देहरादून। समाज में सकारात्मक बदलाव और जनकल्याण के कार्यों के लिए पहचाने जाने वाले रोहित चौहान ने एक बार फिर स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में अपनी सक्रिय भूमिका निभाकर समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाया है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की बालिकाओं और महिलाओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं आत्मसम्मान से जुड़े मुद्दों पर उनका सतत प्रयास उन्हें एक संवेदनशील सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में स्थापित करता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बालिकाओं के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण की दिशा में भैरवकाली ट्रस्ट ने एक सराहनीय कदम उठाया है। ट्रस्ट द्वारा राजकीय आश्रम पद्धति बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, लाखामंडल में एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय को निःशुल्क सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन भेंट की गई।
इस अवसर पर आयोजित शिविर में मासिक धर्म स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं व्यक्तिगत साफ-सफाई को लेकर छात्राओं को विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम से 100 से अधिक बालिकाएं लाभान्वित हुईं। वेंडिंग मशीन की स्थापना से अब छात्राओं को आवश्यकता के समय सैनिटरी पैड आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी और वे अधिक आत्मविश्वास के साथ विद्यालय में उपस्थित रह सकेंगी।
भैरवकाली ट्रस्ट के ट्रस्टी रोहित चौहान एवं रितिका चौहान ने कहा कि ट्रस्ट का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बालिकाओं के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर जागरूकता न केवल स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है, बल्कि यह बालिकाओं के आत्मसम्मान और सशक्तिकरण से भी जुड़ी हुई है।
विद्यालय प्रशासन ने भैरवकाली ट्रस्ट की इस पहल की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह कदम छात्राओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ-साथ उन्हें स्वच्छता और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित करेगा।
भैरवकाली ट्रस्ट की यह पहल सामाजिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का एक प्रेरणादायक उदाहरण है, जो अन्य संस्थाओं को भी इस दिशा में कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करती है।
