गोपेश्वर। जनपद चमोली के मुख्यालय गोपेश्वर स्थित अशासकीय विद्यालयों का बुधवार अपराह्न मुख्य शिक्षा अधिकारी आकाश सारस्वत द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान खण्ड शिक्षा अधिकारी दशोली पंकज उप्रेती भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने विद्यालयों में शुल्क संरचना, शुल्क में पारदर्शिता, अनावश्यक शुल्क वसूली पर रोक, अभिभावकों से संवाद, तथा निर्धारित बोर्ड मानकों के अनुसार पाठ्यक्रम संचालन जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं की गहन समीक्षा की। मुख्य शिक्षा अधिकारी ने पीस पब्लिक स्कूल और सुबोध प्रेम विद्या मंदिर गोपेश्वर का निरीक्षण करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि नर्सरी से कक्षा 12 तक की पूरी शुल्क संरचना सार्वजनिक की जाए। यह जानकारी विद्यालय के सूचना पट्ट और मुख्य प्रवेश द्वार पर अनिवार्य रूप से चस्पा की जाए, साथ ही विद्यालय की वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराई जाए ताकि अभिभावकों को आसानी से पूरी जानकारी मिल सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुनः प्रवेश शुल्क और मनमानी शुल्क वृद्धि पूर्णतः प्रतिबंधित है। छात्रों की फीस और कर्मचारियों का वेतन केवल बैंक माध्यम से ही लेन-देन किया जाए। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए गए। विद्यालय परिसर के प्रमुख स्थानों, प्रवेश द्वार, गलियारों, कक्षाओं, खेल मैदान और विद्यालय बसों में सीसीटीवी कैमरों की नियमित निगरानी और रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही बसों में निर्धारित क्षमता से अधिक छात्रों को न बैठाने को कहा गया। मुख्य शिक्षा अधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि पाठ्य पुस्तकों और गणवेश की खरीद के लिए किसी एक दुकानदार को अनिवार्य न बनाया जाए। विद्यालयों में केवल सीबीएसई और उत्तराखंड बोर्ड की निर्धारित पुस्तकों का ही उपयोग किया जाए। शिकायत एवं सुझाव पेटी का साप्ताहिक अवलोकन कर अभिभावकों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। निरीक्षण के दौरान विद्यालयों के शौचालयों की स्थिति का भी जायजा लिया गया। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि छात्र-छात्राओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शौचालयों में नियमित साफ-सफाई, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, साबुन की उपलब्धता और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जाए। इस औचक निरीक्षण से विद्यालयों में व्यवस्था सुधार और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में प्रशासन की सख्ती स्पष्ट रूप से सामने आई है।
गोपेश्वर में अशासकीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण, शुल्क पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर सख्त निर्देश

