्य प्रतिदिन सभी संस्थाओं द्वारा एक से बढ़कर एक कार्यक्रम दिए जा रहे हैं जो अत्यंत सराहनीय है। इसी क्रम में आज महिला जैन मिलन द्वारा भव्य थाल सजाओ मंगलाचरण एवं नन्हे-मुन्ने बालकों द्वारा जैन भजनों पर सुंदर एवं मनमोहक नृत्य किए गए। इस अवसर पर मीडिया प्रभारी मधु जैन, संयोजक आशीष जैन, अर्जुन जैन, महामंत्री हर्ष जैन, भारतीय जैन मिलन के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन नरेश जैन, ममलेश जैन, सुखमाल जैन, रचना जैन, शेफाली जैन, अलका जैन, कार्यक्रम संयोजिका प्रीति जैन, पायल जैन, सुनीता जैन, सुप्रिया जैन, प्रियंका जैन, अनुपमा जैन, अंजलि जैन, रेखा जैन, जूली जैन, रश्मि जैन, संगीता जैन, मुकेश जैन, नित्या जैन, आराध्या जैन, विदुषी जैन, शाश्वत जैन, वेदांश जैन, अनंत जैन, प्रज्ञा जैन, मिस्टी जैन, रश्मि जैन, प्रिया जैन शामिल हुए।

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