देहरादून। भाजपा महिला मोर्चा, मातृ शक्ति के साथ मिलकर विपक्ष द्वारा संसद में किए नारी अपमान की पोल खोलने जा रही है। जिले एवं मंडल स्तर तक आयोजित इस महाआक्रोश अभियान में जन आक्रोश सम्मेलन, पदयात्रा एवं पत्रकार वार्ता के माध्यम से जनप्रतिरोध दर्शाया जाएगा।
पार्टी की महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती रुचि भट्ट ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दलों के नकारात्मक और गैर-जिम्मेदाराना रवैये ने देश की आधी आबादी के अधिकारों पर सीधा प्रहार किया है। इसी के विरोध में उत्तराखंड राज्य में व्यापक स्तर पर महिला जन आक्रोश कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पारित यह ऐतिहासिक अधिनियम महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन विपक्ष ने अपनी संकीर्ण राजनीति के कारण इसका विरोध कर महिलाओं की आकांक्षाओं को ठेस पहुंचाई है, जिससे देशभर की महिलाओं में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत 20 से 23 अप्रैल तक प्रदेशभर में महिला जन आक्रोश पदयात्राएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें हजारों महिलाएं भाग लेंगी और कांग्रेस के महिला-विरोधी रवैये के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगी। इसके साथ ही 22 से 30 अप्रैल तक जिला एवं मंडल स्तर पर महिला जन आक्रोश सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, जिनमें महिलाओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए विपक्ष के खिलाफ प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। 19 से 25 अप्रैल के बीच प्रदेश एवं जिला स्तर पर प्रेस वार्ताओं का आयोजन कर कांग्रेस के नकारत्मक दृष्टिकोण को तथ्यों सहित उजागर किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अभियान के तहत महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों और महिला छात्रावासों में व्यापक जनसंपर्क कर युवतियों को इस विषय के प्रति जागरूक किया जाएगा तथा सोशल मीडिया के माध्यम से 10 दिनों तक संगठित और प्रभावी अभियान चलाकर महिलाओं की आवाज को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाएगा।
रुचि भट्ट ने बताया कि कि इस अभियान में महिला जनप्रतिनिधियों, सांसदों, विधायकों, महापौरों, जिला पंचायत अध्यक्षों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, छात्राओं और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। हमारा प्रयास होगा, जन-जन तक यह सच पहुंचाना कि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय किया है।
उन्होंने प्रदेश की सभी महिलाओं से आह्वान किया कि वे इस जन आक्रोश अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें। अपने अधिकारों के समर्थन में एकजुट होकर आवाज उठाएं, ताकि महिला सशक्तिकरण के इस महत्वपूर्ण प्रयास को और अधिक मजबूती मिल सके।

