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बीआरपी व सीआरपी के पदों पर आउटसोर्स एजेन्सी के माध्यम से 955 पदों पर होगी तैनाती

देहरादून। राज्य कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। प्रारंभिक शिक्षा विभाग में समग्र शिक्षा योजनान्तर्गत विकासखण्ड स्तर पर सृजित ब्लॉक रिसोर्स पर्सन (बी०आर०पी०) एवं संकुल रिसोर्स पर्सन (सी०आर०पी०) के पदों पर भर्ती के निर्धारित स्रोत प्रतिनियुक्ति के स्थान पर आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से चयन कराये जाने के सम्बन्ध में कैबिनेट द्वारा निर्णय लिया गया है। समग्र शिक्षा योजनान्तर्गत विकासखण्ड एवं संकुल स्तर पर अकादमिक सहयोग एवं अनुसमर्थन हेतु शासनादेश दिनांक 28 अक्टूबर 2020 के द्वारा 285 ब्लॉक रिसोर्स पर्सन (बी०आर०पी०) एवं 670 क्लस्टर रिसोर्स पर्सन (सी०आर०पी०) इस प्रकार कुल 955 पद सृजित किये गये हैं। वर्तमान में भारत सरकार द्वारा समग्र शिक्षा के अन्तर्गत ब्लॉक रिसोर्स पर्सन (बी०आर०पी०) व क्लस्टर रिसोर्स पर्सन (सी०आर०पी०) के पदों पर तैनात कार्मिकों को र 40,000 (रु० चालीस हजार मात्र) प्रतिमाह का मानदेय निर्धारित किया है, जिसमें 90ः10 अनुपात के आधार पर केन्द्र सरकार व राज्य सरकार द्वारा खर्चे का वहन किया जाएगा। बी०आर०पी० व सी०आर०पी० के पदों पर आउटसोर्स एजेन्सी के माध्यम से कुल 955 पदों पर तैनाती की कार्यवाही की जायेगी।
2022-23 सत्र से उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर नैनीताल की हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट की परिषदीय परीक्षाओं में सम्मिलित परीक्षार्थियों को परीक्षाफल में सुधार का अवसर देने हेतु परीक्षाफल सुधार परीक्षा का आयोजन किया जाना प्रस्तावित है। परीक्षाफल सुधार परीक्षा में जहाँ हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट की मुख्य परिषदीय परीक्षा में अनुतीर्ण परीक्षार्थियों को अपने परीक्षाफल सुधार करने अर्थात उत्तीर्ण होने के तीन अतिरिक्त अवसर प्रदान किए जाएंगे वहीं दूसरी और हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट की परिषदीय परीक्षा में उत्तीर्ण परीक्षार्थियों को विषय विशेष में अपेक्षित प्रदर्शन न कर पाने की दशा में अपने उस विषय ध् विषयों के प्राप्तांकों में सुधार का एक अतिरिक्त अवसर भी प्रदान किया जायेगा। उपरोक्तानुसार उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद् विनियम, 2009 में विद्यमान विनियम में प्रस्तर 16 के पश्चात् नये प्रस्तर 16 (1) का अंतस्थापन किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई
सीएम पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में कई अहं निर्णय लिए गए। उत्तराखण्ड फुट लाँच एयरो स्पोर्ट (पैराग्लाइडिंग) 2018 (मूल नियमावली) यथा प्रथम संशोधित नियमावली-2019 में निहित प्राविधानों के अन्तर्गत व्यवसायिक पैराग्लाइडिंग की अनुज्ञा प्रदान करने में आ रही कतिपय व्यवहारिक कठिनाईयों के दृष्टिगत संशोधन प्रस्तावित किया गया है जिसमें आवेदक का आवेदन मंजूर होने पर ऑपरेटर को एक माह के अन्तर्गत अनुज्ञा निर्गत किये जाने का प्रस्ताव है एवं यात्रियों के सुरक्षा मानकों में लापरवाही पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही ट्रेंडम पायलट के द्वारा न्युनतम 50 कि०मी० के स्थान पर न्यूनतम 35 कि०मी० की हवाई दूरी तय किये जाने का प्रावधान किया गया है। उक्त न्यूनतम हवाई दूरी आर्हता प्राप्त किये जाने के लिये 30 जून, 2023 तक का अतिरिक्त समय प्रदान किया गया है।
प्रदेश के अशासकीय विद्यालयों के संचालन हेतु उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा अधिनियम-2006 प्रख्यापित है सम्बन्धित अधिनियम के भाग-8 “प्रशासन योजना, प्रबन्ध समिति का कार्यकाल, प्राधिकृत नियन्त्रक की नियुक्ति के धारा 33 (प्रबन्ध समिति का कार्यकाल) में इस अधिनियम की धारा 29 के अधीन बनाई गयी प्रशासन योजना में अशासकीय विद्यालयों में संचालित प्रबन्ध समिति का कार्यकाल तीन वर्ष से अधिक नहीं होगा, प्राविधानित है, किन्तु तत्कालीन मा० मंत्रिमण्डल द्वारा बिना विभागीय प्रस्ताव के स्वतः संज्ञान लेते हुए दिनांक 16 जुलाई 2016 एवं दिनांक 13 दिसम्बर 2016 को प्रबन्ध समिति का कार्यकाल 03 वर्ष से बढ़ाकर 05 वर्ष किये जाने का निर्णय लिया गया है। मा० मंत्रिमण्डल द्वारा लिये गये उक्त निर्णय के अनुपालन हेतु उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा अधिनियम 2006 में तद्नुसार आवश्यक संशोधन किये जाने के लिए विधेयक का प्रस्ताव तत्समय किन्ही कारणवश विधानसभा के पटल पर नहीं रखा जा सका है। उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा अधिनियम-2006 में अशासकीय विद्यालयों की प्रबन्ध समिति के कार्यकाल के सम्बन्ध में प्राविधानित 03 वर्षीय कार्यकाल की व्यवस्था समुचित है। उक्त कार्यकाल बढ़ाकर 05 वर्ष किये जाने से अशासकीय विद्यालयों में न्यायिक वादों में वृद्धि हो सकती है। 03 वर्ष कार्यकाल रखे जाने की स्थिति में यदि प्रबन्ध समिति अच्छा कार्य करेगी और लोकप्रिय होगी तो अवश्य ही दूसरे कार्यकाल हेतु चुन कर आ सकती है। अतः ऐसी स्थिति में अशासकीय विद्यालयों में संचालित प्रबन्ध समिति का कार्यकाल अधिनियम में उल्लिखित वर्तमान व्यवस्थानुसार 03 वर्ष ही यथावत रखे जाने के प्रस्ताव को किया गया अनुमोदित।
राज्य में वर्ष 2017 से माल और सेवा कर (जी०एस०टी०) लागू होने के दृष्टिगत राज्य में मनोरंजन कर विभाग का समायोजन वाणिज्य कर विभाग में हो जाने के फलस्वरूप मनोरंजन कर विभाग के कार्मिकों का संविलियन वाणिज्य कर विभाग में किया गया है। साथ ही “वाणिज्य कर विभाग उत्तराखण्ड का नाम परिवर्तित कर राज्य कर विभाग उत्तराखण्ड“ किया गया है। उक्त के क्रम में राज्य कर विभाग में प्रभावी उत्तराखण्ड वाणिज्य कर अधिकारी सेवा नियमावली के नाम को परिवर्तित कर उत्तराखण्ड राज्य कर अधिकारी सेवा नियमावली किया जाना एवं वाणिज्य कर विभाग में मनोरंजन कर विभाग से संविलियन किये गये कार्मिकों को सेवा संबंधी लाभ प्रदान किये जाने हेतु उत्तराखण्ड वाणिज्य कर अधिकारी सेवा नियमावली, 2009 के कतिपय नियमों में संशोधनों के अनुसार उत्तराखण्ड वाणिज्य कर अधिकारी सेवा (प्रथम संशोधन) नियमावली 2023 को प्रख्यापित किये जाने के प्रस्ताव को मंजूरी। नियमावली में “वाणिज्य कर शब्दों के स्थान पर “राज्य कर“ शब्द “आयुक्त कर शब्दों के स्थान पर “आयुक्त राज्य कर किया गया है। सेवा की सदस्य संख्या में मनोरंजन कर विभाग से संविलियन निरीक्षक संवर्ग के कार्मिकों हेतु 09 पदों को आरक्षित किये जाने एवं अन्य सेवा सम्बन्धी संशोधन किये गये है। नियमावली में आरक्षण सम्बन्धी विद्यमान नियम में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों का अंकित किये जाने हेतु संशोधन शामिल है।
उत्तराखण्ड अग्निशमन एवं आपात सेवा विभागान्तर्गत फायर स्टेशन की स्थापना हेतु वर्तमान में कोई स्पष्ट मानक निर्धारित न होने के कारण फायर स्टेशन की स्थापना ध् अग्निशमन कार्मिकों के पद सृजन में कतिपय कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है अतः राज्य में हो रहे शहरीकरण एवं औद्योगिकीकरण के विस्तार के क्रम में फायर रिस्क को दृष्टिगत रखते हुये अग्निशमन एवं आपात सेवा का सुदृढ़ीकरण किये जाने के क्रम में पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश एवं हिमांचल प्रदेश की तर्ज पर राज्य में फायर स्टेशन की स्थापना हेतु 07 श्रेणियों में वाहन मशीन उपकरण तथा अग्निशमन कार्मिकों के मानकों का निर्धारण किये जाने के सम्बन्ध में मंत्रिमण्डल द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया है। राज्य के देहरादून, पौड़ी एवं अल्मोड़ा जिलों में उत्तराखण्ड भातखण्डे हिन्दुस्तानी संगीत महाविद्यालय स्थापित हैं, जिनमें गत वर्षों से उत्तराखण्ड एवं अन्य राज्यों के अनेकों विद्यार्थियों को हिन्दुस्तानी संगीत की विद्या में पारंगत किया जाता रहा है। इन महाविद्यालयों में कार्यरत संगतकर्ताओं ध् कनिष्ठ प्रवक्ताओं ध् प्रवक्ताओं को पदोन्नति के अवसर उपलब्ध कराये जाने एवं हिन्दुस्तानी संगीत में अध्ययनरत् छात्र-छात्राओं को रोजगार के अवसर प्रदान कराये जाने हेतु उत्तराखण्ड भातखण्डे हिन्दुस्तानी संगीत महाविद्यालय अधीनस्थ सेवा नियमावली 2023 प्रख्यापित की जा रही है। किये जाने का लिया गया निर्णय।

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