देहरादून। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 7 मार्च को हरिद्वार दौरे पर रहेंगे। आधिकारिक कार्यक्रम के तहत वे वर्ष 2027 में प्रस्तावित अर्धकुंभ की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण करेंगे और संबंधित अधिकारियों से फीडबैक लेंगे। इसके साथ ही धामी सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में भी सहभागिता करेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने बताया कि वर्ष 2027 के अर्धकुंभ आयोजन के लिए केंद्र सरकार ने 500 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। यह राशि आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने, यातायात, पेयजल, स्वच्छता और अन्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में सहायक होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अर्धकुंभ को “दिव्य और भव्य” स्वरूप देना है, जिसके लिए मेला प्रशासन अभी से तैयारियों में जुट गया है।
गृह मंत्री हरिद्वार के बैरागी कैंप पहुंचकर तैयारियों का जायजा लेंगे। कार्यक्रम के दौरान वे स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आमजन से संवाद भी करेंगे। मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय बैठक में सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, स्वास्थ्य सेवाएं, विद्युत आपूर्ति और स्वच्छता को लेकर विशेष निर्देश दिए हैं, ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह दौरा प्रशासनिक समीक्षा के साथ-साथ आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हरिद्वार जिले को राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। ऐसे में अर्धकुंभ की तैयारियों और विकास कार्यों के जरिए सरकार अपनी उपलब्धियों को रेखांकित करने की रणनीति पर काम कर रही है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बताया कि गृह मंत्री की अध्यक्षता में संगठनात्मक बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें चुनावी तैयारियों और भविष्य की रणनीति पर चर्चा होगी।
सरकार की ओर से संकेत मिले हैं कि दौरे के दौरान राज्य के लिए कुछ नई योजनाओं की घोषणाएं भी की जा सकती हैं। ऐसे में 7 मार्च का यह दौरा प्रशासनिक, धार्मिक और राजनीतिक तीनों दृष्टियों से अहम माना जा रहा है।
अमित शाह का हरिद्वार दौरा से सियासी हलचल तेज, 2027 पर टिकी निगाहें

