बमोथ/चमोली। रानौ खाल मोटर मार्ग पर हाल ही में कराया गया डामरीकरण कार्य दो महीने भी नहीं टिक पाया। सड़क कई स्थानों पर उखड़ चुकी है, जिससे आवागमन खतरनाक हो गया है। लगातार शिकायतों के बावजूद विभागीय अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। जगह-जगह गड्ढे और उखड़ी डामर के कारण कई वाहन फिसल चुके हैं, जिससे लोगों को चोटें भी आई हैं। ग्राम बमोथ निवासी जितेंद्र मल्ल ने कहा कि यदि जल्द सड़क की मरम्मत नहीं की गई तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
जितेंद्र मल्ल ने चेतावनी दी है कि यदि तुरंत सड़क को दुरुस्त नहीं किया गया तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उनका कहना है कि जब तक क्षेत्रीय जनता एकजुट होकर आवाज नहीं उठाएगी, तब तक विभाग की कुंभकर्णी नींद नहीं टूटेगी।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि यदि अभी सख्ती नहीं की गई तो भविष्य में होने वाला डामरीकरण कार्य भी घटिया गुणवत्ता का हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कर दोषी ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा शीघ्र मरम्मत कार्य शुरू कराया जाए।
हैरत की बात यह भी बताई जा रही है कि जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्ष्मण खत्री का घर सूगी में स्थित है और वे प्रतिदिन इसी मार्ग से गुजरते हैं। इसके बावजूद सड़क की स्थिति दो महीने में ही खराब हो जाना उपाध्यक्ष पर भी कई सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों से भी इस मामले में ठोस पहल करने की मांग की है।
उपाध्यक्ष खत्री के गांव में ही घटिया निर्माण! दो महीने में सड़क बनी गड्ढों का जाल, ग्रामीणों में रोष
