देवप्रयाग। गढ़वाल से भाजपा सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी ने अपने लोक सभा प्रवास के दूसरे दिन देवप्रयाग विधानसभा के अंतर्गत जामनीखाल में स्थानीय जनता एवं पार्टी कार्यकर्ताओं से विकास कार्यों एवं जनहित से जुड़े विविध विषयों पर संवाद करने के साथ-साथ विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB – G RAM G योजना से जुड़े प्रावधानों, इसके उद्देश्यों और इससे होने वाले लाभ पर विस्तार से चर्चा की। इससे पहले उन्होंने श्रीनगर में भी स्थानीय जनता, पार्टी कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों के साथ संवाद किया और इलाके के विकास, जनसुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर, सड़क, शिक्षा, पर्यटन एवं अन्य जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही, अनिल बलूनी ने देवप्रयाग के जमनीखाल में स्थित 51 शक्तिपीठों में से एक माँ चन्द्रबदनी मंदिर में दर्शन-पूजन कर माँ का आशीर्वाद भी प्राप्त किया।
अनिल बलूनी ने कहा कि हर गरीब को रोजगार मिले और उसकी गरिमा का सम्मान हो, उसके लिए यह क़ानून आया है। इस योजना का मुख्य मकसद ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप ग्रामीण विकास का नया ढांचा तैयार करना है। नई योजना में काम के दिन ज्यादा होंगे तो साथ ही मजदूरों को पारिश्रमिक भी जल्दी मिलेगा। हर ग्रामीण परिवार को हर साल 125 दिन के रोजगार की गारंटी मिलेगी। वन क्षेत्र में काम करने वाले ST कामगारों को 25 दिन का रोजगार और अधिक मिलेगा। उन्होंने कहा कि VB – G RAM G, मनरेगा की तुलना में और अधिक व्यापक, सस्टेनेबल और प्रभावी है।
भाजपा सांसद ने कहा कि 2011-12 में ग्रामीण गरीबी 25.7% थी जो मोदी जी की सरकार के 11 साल में घट कर 2023-24 में 4.86% रह गई। हमारी सरकार में कनेक्टिविटी में काफी सुधार हुआ है और आजीविका में विविधता आई है। पुराना ओपन-एंडेड मॉडल अब आज की ग्रामीण अर्थव्यवस्था से मेल नहीं खाता। इसलिए इस ग्रामीण रोजगार योजना को 2025 की आवश्यकताओं के साथ पुन: व्यवस्थित करना आवश्यक था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार में मनरेगा में कोई ट्रांसपेरेंसी नहीं थी, अब इसमें रियल टाइम डेटा अपलोड होगा। GPS और मोबाइल मॉनिटरिंग होगी और AI के द्वारा फ्रॉड डिटेक्शन होगा। इससे सही लाभार्थियों को काम मिलेगा और उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा। इस क़ानून में प्रावधान किया गया है कि बुआई और कटाई के मौसम में 60 दिन काम बंद कर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य बुआई और कटाई के समय मजदूरों की कमी नहीं होने देना है। मनरेगा में ऐसा कोई प्रावधान नहीं था। नए क़ानून में मनरेगा के उलट हर हफ्ते पेमेंट किया जा सकता है। मनरेगा में 15 दिन में मजदूरी का भुगतान होता था।
अनिल बलूनी ने कहा कि VB – G RAM G क़ानून के खिलाफ कांग्रेस और इंडी गठबंधन द्वारा लगातार प्रोपेगेंडा चलाया जा रहा है और जनता को गुमराह करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने सभी पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे विपक्ष के प्रोपेगेंडा को पूरी ताकत से बेनकाब करें। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में लागू यह क़ानून रोजगार के अवसरों का विस्तार कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने तथा विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।
