नई दिल्ली। गढ़वाल हीरोज फुटबॉल क्लब की गौरवशाली परंपरा और उसकी उपलब्धियों को याद करते हुए गढ़वाल सांसद एवं राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी ने कहा कि वर्ष 1953 से यह क्लब केवल गढ़वाल ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की पहचान बनकर उभरा है। दशकों से यह संस्था भारतीय फुटबॉल जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है और प्रदेश के अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है।
अनिल बलूनी ने कहा कि हाल ही में उन्हें गढ़वाल हीरोज फुटबॉल क्लब के वेटरन खिलाड़ियों को सम्मानित करने का अवसर प्राप्त हुआ। इस अवसर पर हरिद्वार के सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत और टिहरी गढ़वाल की सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह भी मौजूद रहीं। कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों के योगदान को याद करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
उन्होंने कहा कि गढ़वाल हीरोज फुटबॉल क्लब उत्तराखंड की खेल संस्कृति, संघर्ष, अनुशासन और समर्पण का प्रतीक है। इस क्लब ने वर्षों तक अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। यही कारण है कि आज भी यह संस्था नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।
अनिल बलूनी ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों का संकल्प है कि उत्तराखंड की इस गौरवशाली खेल विरासत को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जाएगा और खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग एवं प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में गढ़वाल हीरोज फुटबॉल क्लब भारतीय फुटबॉल जगत में अपनी उपलब्धियों का नया इतिहास रचेगा।
दिल्ली में गूँजी गढ़वाल हीरोज फुटबॉल क्लब की गौरवगाथा

