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उत्तराखंड में 17 सितंबर से अब तक 12,207 स्वास्थ्य शिविरों में 6,59,216 लोग हुए लाभान्वित

देहरादून। उत्तराखंड में चल रहे ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान के तहत 17 सितम्बर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस से आज तक आयोजित स्वास्थ्य शिविरों ने जन स्वास्थ्य में ठोस असर दिखाया है। 17 सितम्बर से प्रारम्भ हुए शिविरों के माध्यम से प्राथमिक जांच, लक्षित स्क्रीनिंग, टीकाकरण और परामर्श सेवाएँ ग्रामीण व शहरी दोनों स्तरों पर प्रभावी रूप से लागू की गईं हैं। इस व्यापक पहल का उद्देश्य महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जल्दी पहचान, समय पर उपचार और रोगनिवारक सेवाओं का स्थायी नेटवर्क बनाना है ताकि हर नागरिक सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और जवाबदेह स्वास्थ्य सुविधाओं से लाभान्वित हो सके। 17 सितम्बर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस से शुरू हुआ यह महाअभियान आगामी 2 अक्टूबर महात्मा गांधी के जन्मदिवस तक जारी रहेगा। आज 25 सितंबर को पूरे प्रदेश में कुल 1,535 स्वास्थ्य शिविर (स्क्रीनिंग व स्पेशलिटी कैंप) आयोजित किए गए, जिनमें 21 विशेष स्पेशलिटी कैंप भी शामिल थे। अभियान के आरम्भिक दिनांक 17 सितंबर से अब तक कुल 12,207 शिविर संपन्न हुए हैं जिनमें 311 स्पेशलिटी कैंप शामिल रहे। आज 25 सितंबर को शिविरों में 46,956 पुरुष और 67,027 महिलाएँ स्वास्थ्य जांच के लिए पहुंचीं। अभियान के इस चरण में अब तक कुल 2,62,052 पुरुष और 3,97,164 महिलाएँ लाभान्वित हो चुकी हैं, जो इससे जुड़े व्यापक जनसम्पर्क और सेवा विस्तार की सफलता को दर्शाता है।
अभियान के दौरान असंक्रामक रोगों की स्क्रीनिंग पर विशेष जोर दिया गया है। आज 25 सितंबर को हाईपरटेंशन की जांच के तहत 19,896 पुरुष और 25,045 महिलाओं की स्क्रीनिंग की गई, अब तक कुल 3,10,652 लोगों का परीक्षण किया जा चुका है। डायबिटीज स्क्रीनिंग में 25 सितंबर को 18,459 पुरुष व 23,633 महिलाएँ जांच के अंतर्गत आईं, और इस प्रकार कुल 2,91,562 लोगों का परीक्षण हो चुका है। कैंसर (ओरल, सर्वाइकल, ब्रेस्ट) की जांच में भी बड़ा कवरेज रहा कृ आज 11,188 पुरुष तथा 25,717 महिलाएँ जांच के लिए आईं, कुल मिलाकर अब तक 2,76,708 लोगों ने कैंसर स्क्रीनिंग कराई है।
प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं में एएनसी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आज 25 सितंबर को 6,474 गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच हुई, और अभियान के आरम्भ से अब तक कुल 60,935 महिलाओं की प्रेगनेंसी देखभाल सुनिश्चित की गई है। एनीमिया स्क्रीनिंग में आज 1,559 पुरुष और 4,448 महिलाएँ जांच के दायरे में आईं; अब तक 16,686 पुरुष और  86,013  महिलाओं की एनीमिया जांच की जा चुकी है। बच्चों के टीकाकरण पर भी जोर रहा, आज 2,799 बच्चों को टीके लगाए गए जिनमें 2,043 बालिकाएँ शामिल थीं, कुल टीकाकरण अब तक 91,426 बच्चों तक पहुँच चुका है।
टीबी नियंत्रण पहल के तहत आज 25 सितंबर को 764 पुरुष और 1,026 महिलाएँ टीबी स्क्रीनिंग के लिए आईं; अभियान आरम्भ से अब तक कुल 81,806 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। निक्षय मित्र पंजीकरण के माध्यम से आज 202 पुरुष और 105 महिलाएँ पंजीकृत हुईं; अब तक कुल 4,631 लोगों का पंजीकरण हुआ है, जिससे निदान और उपचार की दर में सुधार की उम्मीद है।
सिकल सेल रोग के परीक्षण में आज 51 लोगों की जाँच की गई, जबकि अभियान के दौरान अब तक कुल 112 लोगों का परीक्षण पूर्ण हुआ है। सिकल सेल कार्ड वितरण की प्रक्रिया भी जारी है और अब तक कुल 23 कार्ड वितरण किए जा चुके हैं, ताकि रोगियों को आवश्यक सुविधाएँ एवं लाभ शीघ्र मिल सकें। आज 25 सितंबर को आयोजित शिविरों में 27,565 पुरुष और 37,706 महिलाएँ परामर्श हेतु पहुँचीं। अभियान के आरम्भ से अब तक कुल 3,55,654 लाभार्थियों ने परामर्श सेवाओं का लाभ लिया है, जिसमें निवारक सलाह, जीवनशैली पर मार्गदर्शन और विशेष रोगों के प्रबंधन हेतु निर्देश शामिल हैं। आयुष्मान/पीएम-जय कार्ड वितरण के अंतर्गत आज 312 पुरुष व 388 महिलाओं को कार्ड प्रदान किए गए; अब तक कुल 9,108 कार्ड जारी किए जा चुके हैं। ई-रक्तकोष के माध्यम से 25 सितंबर को 4,368 रक्तदाता पंजीकृत हुए; कुल पंजीकरण 51,868 तक पहुँच चुका है। आज एकत्रित रक्त की मात्रा 606 यूनिट रही, और अभियान आरम्भ से अब तक कुल 7,104 यूनिट रक्त सुरक्षित किया गया है।
केंद्रीय संस्थान, मेडिकल कॉलेज और निजी संगठन भी अभियान में सक्रिय सहयोग कर रहे हैं। 25 सितंबर को इन संस्थाओं द्वारा 4 शिविर आयोजित किए गए; कुल मिलाकर अब तक 14 ऐसे संयुक्त शिविर हो चुके हैं जिनमें आज 893 पुरुष व 1005 महिलाओं, अभियान आरम्भ से अब तक 2,006 पुरुष और 2,640 महिलाएँ लाभान्वित हुई हैं। इस साझेदारी से तकनीकी विशेषज्ञता, संसाधन और स्पेशलिटी सेवाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर मिल रहा है।
“स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” अभियान हमारे प्रदेश की सामाजिक व आर्थिक मजबूती के लिए निर्णायक पहल है। इतने कम समय में हजारों शिविरों के माध्यम से लाखों लोगों तक पहुंच बनना यह दर्शाता है कि स्वास्थ्य सेवा अब घर-घर तक पहुँचाने योग्य है। हमारी प्राथमिकता है मातृत्व स्वास्थ्य, बाल स्वास्थ्य और बुजुर्गों की देखभाल में निरंतर सुधार लाना; साथ ही दुर्लभ एवं लक्षित बीमारियों की शीघ्र पहचान कर इलाज सुनिश्चित करना। हम संसाधन, प्रशिक्षण और निगरानी को और सशक्त कर इस अभियान को और व्यापक बनाएंगे ताकि हर व्यक्ति को समय पर और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सके।
यह अभियान स्वास्थ्य व्यवस्था के हर स्तर को मजबूत कर रहा है, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर मेडिकल कॉलेजों तक समन्वय स्पष्ट दिख रहा है। स्क्रीनिंग, टीकाकरण और परामर्श सेवाओं के विस्तार से न केवल रोगों का शीघ्र पता चल रहा है बल्कि इलाज की दिशा में लोगों में बढ़ती जागरूकता भी मिल रही है। हम न केवल सेवाओं के दायरे को बढ़ाएंगे बल्कि गुणवत्ता के मानक भी सुनिश्चित करेंगे। सरकार लगातार मॉनिटरिंग और लोकल टीमों के साथ समन्वय कर रही है ताकि अभियान का लाभ सबसे दूरस्थ स्थानों तक पहुंचे।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तराखंड कहता है कि ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान के अनुभव और आँकड़ों के आधार पर आगे योजनाओं में सुधार और संसाधन समायोजन किया जाएगा। आगामी चरण में और अधिक लक्षित शिविर, विशेष उपचार श्रृंखलाएँ और समुदाय-आधारित निगरानी तंत्र लागू किए जाएंगे ताकि राज्य के प्रत्येक कोने के नागरिक सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाओं से लाभान्वित हों। जनता से आग्रह है कि अपने नजदीकी शिविर में आगे भी सक्रिय भागीदारी कर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाएँ।

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