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प्रदेश में केंद्रीय हर खेत को पानी योजना का 70 फीसदी काम पूरा

देहरादून। केंद्रीय हर खेत को पानी सिंचाई योजना के तहत प्रदेश में 70 फीसदी से अधिक परियोजनाएं पूर्ण हो गई है। इसी तरह संसद में उठाए एक सवाल के ज़बाब में राज्य के हवाई अड्डे इंफ्रास्ट्रक्चर पर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट द्वारा राज्यसभा में केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित उत्तराखंड की प्रमुख सिंचाई परियोजनाएं की प्रगति को लेकर जानकारी मांगी गई थीं। किए ज़बाब में केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने बताया कि उत्तराखंड की दो प्रमुख सिंचाई परियोजनाएं, जमरानी बांध परियोजना और लखवार बहुउ‌द्देशीय परियोजना, केन्द्रीय सहायता के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम के अंतर्गत शामिल की गई हैं। इन परियोजनाओं में भौतिक प्रगति क्रमशः 21% और 14% हुई है। इसके अतिरिक्त, उत्तराखंड की 1,066 सतही लघु सिंचाई परियोजनाओं के दो समूह, केन्द्रीय सहायता के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-हर खेत को पानी-सतही लघु सिंचाई कार्यक्रम के अंतर्गत शामिल किया गया है। उत्तराखंड सरकार से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अब तक 772 परियोजनाए पूर्ण हो गई हैं। शेष परियोजनाओं को शीघ्रता से पूरा करने के लिए, कार्यान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए समीक्षा बैठकों और फील्ड निरीक्षणों के माध्यम से हो रही भौतिक और वित्तीय प्रगति की नियमित निगरानी की जाती है। राज्यों को आधुनिक प्रौद्योगिकियों और बेहतर परियोजना प्रबंधन पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है ताकि परियोजनाओं का क्रियान्वयन तेजी से हो सके।

इसी तरह पंतनगर और जॉली ग्रांट हवाई अड्डों के विस्तार को लेकर मांगी जानकारी के ज़बाब में नागर विमानन मंत्रालय राज्य मंत्री श्री मुरलीधर मोहोल ने बताया, देहरादून में जॉली ग्रांट हवाईअड्डे के विस्तार के लिए, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने राज्य सरकार से 140.5 एकड़ भूमि का अनुरोध किया है।पंतनगर हवाईअड्डे के लिए, एएआई ने लगभग 8500 वर्ग मीटर के नए टर्मिनल भवन के निर्माण के लिए विकास कार्य आरंभ किया है, जिसकी क्षमता प्रति वर्ष 1.01 मिलियन यात्री (एमपीपीए) है, साथ ही मौजूदा रनवे को 3000 मीटर तक विस्तार किया जाना है, जो ए321 प्रकार के विमानों के परिचालन के लिए उपयुक्त है, साथ ही इसमें एप्रन, टैक्सीवे, परिधि सड़क और बाउंड्री वॉल का निर्माण जैसे संबद्ध कार्य भी शामिल हैं।

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