खटीमा। ग्राम पंचायत नगला तराई में आदर्श संस्कृत ग्राम के तहत चल रही गतिविधियों का निरीक्षण करते हुए दीपक कुमार ने समीक्षा बैठक की। बैठक ग्राम सभा के बहुउद्देशीय भवन में आयोजित की गई। इस अवसर पर ग्राम प्रधान देवेन्द्र सिंह एवं खण्ड विकास अधिकारी संजय कुमार गांधी ने सचिव का माल्यार्पण कर स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरुआत संस्कृत शिक्षार्थियों द्वारा स्वागत गीत, वंदना एवं श्लोक प्रस्तुति से हुई, जिसने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में करण चंद, प्रीति, इशारा खान, मेहरू निशा, मीना थापा और रिंकू राणा सहित अन्य शिक्षार्थियों ने आत्मपरिचय, श्लोक, गीत एवं वंदना प्रस्तुत की। श्रीमती मीना थापा ने दैनिक जीवन में संस्कृत मंत्रों के सकारात्मक प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए इसे अपनाने का आह्वान किया। सचिव दीपक कुमार ने देश के प्रथम संस्कृत ग्राम की अवधारणा का उल्लेख करते हुए बताया कि उत्तराखंड ऐसा राज्य है, जहां सभी जनपदों में संस्कृत ग्राम स्थापित किए गए हैं। उन्होंने उत्तराखंड संस्कृत संस्थानम, निदेशालय, परिषद एवं विश्वविद्यालय द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्कृत शिक्षा विभाग द्वारा संस्कृत को रोजगार से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिसमें षोडश संस्कार कार्यशालाओं का आयोजन तथा विदेशों में संस्कृत की बढ़ती मांग को देखते हुए विदेश मंत्रालय से समन्वय भी शामिल है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से श्रुति माध्यम का अधिकाधिक उपयोग कर संस्कृत सीखने और सिखाने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन संस्कृत ग्राम की प्रशिक्षिका ललिता भट्ट द्वारा किया गया। बैठक में सहायक खण्ड विकास अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी, एनआरएलएम स्टाफ एवं ग्राम के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
नगला तराई में संस्कृत ग्राम का निरीक्षण, सचिव ने की योजनाओं की समीक्षा

