कर्णप्रयाग। सावन माह के पावन अवसर पर कर्णप्रयाग संगम और गौमुख से गंगाजल लेकर आए शिवभक्तों एवं कांवड़ियों ने परखाल स्थित महामृत्युंजय महादेव मंदिर देवधुरा में भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इस अवसर पर पूरा देवधुरा क्षेत्र “बम-बम भोले” के जयघोष से गूंज उठा।
मंदिर समिति के सदस्यों और सैकड़ों शिवभक्तों ने 999 सीढ़ियां चढ़कर देवधुरा शिखर तक पहुंचकर भगवान महामृत्युंजय महादेव का जलाभिषेक किया। पौराणिक वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनि और शंखनाद से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो भगवान आशुतोष स्वयं अपने भक्तों के बीच विराजमान हों।
इस अवसर पर मंदिर समिति के पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। कांवड़ यात्रा के दौरान पूर्व भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष देवा नेगी ने भंडारे की व्यवस्था की। कार्यक्रम में सुदर्शन कनेरी, मंदिर समिति के अध्यक्ष बृजमोहन बुटोला, अब्बल सणकोटी, पान सिंह, विक्रम परिहार, मोनू सती, देवेंद्र परिहार, जयपाल बुटोला, दयाल सिंह तड़ाकी, वीरेंद्र बुटोला तथा मंदिर के पुजारी और आचार्य सहित ग्राम पाल छुनी की मातृशक्ति भी उपस्थित रही।
इसके अलावा वाण गांव से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर के दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिर समिति के अध्यक्ष बृजमोहन बुटोला ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए सावन के अंतिम सोमवार को अधिक से अधिक संख्या में मंदिर पहुंचकर भगवान शिव के दर्शन करने का आह्वान किया।
समिति के सदस्यों ने कहा कि देवधुरा स्थित महामृत्युंजय महादेव मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है और सावन के महीने में यहां दूर-दूर से श्रद्धालु भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचते हैं।
कर्णप्रयाग संगम और गौमुख से गंगाजल लाकर महामृत्युंजय महादेव मंदिर देवधुरा में हुआ जलाभिषेक

