नई दिल्ली। राज्य सभा सांसद व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान उत्तराखंड में बढ़ रही वनाग्नि (फॉरेस्ट फायर) की घटनाओं का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि राज्य में जंगलों में लगने वाली आग को रोकने और उससे प्रभावी ढंग से निपटने के लिए ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।
सदन में बोलते हुए महेंद्र भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड के जंगल हर वर्ष भीषण आग की घटनाओं का सामना करते हैं, जिससे पर्यावरण, वन संपदा और वन्यजीवों को भारी नुकसान होता है। इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने केंद्र सरकार से Forest Fire Prevention and Management (FFPM) Scheme के तहत राज्य को अतिरिक्त फंड आवंटित करने की मांग की।
इसके साथ ही उन्होंने जंगलों में लगने वाली आग पर जल्द काबू पाने के लिए आधुनिक तकनीक और उपकरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि कठिन पहाड़ी क्षेत्रों में आग बुझाने के लिए अग्निशमन हेलीकॉप्टर और ड्रोन जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे समय रहते आग पर नियंत्रण पाया जा सके।
सांसद ने यह भी कहा कि जंगलों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली वन पंचायतों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए और उन्हें वित्तीय प्रोत्साहन भी दिया जाए, ताकि स्थानीय स्तर पर ही वनाग्नि की घटनाओं को रोकने में प्रभावी मदद मिल सके।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी और समन्वित कदम उठाए जाएं, तो उत्तराखंड के जंगलों को हर साल होने वाले बड़े नुकसान से बचाया जा सकता है।
राज्यसभा में सांसद महेंद्र भट्ट ने उठाया उत्तराखंड में वनाग्नि का मुद्दा, केंद्र से अतिरिक्त सहायता की मांग

