यमकेश्वर। विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर उत्तराखंड में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र में भी संभावित दावेदारों की सक्रियता अब चर्चा का विषय बनने लगी है। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की लगातार बढ़ती सक्रियता और क्षेत्र में उनकी मौजूदगी ने सियासी चर्चाओं को हवा दे दी है।
रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान सैकड़ों बहनों द्वारा हेमंत द्विवेदी को राखी बांधना उनकी बढ़ती लोकप्रियता के तौर पर देखा जा रहा है। बहनों ने उन्हें भाई के रूप में अपना स्नेह और आशीर्वाद दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की मौजूदगी भी देखने को मिली।
हेमंत द्विवेदी लंबे समय से यमकेश्वर क्षेत्र में लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। गांव-गांव और क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनना तथा संबंधित विभागों और अधिकारियों के माध्यम से उनके समाधान का प्रयास करना उनकी कार्यशैली का हिस्सा बन गया है। यही वजह है कि पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आम लोगों के बीच भी उनकी सक्रियता चर्चा में है।
राजनीतिक जानकारों की मानें तो चुनावी राजनीति में केवल संगठनात्मक पद ही नहीं, बल्कि क्षेत्र में लगातार मौजूदगी, कार्यकर्ताओं से संवाद और आम जनता के बीच स्वीकार्यता भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हेमंत द्विवेदी की मौजूदा सक्रियता को इसी नजरिए से देखा जा रहा है।
यमकेश्वर विधानसभा सीट पर भाजपा के सामने 2027 में मजबूत दावेदारी और चुनावी समीकरणों को लेकर मंथन स्वाभाविक है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या पार्टी हेमंत द्विवेदी की बढ़ती लोकप्रियता और जमीनी सक्रियता को देखते हुए उन्हें विधानसभा चुनाव में आजमाने पर विचार कर सकती है?
हालांकि टिकट को लेकर अंतिम निर्णय पूरी तरह पार्टी नेतृत्व के स्तर पर होना है और अभी किसी तरह की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लेकिन जिस तरह हेमंत द्विवेदी क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं और रक्षाबंधन जैसे सामाजिक आयोजनों में उन्हें मिल रहा जनसमर्थन चर्चा में आया है, उससे यमकेश्वर की सियासत में उनकी भूमिका को लेकर अटकलें जरूर तेज हो गई हैं।
आने वाले समय में उनकी सक्रियता किस राजनीतिक दिशा में जाती है और पार्टी नेतृत्व उनके नाम को किस नजरिए से देखता है, यह देखना दिलचस्प होगा। फिलहाल यमकेश्वर के राजनीतिक गलियारों में एक सवाल तेजी से तैर रहा है क्या बढ़ती लोकप्रियता हेमंत द्विवेदी के लिए 2027 में भाजपा का टिकट पाने का रास्ता खोल सकती है?
हेमंत द्विवेदी की बढ़ती सक्रियता पर पार्टी की नजर, क्या मिल सकता है 2027 में टिकट?

