धामी कैबिनेट के बड़े फैसले

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य हित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन फैसलों का सीधा लाभ स्वास्थ्य कर्मियों, उद्योग जगत, शिक्षा क्षेत्र, जनजाति बहुल जिलों और बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़ा हुआ है।
कैबिनेट ने उत्तराखण्ड के स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों को उनके संपूर्ण सेवाकाल में एक बार आपसी सहमति (म्यूचुअल अंडरस्टैंडिंग) के आधार पर जनपद परिवर्तन की अनुमति देने का निर्णय लिया है। यह सुविधा उन्हें दी जाएगी जिन्होंने अपने मूल संवर्ग में कम से कम पांच वर्ष की संतोषजनक सेवा पूर्ण कर ली हो।
भूमि प्राप्ति प्रक्रिया को सरल बनाने का फैसला
राज्य में लघु, मध्यम एवं वृहद परियोजनाओं के लिए भूमि प्राप्ति की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से कैबिनेट ने भू-स्वामियों से आपसी समझौते के आधार पर भूमि क्रय को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है। इससे भूमि अर्जन अधिनियम, 2013 के अंतर्गत होने वाली लंबी प्रक्रियाओं और मुकदमेबाजी में कमी आएगी तथा जनहित परियोजनाओं की लागत भी घटेगी।
प्राग फार्म की भूमि सिडकुल को हस्तांतरित
कैबिनेट ने जनपद ऊधमसिंहनगर स्थित प्राग फार्म की 1354.14 एकड़ भूमि को औद्योगिक आस्थान विकसित करने के लिए सिडकुल को हस्तांतरित करने संबंधी शासनादेश में संशोधन को मंजूरी दी। इसके तहत पट्टेदार को भूमि बेचने या अन्य किसी को हस्तांतरित करने का अधिकार नहीं होगा। भूमि का उपयोग तीन वर्ष के भीतर अनिवार्य होगा, अन्यथा आवंटन स्वतः निरस्त माना जाएगा। हालांकि, समान प्रयोजन हेतु उप-पट्टा (सबलेट) की अनुमति दी गई है।
जनजाति कल्याण विभाग का पुनर्गठन
जनजाति बहुल जिलों देहरादून, चमोली, ऊधमसिंहनगर और पिथौरागढ़ में योजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए जनजाति कल्याण विभाग के ढांचे के पुनर्गठन को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही उत्तराखण्ड जनजाति कल्याण राजपत्रित अधिकारी सेवा (संशोधन) नियमावली, 2025 को प्रख्यापित करने का निर्णय लिया गया है।
भू-जल संरक्षण और उद्योगों को बढ़ावा
राज्य में भू-जल के अनियंत्रित दोहन को रोकने और उद्योगों को संतुलित रूप से बढ़ावा देने के उद्देश्य से औद्योगिक एवं व्यवसायिक उपयोग हेतु जल मूल्य/प्रभार की नई दरों को स्वीकृति दी गई। वाणिज्यिक, औद्योगिक, अवसंरचनात्मक एवं रेजीडेंशियल अपार्टमेंट/ग्रुप हाउसिंग सोसायटी के लिए ₹5000 पंजीकरण शुल्क निर्धारित किया गया है।
शिक्षा हब की दिशा में कदम
उत्तराखण्ड को शिक्षा हब के रूप में विकसित करने की दिशा में कैबिनेट ने देहरादून में जी.आर.डी. उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय के रूप में एक निजी विश्वविद्यालय की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
गौचर व चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टियों पर फैसला
कैबिनेट ने उत्तरकाशी की चिन्यालीसौड़ और चमोली की गौचर हवाई पट्टी को नागरिक और सैन्य संचालन हेतु एडवांस लैंडिंग ग्राउंड (ALG) के रूप में विकसित करने के लिए रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार को लीज पर हस्तांतरित करने पर सहमति दी है।
हरित हाइड्रोजन नीति को मंजूरी
राज्य में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए मंत्रिमंडल ने उत्तराखण्ड हरित हाइड्रोजन नीति, 2026 को लागू करने को मंजूरी प्रदान की है। इससे राज्य में निवेश, रोजगार और पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा मिलेगी।

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