देहरादून। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर देहरादून में पर्वतीय मैदानी एकता मंच द्वारा खिचड़ी भंडारे का आयोजन किया गया। शहर के व्यस्ततम राजपुर रोड स्थित गांधी पार्क में आयोजित इस भंडारे में सैकड़ों स्थानीय नागरिकों ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर पर्वतीय मैदानी एकता मंच के अध्यक्ष पीके अग्रवाल ने कहा कि पुण्य ही सबसे बड़ी पूंजी है और मानव सेवा ही ईश्वर सेवा है। उन्होंने कहा कि समाज में सौहार्द, भाईचारे और प्रेम को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंच निरंतर सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से लोगों को जोड़ते हुए जनसेवा कर रहा है। देवभूमि उत्तराखंड में पर्वतीय–मैदानी एकता को सशक्त बनाना मंच का प्रमुख लक्ष्य है।
मंच की महासचिव एवं भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता लक्ष्मी अग्रवाल ने बताया कि मकर संक्रांति के अवसर पर पहले चाय भंडारे और उसके बाद खिचड़ी भंडारे का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि समाज से प्राप्त सामर्थ्य को पवित्र और निस्वार्थ भाव से समाज को लौटाना हमारा कर्तव्य है। मंच लगातार दुर्बल और जरूरतमंद वर्गों की सहायता के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए वस्त्र दान कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। साथ ही वृक्षारोपण अभियान के बाद अब मंच सिंगल यूज प्लास्टिक के विरुद्ध जागरूकता अभियान भी शुरू करेगा।
मंच की उपाध्यक्ष अनीता तिवारी ने बताया कि पर्वतीय मैदानी एकता मंच प्रदेशभर में सदस्यता अभियान चला रहा है। इसके अंतर्गत राज्य आंदोलनकारी परिवारों को सम्मानित करने, पर्वतीय–मैदानी एकता जागरूकता रैली निकालने तथा असहाय और जरूरतमंद लोगों की हरसंभव सहायता कर समाजसेवा के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है।
खिचड़ी भंडारे के आयोजन में पार्षद अशोक डोबरियाल, मोहित धीमान, शशिप्रभा, सोनिया, साक्षी गुप्ता, मोहिनी शर्मा, प्रियंका भंडारी नेगी, कनिका नेगी, उपासना भार्गव, घनश्याम मौर्य, मोहित रतूड़ी एवं हरजिंदर कौर सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने श्रमदान कर प्रसाद वितरण में सहयोग प्रदान किया।
पर्वतीय मैदानी एकता मंच ने खिचड़ी भंडारे से दिया मानव सेवा का संदेश
