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चंडीगढ़ में गूंजे उत्तराखण्डी लोकगीत, रैबार सांस्कृतिक संध्या में उमड़ी पहाड़ी संस्कृति की झलक

चंडीगढ़। उत्तराखण्ड पिंडर घाटी जनसभा (रजि.) चंडीगढ़ द्वारा रैबार सांस्कृतिक संध्या 2026 का भव्य एवं दिव्य आयोजन गढ़वाल भवन, सेक्टर-29 चंडीगढ़ में किया गया। कार्यक्रम में उत्तराखण्ड की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपरा और पहाड़ी लोकगीतों की शानदार प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया और उन्हें अपने पहाड़ों की यादों से जोड़ दिया।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संजय टंडन (पूर्व अध्यक्ष एवं सह-प्रभारी भाजपा हिमाचल प्रदेश), सौरभ जोशी (मेयर चंडीगढ़) और कृष्णमणि थपलियाल (सदस्य, कर्मकार उत्तराखण्ड बोर्ड)   विनोद कपर्वाण, हरीश चमोली, राहुल कुकरेती, श्रीमती हीरा नेगी (अध्यक्षा महिला मोर्चा भाजपा चंडीगढ़), कुलदीप सिंह राणा (समाजसेवी) और गुरबक्श रावत (पार्षद एवं पूर्व डिप्टी मेयर भाजपा) की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।

मुख्य अतिथि कृष्णमणि थपलियाल सदस्य, कर्मकार उत्तराखण्ड बोर्ड ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखण्ड की संस्कृति और परंपराएं हमारी पहचान हैं और इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम देश के विभिन्न शहरों में रह रहे उत्तराखण्डवासियों को अपनी जड़ों से जोड़े रखने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।

उन्होंने ने कहा  कि रैबार जैसे कार्यक्रम न केवल हमारी लोक परंपराओं को जीवित रखते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को भी अपनी भाषा, संस्कृति और विरासत से परिचित कराने का एक सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने उत्तराखण्ड पिंडर घाटी जनसभा चंडीगढ़ की पूरी टीम को इस शानदार आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि भविष्य में भी इस तरह के आयोजन होते रहने चाहिए ताकि उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को आगे बढ़ाया जा सके।

इसके अलावा मृ्त्युंजय महादेव समिति देवधुरा से समाजसेवी धीरेन्द्र बुटोला भी पहली बार ट्राईसिटी में कार्यक्रम में शामिल हुए।
सभा के चेयरमैन बी.एस. बिष्ट ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया। कार्यक्रम में उपस्थित ध्याणियों को चैत्र माह के पारंपरिक समौंण/रैबार भेंट किए गए तथा विभिन्न महिला मंगल दलों को सम्मानित किया गया, जो उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विरासत को संजोने का कार्य कर रहे हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत चमोली जनपद के प्रसिद्ध लोकगायक दिगम्बर बिष्ट द्वारा की गई। उन्होंने जीतू बगडवाल, स्याली भरणा, आंछरी जागर और कुल देवी जागर जैसे पारंपरिक गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। वहीं लोकगायिका पम्मी नवल ने मेखूं हे बाबा, धनुरधारी और हुरणी कू दिन जैसे लोकप्रिय गीत गाकर उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
प्रेस सचिव भूपेन्द्र रौतेला ने कहा कि सांस्कृतिक सचिव माहि रावत और उनकी पूरी संगीत टीम ने अपने शानदार प्रस्तुतियों से सभी को पहाड़ों की यादों में खो जाने को मजबूर कर दिया।
कार्यक्रम के अंत में जनसभा के प्रधान दर्शन भंडारी और महासचिव बलवंत सिंह रावत ने समारोह में पधारे सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

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