हरीश चमोली
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि उनकी सरकार निर्णय लेने की क्षमता और कर्मचारियों के हितों के प्रति प्रतिबद्धता के लिए जानी जाती है। वर्षों से विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत उपनल कर्मचारियों की लंबित और बहुप्रतीक्षित मांग को मुख्यमंत्री धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मंजूरी देकर ऐतिहासिक कदम उठाया गया है।
उपनल कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे थे और बार-बार सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहे थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कर्मचारियों की भावनाओं, उनकी सेवा और योगदान को समझते हुए कैबिनेट के माध्यम से यह अहम निर्णय लिया, जिससे हजारों उपनल कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है।
इस फैसले को उपनल कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के कर-कमलों से मिली सौगात बताते हुए उनका जोरदार स्वागत किया। कर्मचारियों में इस निर्णय को लेकर खुशी और उत्साह का माहौल है। उपनल कर्मचारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी ने उनकी वर्षों पुरानी पीड़ा को समझा और न्याय दिलाया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस फैसले को कर्मचारी हितैषी और ऐतिहासिक बताया जा रहा है। यह निर्णय न केवल उपनल कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करेगा, बल्कि सरकार और कर्मचारियों के बीच विश्वास को भी और मजबूत करेगा।
राज्यभर में उपनल कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री धामी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार हर वर्ग के हित में संवेदनशील और निर्णायक फैसले ले रही है। यह फैसला धामी सरकार की कार्यशैली और जनहित के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का एक और उदाहरण है।
सीएम धामी ने रचा इतिहास, उपनल कर्मचारियों की वर्षों पुरानी मांग की पूरी
