भूपेन्द्र रौतेला
थराली। आस्था, श्रद्धा और परंपरा का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला जब माँ नन्दा राज राजेश्वरी की डोली अपने ननिहाल देवराड़ा गांव से छह माह के प्रवास के लिए कुराड़ गांव की ओर विधि-विधान के साथ विदा हुई। यह पावन दृश्य उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर गया।
डोली विदाई के अवसर पर माता के पाश्वों का अवतरण हुआ और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ माँ की पूजा-अर्चना की गई। जैसे ही जयकारे गूंजे, पूरा क्षेत्र “जय माँ नन्दा” के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। भक्त ढोल-दमाऊ की थाप पर झूमते हुए माँ की डोली के साथ चले, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया।
माँ नन्दा राज राजेश्वरी की यह परंपरागत यात्रा स्थानीय संस्कृति, लोकआस्था और धार्मिक विश्वासों का जीवंत उदाहरण है, जिसे पीढ़ी दर पीढ़ी निभाया जा रहा है। श्रद्धालुओं की मान्यता है कि माँ के आगमन से क्षेत्र में सुख, समृद्धि और शांति का वास होता है।
इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक भूपाल राम टमटा, ब्लॉक प्रमुख थराली, नगर पंचायत अध्यक्ष थराली सुनीता रावत, संदीप पटवाल, महामृत्युंजय मंदिर समिति के अध्यक्ष बृजमोहन बुटोला सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
माँ नन्दा राज राजेश्वरी की डोली के कुराड़ के लिए प्रस्थान के साथ ही पूरे क्षेत्र में श्रद्धा, विश्वास और भक्ति का अद्वितीय माहौल देखने को मिला।
माँ नन्दा राज राजेश्वरी की डोली ननिहाल देवराड़ा से छह माह के लिए कुराड़ को हुई विदा
