विकासनगर। जन संघर्ष मोर्चा ने ग्राफिक एरा अस्पताल, धूलकोट के खिलाफ सोमवार को तहसील परिसर में प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी विनोद कुमार को सौंपा। मोर्चा ने अस्पताल पर मरीजों के साथ कथित आर्थिक शोषण, अनावश्यक उपचार और आयुष्मान योजना में अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन मरीजों और उनके परिजनों में भय का माहौल बनाकर महंगे ऑपरेशन और इलाज के नाम पर बड़ी रकम वसूलता है। उन्होंने दावा किया कि कई मामलों में जिन मरीजों को ऑपरेशन की आवश्यकता नहीं होती, उन्हें भी ऑपरेशन की सलाह दी जाती है।
रघुनाथ सिंह नेगी ने एक मामले का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि एक ब्रेन हेमरेज मरीज के परिजनों से तत्काल ऑपरेशन के लिए 25 लाख रुपये जमा कराने को कहा गया था। उनका कहना है कि बाद में दूसरे विशेषज्ञ चिकित्सक से इलाज कराने पर बिना ऑपरेशन के कम खर्च में मरीज स्वस्थ होकर घर लौट आया।
मोर्चा ने एक अन्य मामले में आरोप लगाया कि मरीज की मृत्यु के बाद भी परिजनों से स्टेंट और अन्य उपचार के नाम पर बड़ी राशि मांगी गई। उन्होंने दावा किया कि हस्तक्षेप के बाद अस्पताल ने कम राशि लेकर शव परिजनों को सौंपा।
जन संघर्ष मोर्चा ने यह भी आरोप लगाया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत फर्जी तरीके से इलाज दर्शाकर सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका है। संगठन ने सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा यदि आरोप सही पाए जाएं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन न्यायालय की शरण लेगा।
प्रदर्शन में मोर्चा के महासचिव आकाश पंवार सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
ग्राफिक एरा अस्पताल में आयुष्मान योजना में बड़े घोटाले का आरोप, जांच की उठी मांग

