Header Banner
ताज़ा ख़बरें

भगवान बदरीविशाल के लिए सुहागिन महिलाओं ने पिरोया तिल का तेल

देहरादून। बदरीनाथ के कपाट खुलने की प्रक्रिया से संबंधित कार्य मंगलवार से शुरू हो गए हैं। उत्तराखंड की आस्था और परंपरा का प्रतीक भगवान बदरी विशाल की नित्य महाभिषेक पूजा के लिए प्रयोग होने वाले पवित्र तिलों के तेल को टिहरी राजदरबार, नरेंद्र नगर में विधि-विधान के साथ पिरोना शुरू हो गया है। इस विशेष धार्मिक अनुष्ठान में टिहरी महारानी माला राज्य लक्ष्मी शाह के साथ में अन्य सुहागिन महिलाओं ने भाग लिया और परंपरागत तरीके से तिलों का तेल तैयार किया। 8 अप्रैल से गाडू घड़ा कलश यात्रा की शुरुआत होगी।
बदरीनाथ के डिमरी पुजारी समुदाय के अध्यक्ष आशुतोष डिमरी ने बताया कि, इस प्रक्रिया में 8 अप्रैल को ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती भी शामिल होंगे। जिससे इस आयोजन का धार्मिक महत्व और अधिक बढ़ गया है। तैयार किया गया यह पवित्र तेल भगवान बदरी विशाल के तेल कलश गाडू घड़ा में भरा जाएगा।
गाडू घड़ा कलश कल शोभायात्रा के साथ नरेंद्र नगर से बदरीनाथ धाम के लिए प्रस्थान करेगा। यह यात्रा दो चरणों में संपन्न होगी, जो विभिन्न कस्बों और बदरीनाथ यात्रा मार्ग से होते हुए पुजारी समुदाय डिमरी के मूल ग्राम डिम्मर पहुंचेगी। वहां से आगे बढ़ते हुए यह यात्रा 22 अप्रैल को बदरीनाथ धाम पहुंचेगी। बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को प्रातः 6ः15 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। कपाट खुलने के साथ ही इस पवित्र तेल कलश को मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी तिल के तेल से भगवान बदरी विशाल का अभिषेक किया जाता है, जो पूरे वर्ष चलने वाली पूजा प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कार्यक्रम की खास बात रही कि सुबह-सुबह मौसम अनुकूल नहीं था। बूंदा-बांदी हो रही थी। मगर जैसे ही राजपुरोहित कृष्ण प्रसाद उनियाल द्वारा महारानी व टिहरी की सांसद राज्यलक्ष्मी शाह के हाथों विधिवत पूजा अर्चना करके, भगवान बद्री विशाल के जय कारों के साथ महिलाओं ने मूसल, ओखली और सिलबट्टे से तेल पिरोने का कार्य शुरू किया, वैसे ही बूंदाबांदी बंद होने के साथ मौसम सुहावना हो गया सभी श्रद्धालु इसे भगवान बद्री विशाल की कृपा मान कर प्रसन्न और प्रफुल्लित नजर आ रहे थे। गौरतलब है कि तिल से तेल निकालने के बाद इसे विशेष विधि से गाडू घड़ा में भरा जाता है। फिर यह कलश यात्रा आस्था के साथ बदरीनाथ धाम तक पहुंचती है। इस तेल का उपयोग न केवल भगवान के अभिषेक में किया जाता है, बल्कि मंदिर में प्रज्ज्वलित अखंड ज्योति में भी इसका विशेष महत्व है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
WordPress Themes Foto – Photography WordPress Themes for Photographers Fotomag – A Silky Minimalist Blogging Magazine WordPress Theme For Visual Storytelling Fototag – Photography WordPress Theme Fotro – Food & Restaurant Elementor Template Kit Foturo – Photography Portfolio & Creative Agency Elementor Template Kit Fouens – Cleaning & Home Maintenance Company Elementor Template Kit FOX – WooCommerce Currency Switcher Professional – Multi Currency [WOOCS] Foxeresto – Restaurant WordPress Theme Foxiz – Newspaper News & Magazine WordPress Foxiz - WordPress Newspaper News and Magazine