ताज़ा ख़बरें

पर्यटन योजनायें बने रोजगार एवं स्वरोजगार के माध्यम

देहरादून। प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को बढावा देकर रोजगार एवं स्वरोजगार के संसाधन बढ़ाए जाएं। नई पर्यटन नीति का आम जनमानस तक व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार किया जाए। पर्यटन विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लोग कितना लाभ ले पा रहे हैं, इसका पूरा आंकलन किया जाए। जिन योजनाओं में आम जन का रूझान बढ़ा है, इनमें यदि टॉपअप लोन अथवा सब्सिडी की धनराशि बढ़ाने की आवश्यकता प्रतीत हो रही है, तो इसका भी प्रस्ताव तैयार किया जाए। ये निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में सशक्त उत्तराखण्ड/25 के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए पर्यटन विभाग द्वारा तैयार किये गये अल्प, मध्य एवं दीर्घकालिक रोडमैप की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को दिये।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार द्वारा जो योजनाएं चलाई जा रही हैं, इन योजनाओं का लाभ राज्य के सभी पात्र लोगों को मिले, इसके लिए ऐसा सिस्टम विकसित किया जाए, जिससे यह पता चले सके कि कौन सा परिवार किन योजनाओं का लाभ लेने का पात्र है, और कितने परिवार योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। जो जरूरतमंद लोग सरकार की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ नहीं उठा पा रहे हैं, उनको विभिन्न संचार एवं प्रचार माध्यमों से योजनाओं की जानकारी दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में होम स्टे को और बढ़ावा देने की जरूरत है। होम स्टे को बढ़ावा देकर लोगों की आर्थिकी को तेजी से बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से भी अपील की है, कि  अपने जनपद भ्रमण के दौरान होम स्टे में जरूर रूकें, इससे इनको और बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि होम स्टे चलाने वालों को समय-समय पर प्रशिक्षण भी दिया जाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि अगले 10 सालों का विभागों द्वारा जो रोडमैप तैयार किया जा रहा है, उसमें भविष्य की सभी संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए रोडमैप पर चरणबद्ध तरीके से कार्य किये जाएं। 2025 तक जिन कार्यों एवं योजनाओं को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है, उनमें अभी से कार्य धरातल पर दिखने शुरू हो जाए। उन्होंने 2030 तक के पूरे रोडमैप पर सुनियोजित तरीके से कार्य किये जाने के निर्देश देते हुए कहा कि राज्य में पर्यटन आधारित जो भी नई गतिविधियां की जा रही है और जिन स्थानों पर की जा रही है, पर्यटन विभाग द्वारा उनका वृहद स्तर पर प्रचार प्रसार की भी व्यवस्था सुनिश्चित करें।  राज्य के समग्र विकास के लिए हर क्षेत्र में विभागों को आपसी समन्वय के साथ तेजी से आगे बढना होगा। विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिये भी यह जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि शीघ्र ही पर्यटन विभाग एवं लोक निर्माण विभाग की संयुक्त बैठक की जाए। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बेहतर सड़क कनेक्टिविटी का होना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य के चिन्हित वाइब्रेंट विलेज के आस-पास भी पर्यटन गतिविधियों को तेजी से बढ़ावा दिया जाए। पर्यटक स्थलों के आस-पास हेलीपैड की भी व्यवस्थाएं रखी जाएं। मानसखण्ड मन्दिर परियोजना के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने अधिकरियों दिये। उन्होंने कहा कि इसके तहत प्रथम चरण में जिन 16 मन्दिरों को चिन्हित किया गया है, उन पर मिशन मोड में कार्य किये जाएं। विभिन्न पर्यटक एवं धार्मिक स्थलों पर जिन पौराणिक गुफाओं को विकसित किये जाने की योजना है उन पर भी तेजी से कार्य किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें राज्य की प्रमुख वैलियों की पर्यटन की दृष्टि से ब्राडिंग करनी होगी। इसके लिए प्रत्येक जनपद में स्थित घाटियों के महत्व एवं प्राकृतिक उत्पादों को पहचान दिलाने के लिए भी कार्ययोजना बनाई जाए।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि राज्य में ट्रैकिंग, पैराग्लाइडिंग, राफ्टिंग के क्षेत्र में अनेक संभावनाएं हैं। इस दिशा में तेजी से कार्य भी हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक एवं पर्यटक स्थलों पर स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य में धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ आध्यात्मिक और साहसिक पर्यटन को भी तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। वन डिस्ट्रिक्ट, वन डेस्टिनेशन के क्षेत्र में तेजी से कार्य किये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सशक्त उत्तराखण्ड /25 के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयार किये गये अल्प, मध्य एवं दीर्घकालिक रोडमैप की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य में मातृत्व मृत्युदर को और कम करने के लिए प्रयास किये जाएं। इसके लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा। सरकार द्वारा चलाई जा रही मिशन खुशियों की संवारी का व्यापक स्तर पर प्रचार किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पतालों में मरीजों को लंबी लाईन पर खड़ा न रहना पड़ें, इसके लिए ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन की  प्रभावी व्यवस्था की जाए। ई-संजीवनी एप का वृहद स्तर पर प्रचार किया जाए। जिससे अधिकांश लोग घर से ही चिकित्सकों से परामर्श ले सकें। उन्होंने कहा कि 2025 तक देवभूमि उत्तराखण्ड को नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सभी विभागों द्वारा क्या प्रयास किये गये हैं, इसकी भी समीक्षा की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिले, इसके लिए स्वास्थ्य निदेशालय में आईटी सेल बनाया जाए।
बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव आर. मीनाक्षी सुदंरम, दीपेन्द्र चैधरी, सचिव कार्यक्रम क्रियान्वयन दीपक गैरोला, अपर सचिव सी. रविशंकर, मनोज पंत, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. वितीता शाह, प्राचार्य दून मेडिकल कॉलेज डॉ. आशुतोष सयाना उपस्थित थे।

error: Content is protected !!
WordPress Themes Car Shire || Auto Mechanic & Repair WordPress Theme Car Wash – Auto Spa WordPress Theme Car Zone – Towing & Repair WordPress Theme Carbon – Car Service Elementor Template Kit CarCare – Auto Service & Repair Elementor Template Kit Card Slider – Addon for WPBakery Page Builder Carddio – Card Payment & Online Banking Elementor Template Kit CarDealerz – Auto Dealer & Auto Shop Website Elementor Template Kit Cardioly – Cardiologist and Medical WordPress theme CardLab – Prepaid Card Selling WordPress Plugin