सिमली। जखोली-सिमली बधाण पट्टी में आयोजित 31वां महामृत्युंजय श्रावणी पर्यावरण, पर्यटन एवं सांस्कृतिक त्रिदिवसीय मेला भव्य एवं गरिमापूर्ण समारोह के साथ संपन्न हो गया। तीन दिनों तक चले इस मेले में क्षेत्र की लोक संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण, पर्यटन की संभावनाओं और सामाजिक एकता का संदेश देखने को मिला।
मेले के संयोजक के रूप में मेला समिति द्वारा आयोजन स्थल को आकर्षक रूप से सजाने-संवारने के साथ ही आगंतुकों एवं अतिथियों का स्वागत किया गया। समिति ने कहा कि यह मेला महज एक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की सामाजिक एकता, सांस्कृतिक विरासत, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन चेतना से जुड़ा भावनात्मक अभियान है।
समापन समारोह में जुटे अतिथि और क्षेत्रवासी
समापन दिवस के मुख्य अतिथि संदीप पटवाल रहे। इस अवसर पर उनके साथ देवराज नेगी भी मौजूद रहे। वहीं मेले के द्वितीय दिवस पर मुख्य अतिथि थराली विधायक भूपाल राम टम्टा रहे। कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख गणेश चंदोला, पूर्व ब्लॉक प्रमुख यशपाल नेगी, भाजपा उपाध्यक्ष लक्ष्मण रावत, भाजपा मंडल अध्यक्ष कमलेश सती सहित भाजपा के अनेक कार्यकर्ता एवं कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष उषा रावत सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
समापन दिवस पर रा.इ.का. असेड-सिमली के प्रधानाचार्य सूर्य प्रकाश आर्य के साथ शिक्षक बीरेन्द्र रौतेला, राजेन्द्र बिष्ट, विक्रम भंडारी एवं राजेन्द्र नेगी (काका) ने भी मेले में शिरकत कर आयोजन की गरिमा बढ़ाई।
कार्यक्रम का प्रभावशाली एवं गरिमापूर्ण संचालन पूर्व प्रधानाचार्य चंद्र सिंह नेगी एवं सचिव जयपाल बुटोला ने किया।
पर्यावरण, पर्यटन और संस्कृति का संदेश
तीन दशकों से अधिक समय से निरंतर आयोजित हो रहा यह मेला क्षेत्र की सामूहिक प्रतिबद्धता और जीवंत सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बन चुका है। आयोजन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ावा देने, लोक संस्कृति एवं परंपराओं को जीवंत रखने, सामाजिक सौहार्द एवं भाईचारे को मजबूत करने तथा जन-जागरण का संदेश दिया गया। साथ ही महिलाओं और युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच भी मिला।
मेले के संरक्षक एवं पूर्व जिला उपाध्यक्ष लक्ष्मण रावत ने कहा कि मेले की सफलता किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि समस्त क्षेत्रवासियों, जनप्रतिनिधियों, मातृशक्ति, युवा शक्ति, महिला मंगल दलों, सांस्कृतिक दलों, आयोजन समिति और सभी सहयोगियों की सामूहिक उपलब्धि है। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।
‘संस्कृति बचे, प्रकृति बचे और पर्यटन बढ़े’ का दिया संदेश
मेला समिति के अध्यक्ष हरेन्द्र बुटोला ने कहा कि महामृत्युंजय महादेव की पावन धरती जखोली-सिमली बधाण पट्टी से “संस्कृति बचे, प्रकृति बचे, पर्यटन बढ़े और हमारा पहाड़ समृद्ध बने” का जो संकल्प लिया गया है, वह आने वाले समय में समूची देवभूमि के लिए एक मिसाल बनेगा।
उन्होंने मेले में पहुंचकर आयोजन को सफल बनाने वाले सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, कलाकारों, संगीत से जुड़े पुरोधाओं, कार्यकर्ताओं, ग्रामीणों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
समापन अवसर पर ग्राम प्रधान सिमली संजू देवी, भगत सिंह बूटोला, मोहन प्रसाद सती, रामप्रसाद सती, सुरेशानन्द सती, सुमित, दिगम्बर बूटोला, देवेन्द्र बुटोला, अशोक, हरीश सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
मेले के समापन के साथ ही आयोजन समिति ने अगले वर्ष पुनः इसी उत्साह और व्यापक जनभागीदारी के साथ मेले के आयोजन का संकल्प लिया।
तीन दशक से अधिक पुरानी सांस्कृतिक परंपरा का संदेश देते हुए 31वां महामृत्युंजय श्रावणी मेला संपन्न

