दीप्ती बोली, कांग्रेसी हुंकार फीकी पड़ी, सियासत में नहीं दिखा असर

देहरादून। कांग्रेस पार्टी द्वारा आज लोकभवन घेराव के नाम पर आयोजित कार्यक्रम पूरी तरह उद्देश्यहीन, दिशाहीन और केवल दिखावे की राजनीति का उदाहरण था। जिन मुद्दों को लेकर कांग्रेस जनता के बीच जाने का दावा कर रही थी, यदि उसी भीड़ में शामिल अंतिम पंक्ति के व्यक्ति से पूछा जाता कि वह किस उद्देश्य से यहां आया है, तो उसे भी स्पष्ट जानकारी नहीं थी। वहीं रैली के बैनर विवाद पर भी स्पष्ट किया, कानून विरुद्ध जो भी होगा कार्रवाई होगी, सड़क पर सरकार करेगी और राजनीति में जनता।

पार्टी मुख्यालय में प्रदेश महामंत्री श्रीमती दीप्ति रावत भारद्वाज ने कांग्रेसी रैली पर प्रश्न खड़ा कर कहा, जब स्वयं कांग्रेस की रैली में शामिल अंतिम पंक्ति का व्यक्ति ही यह नहीं जानता था कि वह किस कारण से वहां मौजूद है, तो कांग्रेस आम जनता तक अपनी बात क्या और कैसे पहुंचा पाती यह अपने आप में बड़ा प्रश्न है। इससे स्पष्ट है कि यह आयोजन केवल राजनीतिक प्रदर्शन भर था।

सामान्यतः दो चार सौ लोगों की भीड़ जुटाने वाली कांग्रेस पार्टी यदि थोड़ी अधिक संख्या देखकर इसे अपनी बड़ी उपलब्धि बताने का प्रयास कर रही है, तो कांग्रेस को आत्ममंथन करना चाहिए कि जनाधार, संगठनात्मक मजबूती और जनविश्वास के मामले में भारतीय जनता पार्टी ने वर्षों की तपस्या, समर्पण और सतत जनसेवा के माध्यम से जो स्थान बनाया है, उसकी बराबरी कांग्रेस नहीं कर सकती।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता भावनात्मक नारों और भ्रम फैलाने वाली राजनीति को नहीं, बल्कि विकास, सुशासन और पारदर्शिता पर आधारित कार्यसंस्कृति को समर्थन देती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी रूप से धरातल पर उतार रही है। आधारभूत संरचना के विकास, रोजगार सृजन, पर्यटन संवर्धन, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है।

उन्होंने कहा कि जिस रैली की तैयारी कांग्रेस पिछले हफ्ते-दस दिन से बड़े जोर-शोर के साथ कर रही थी, उसका परिणाम आखिरकार “खोदा पहाड़ निकली चुहिया” जैसा ही साबित हुआ।
कांग्रेस के पास न तो कोई ठोस मुद्दा है और न ही जनविश्वास। इसी कारण वह समय–समय पर इस प्रकार के दिखावटी कार्यक्रमों के माध्यम से केवल सुर्खियां बटोरने का प्रयास करती रहती है।

उत्तराखंड की जागरूक जनता इस अवसरवादी राजनीति को भली-भांति समझती है और आने वाले समय में भी ऐसी अवसरवादी पार्टी के बहकावे में आने वाली नहीं है।

वहीं बैनर विवाद पर पूछे सवाल के जवाब में तंज कसा कि कानून विरुद्ध कोई भी होगा, तो निश्चित कार्रवाई होगी। अब सड़क के बोर्ड पर होगा तो सरकार हटाएगी और चुनावी मैदान में होगा तो जनता उन्हें हटाएगी।

 

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