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भट्ट बोले, अल्पसंख्यक कानून सामाजिक समानता और कल्याण का आधार

देहरादून। भाजपा ने असंख्यक शिक्षा विधेयक की राजभवन से मंजूरी का स्वागत करते हुए, अल्पसंख्यक समाज के सभी धर्मों से जुड़े लोगों को बधाईयां दी है। प्रदेशाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने इस संशोधन को अल्पसंख्यक समाज में समानता और सर्वकल्याण भाव स्थापित करने के लिए अहम बताया। वहीं हर मुद्दे पर सीबीआई जांच की मांग दोहराने वाली कांग्रेस से प्रश्न पूछा कि पहले वे स्पष्ट करें उनके नेता वर्तमान में जारी सीबीआई जांचों का विरोध करना कब बंद करेंगे?

पार्टी मुख्यालय में एक कार्यक्रम के उपरांत मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने, राज्यपाल द्वारा अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक की मंजूरी का स्वागत किया है। उन्होंने महामहिम का आभार करते हुए कहा, विधानसभा द्वारा पास विधेयक को इस स्वीकृति के बाद कानून का स्वरूप मिला है। हमारी सरकार और पार्टी का स्पष्ट रुख है कि देश में अल्पसंख्यक समाज कोई एक धर्म नहीं होता है। अल्पसंख्यक समुदाय में सिख, ईसाई, जैन, पारसी आदि अनेकों धर्म के लोग आते हैं उनके लिए समान व्यवस्था होनी चाहिए। हम प्रतिबद्ध हैं कि सब के लिए समान नागरिक व्यवस्था हो, सुविधा हो, कल्याणकारी योजनाएं हो। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सुधार, अल्पसंख्यकों के अंदर समानता के भाव निर्मित करेगा।

उन्होंने कांग्रेस द्वारा लगाई जा रही आपत्तियों को उनकी मुस्लिम तुष्टिकरण नीति का परिणाम बताया। वहीं सवाल उठाया कि कांग्रेस बताए, उनकी नजर में अल्पसंख्यक समाज के अन्य धर्मों की अहमियत है या नहीं। उन्हें सिख, ईसाई, जैन समाज के प्रति भी अपना दृष्टिकोण स्पष्ट करना चाहिए, क्या उनकी नजर में अल्पसंख्यक का अर्थ सिर्फ मुस्लिम समाज है।

वहीं कांग्रेस द्वारा मंदिर समिति के तथाकथित स्वर्णमंडन प्रकरण की सीबीआई जांच को बेबुनियाद बताते हुए तंज कसा कि कांग्रेस स्पष्ट करें, वह सीबीआई जांच के खिलाफ कब बोलना बंद करेंगे। क्योंकि उनके आल्हा कमान समेत तमाम बड़े नेता हमेशा सीबीआई को पक्षपात और अन्याय करने वाली एजेंसी बताते हैं। जबकि इस पूरे मामले में स्वतंत्र संस्था श्री बद्री केदार मंदिर समिति द्वारा जांच की गई और रिपोर्ट में स्पष्ट हो गया गड़बड़ी के सभी आरोप झूठे एवं बेबुनियाद हैं। लेकिन कांग्रेस पार्टी, हिन्दू धर्म की आस्था और केदार धाम के प्रति विश्वास को नुकसान पहुंचाना चाहती है, ताकि उनकी राजनैतिक रोटियां सिकती रहें। इसलिए हमारा रुख स्पष्ट है कि प्रदेश हित और सनातन सम्मान के साथ कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा।

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