ताज़ा ख़बरें

मुख्यमंत्री ने किया छठवें वैश्विक आपदा प्रबंधन सम्मेलन का शुभारम्भ

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने क्लेमेंट टाउन स्थित, ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय में 6वें आपदा प्रबंधन वैश्विक सम्मेलन का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। 28 नवम्बर से 01 दिसम्बर 2023 तक होने वाले इस सम्मेलन में अनेक देशों के विशेषज्ञ और वैज्ञानिक प्रतिभाग कर रहे हैं। इस सम्मेलन में 60 से अधिक तकनीकि सत्र आयोजित किये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के अनुभव पर आधारित पुस्तक रेजिलिएंट इंडिया का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में ‘राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान’ खोलने के लिए भूमि की व्यवस्था के साथ ही केन्द्र सरकार से अनुरोध किया जायेगा। राज्य में इस संस्थान की खोलने के लिए केन्द्र सरकार की जो भी अपेक्षा होगी, वह राज्य राज्य सरकार द्वारा पूरी की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांग और महिलाओं के लिए राज्य में आपदा की चुनौतियों का सामना करने के लिए विशेष प्राविधान किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के विश्व विद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में आपदा प्रबंधन के पाठ्यक्रम शामिल किये जायेंगे और कार्यशालाओं का आयोजन किया जायेगा।

उत्तराखण्ड शोध, साधना, आध्यात्म, ज्ञान और विज्ञान की रही है उद्गम स्थली

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने द्रोणनगरी देहरादून में आयोजित छठे विश्व आपदा प्रबन्धन सम्मेलन में देश-विदेश से आये सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड प्राचीनकाल से ही शोध, साधना, आध्यात्म, ज्ञान और विज्ञान की उद्गम स्थली रहा है। आदि गुरु शंकराचार्य जी, गुरु नानकदेव जी, स्वामी विवेकानंद जी से लेकर रविन्द्र नाथ टैगोर जी तक अनेक युग दृष्टाओं की आध्यात्मिक यात्रा में कहीं न कहीं हिमालय और विशेष रूप से उत्तराखंड के दर्शन अवश्य होते हैं। उन्होंने कहा कि विश्व की वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए यह आपदा प्रबंधन वैश्विक सम्मेलन महत्वपूर्ण है। उत्तराखण्ड प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील हैं। प्राकृतिक आपदाओं से निपटने का उपाय है, प्रोएक्टिव अप्रोच। प्राकृतिक आपदाओं के समय प्रतिक्रिया एकीकृत होने से आपदा से होने वाले नुकसान और जनहानि को कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं की चुनौतियों का सामना सभी हिमालयी राज्यों को करना पड़ता है। इस संबंध में वैश्विक स्तर पर हो रहे अध्ययनों, शोधों एवं अनुभवों को साझा करना भी समय की जरूरत है।

प्रबंध तंत्र विकसित कर किया जा सकता है प्राकृतिक आपदाओं की चुनौतियों का सामना

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य में चिकित्सा सुविधाओं, सशक्त संचार व्यवस्था, ऑल वेदर रोड, हैलीपोर्ट्स के निर्माण, शहरी नियोजन जैसे कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आज हम आपदाओं का सामना करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्राकृतिक आपदाओं को रोका नहीं जा सकता, लेकिन बेहतर रणनीतियों और प्रणालियों को लागू करके निश्चित रूप से इनके प्रभावों को अवश्य ही कम किया जा सकता है। इकोलॉजी, इकोनॉमी और टेक्नोलॉजी के बेहतर समन्वय से हम प्राकृतिक आपदाओं से लड़ने के लिए एक बेहतर प्रबंध तंत्र विकसित कर सकते हैं। यदि हम पृथ्वी समेत सभी प्राकृतिक संसाधनों का उपभोग न करके उपयोग करेंगे तभी हम सच्चे अर्थों में प्रकृति संरक्षण के अपने कार्य में सफल हो सकते हैं।

पर्वतीय क्षेत्रों और सम्पूर्ण विश्व के लिए साबित होगा महत्वपूर्ण दस्तावेज

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सम्मेलन का प्राथमिक उद्देश्य हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र और समुदायों पर ध्यान केंद्रित करते हुए जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रतिरोध की चुनौतियों पर चर्चा करना एवं उनका समाधान करना है। इस आयोजन के माध्यम से सारे विश्व में प्रकृति के प्रति मानव समाज के सामुदायिक दायित्वों और आपदा प्रबंधन में उसके महत्व को उजागर करते हुए देवभूमि से ’’देहरादून डिक्लेरेशन’’ के रूप में एक विशेष संदेश प्रसारित होगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आपदा प्रबन्धन की दृष्टि से पर्वतीय क्षेत्रों और सम्पूर्ण विश्व के लिए यह डिक्लेरेशन एक महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित होगा। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में विश्व भर के प्रतिष्ठित संस्थानों के विषय विशेषज्ञ, जलवायु परिर्वतन एवं आपदा से सबन्धित ज्वलंत चुनौतियों और उनके समाधानों पर जो विचार मंथन करेंगे, जो आने वाले समय में आपदा प्रबंधन के लिए मददगार साबित होंगे।

देश-विदेश में प्रसारित होगा संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 08-09 दिसम्बर को देहरादून में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें देश-विदेश के औद्योगिक समूहों, निवेशकों द्वारा उत्तराखण्ड राज्य में निवेश को गति देने के लिए प्रतिभाग किया जायेगा। इस सम्मेलन से ठीक पहले आयोजित आपदा प्रबन्धन के वैश्विक सम्मेलन से उत्तराखण्ड में ’’सुरक्षित निवेश-सुदृढ़ उत्तराखण्ड’’ का संदेश देश-विदेश में प्रसारित होगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस सम्मेलन के माध्यम से समेकित विकास लक्ष्यों के साथ-साथ आपदा प्रबन्धन और जलवायु परिवर्तन जनित चुनौतियों का बेहतर रूप से सामना करने में सहायता मिलेगी।
इस अवसर पर उप राज्यपाल अंडमान और निकोबार द्वीप एडमिरल डी के जोशी, मुख्य सचिव डॉ. एस एस.संधु, अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, कार्यकारी निदेशक एनआईडीएम राजेन्द्र रत्नू, सचिव आपदा प्रबंधन डा. रंजीत कुमार सिन्हा, महानिदेशक यू.कॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, अध्यक्ष ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी प्रो. कमल घनसाला, पद्म भूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी, डॉ एस., अध्यक्ष डब्लू.सी.डी.एम.ए. डॉ. आनन्द बाबू एवं विशेषज्ञ उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
WordPress Themes Car Shire || Auto Mechanic & Repair WordPress Theme Car Wash – Auto Spa WordPress Theme Car Zone – Towing & Repair WordPress Theme Carbon – Car Service Elementor Template Kit CarCare – Auto Service & Repair Elementor Template Kit Card Slider – Addon for WPBakery Page Builder Carddio – Card Payment & Online Banking Elementor Template Kit CarDealerz – Auto Dealer & Auto Shop Website Elementor Template Kit Cardioly – Cardiologist and Medical WordPress theme CardLab – Prepaid Card Selling WordPress Plugin