सांस्कृतिक संध्या में झलकी उत्तराखंड की पौराणिक विरासत और लोक संस्कृति
भूपेंद्र रोतेला
चंडीगढ़। उत्तराखंड पिंडर घाटी जनसभा (रजि.) चंडीगढ़ की ओर से मां नंदा राजराजेश्वरी की प्रचार-प्रसार डोली के चंडीगढ़ पहुंचने पर रविवार, 13 सितंबर को गढ़वाल भवन सेक्टर-29 में भव्य एवं दिव्य सांस्कृतिक संध्या समारोह का आयोजन किया गया। मां नंदा की साक्षात डोली एवं छतोली के साथ ढोल-दमाऊं, भंकोरे, शंखनाद और पौराणिक जागर की प्रस्तुतियों से चंडीगढ़ की धरती भक्तिमय हो उठी।
मां नंदा राजराजेश्वरी की डोली विभिन्न शहरों से होते हुए चंडीगढ़ पहुंची। रात्रि विश्राम के लिए डोली काली माता मंदिर, सेक्टर-30 में पहुंची। इसके बाद 13 सितंबर को मां नंदा देवी की कलश यात्रा निकाली गई, जिसके पश्चात गढ़वाल भवन में सांस्कृतिक संध्या समारोह आयोजित हुआ। कलश यात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रम में ट्राईसिटी चंडीगढ़ के गढ़ समाज के प्रबुद्ध नागरिकों, माता-बहनों, कीर्तन मंडलियों तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।
जनसभा के संयोजक बी.एस. बिष्ट ने बताया कि मां नंदा राजराजेश्वरी की डोली विभिन्न शहरों में भ्रमण करते हुए उत्तराखंड की पौराणिक संस्कृति, परंपराओं और आस्था का प्रचार-प्रसार कर रही है। चंडीगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मां नंदा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। कार्यक्रम के उपरांत भंडारे का भी आयोजन किया गया।
मां नंदा की डोली के साथ आए पुजारी धनी प्रसाद देवराड़ी ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सभी देवी-देवताओं का आह्वान किया। इस दौरान ट्राईसिटी की विभिन्न कीर्तन मंडलियों द्वारा जोड़-चांचरी की प्रस्तुति दी गई। ढोल-दमाऊं और भंकोरे की गूंज, आचार्यों के शंखनाद तथा पौराणिक जागर ने ऐसा वातावरण बनाया, मानो मां नंदा स्वयं चंडीगढ़ की पावन धरती पर अवतरित हुई हों।
कार्यक्रम में उत्तराखंड के लोकगायक दिगंबर सिंह बिष्ट ने मां नंदा की भक्ति पर आधारित भजनों की सुंदर प्रस्तुति दी। उनके भजनों पर श्रद्धालु देर तक मां नंदा की भक्ति में लीन रहे। सांस्कृतिक सचिव माही रावत के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम ने उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति की मनमोहक छटा प्रस्तुत की।
जनसभा के प्रधान दर्शन सिंह भंडारी एवं महासचिव बलवंत नेगी ने समारोह को सफल बनाने में सहयोगी संस्था चमोली पर्वतीय विकास परिषद, महिला कार्यकारिणी सदस्यों, विभिन्न कीर्तन मंडलियों तथा सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। जनसभा की ओर से कार्यक्रम में पहुंचे गणमान्य अतिथियों का अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ एवं माल्यार्पण कर स्वागत किया गया।
इस अवसर पर मुख्य यजमान के रूप में कुलदीप राणा, शंकर सिंह पंवार (प्रधान, गढ़वाल सभा), होटल कैमरून मोहाली के चेयरमैन रावत जी, बी.बी. बहुगुणा (पूर्व महासचिव, गढ़वाल सभा चंडीगढ़), गुरबक्श रावत, हीरा नेगी (पूर्व पार्षद) एवं कुंदन लाल उनियाल (पूर्व प्रधान, गढ़वाल सभा) सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
जनसभा के प्रेस सचिव भूपेन्द्र रौतेला ने कहा कि इस वर्ष आयोजित समारोह में उत्तराखंड की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और पौराणिक विरासत को मुख्य केंद्र में रखा गया। मां नंदा की डोली के दिव्य दर्शन श्रद्धालुओं के लिए आस्था और गौरव का विषय रहे। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन प्रवासी उत्तराखंडियों को अपनी जड़ों, संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के साथ ही नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली विरासत से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
