देहरादून। भारतीय जनता पार्टी आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ ने संगठन को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश के सभी जिलों एवं प्रमुख क्षेत्रों के लिए प्रभारियों की घोषणा की है। संगठनात्मक विस्तार का उद्देश्य आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों को जमीनी स्तर तक पहुंचाना और आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी समन्वय स्थापित करना है।
भाजपा आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक नवीन पिरशाली ने बताया कि प्रकोष्ठ को राज्य के प्रत्येक क्षेत्र में सक्रिय किया जा रहा है। उन्होंने स्वयं उत्तरकाशी, हरिद्वार और रुड़की की जिम्मेदारी संभाली है। वहीं शेष क्षेत्रों की जिम्मेदारी प्रकोष्ठ के सहसंयोजकों को सौंपी गई है।
इसके तहत चंडी प्रसाद बेलवाल को चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी एवं देहरादून महानगर, अजय पांडे को बागेश्वर, अल्मोड़ा, नैनीताल एवं ऊधमसिंह नगर, कुलदीप गंगवार को रानीखेत, काशीपुर, चंपावत एवं कोटद्वार तथा ममता पांगती नागर को देहरादून ग्रामीण, ऋषिकेश, पौड़ी एवं पिथौरागढ़ क्षेत्र का प्रभारी बनाया गया है।
प्रदेश संयोजक नवीन पिरशाली ने कहा कि उत्तराखंड भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील राज्य है और यहां आपदा प्रबंधन को केवल आपदा के बाद की कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा जा सकता। उन्होंने कहा कि भाजपा आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ का उद्देश्य आपदा से पहले तैयारियों को मजबूत करने के साथ-साथ आपदा के बाद राहत एवं पुनर्वास कार्यों में भी प्रभावी भूमिका निभाना है।
उन्होंने कहा कि प्रकोष्ठ द्वारा प्रदेश के ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और विद्यालयों के साथ समन्वय स्थापित कर युवाओं को ‘आपदा मित्र’ के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण कार्यशालाओं, मॉक ड्रिल और जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जाएगा।
नवीन पिरशाली ने कहा कि उत्तराखंड को आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में देश के लिए रोल मॉडल बनाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि आपदा को कमजोरी नहीं, बल्कि चुनौती के रूप में लेते हुए संगठन और समाज को मिलकर उससे निपटने के लिए तैयार किया जाएगा। उन्होंने आमजन से आपदा के प्रति जागरूक रहने, प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने और समय-समय पर जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की।
उत्तराखंड को आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में देश का रोल मॉडल बनाने का लक्ष्य: नवीन पिरशाली

