हरीश चमोली
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज राज्य के ऐसे युवा और ऊर्जावान नेतृत्व के रूप में स्थापित हो चुके हैं, जिन्होंने कम समय में अपने कार्यों से स्पष्ट पहचान बनाई है। सीमांत और पर्वतीय राज्य की भौगोलिक चुनौतियों के बीच विकास, सांस्कृतिक संरक्षण और सुशासन को एक साथ साधना उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता रही है।
मुख्यमंत्री धामी ने सत्ता संभालते ही स्पष्ट किया कि सरकार का केंद्रबिंदु आमजन होगा। सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण और संतुष्टि के मंत्र के साथ प्रशासनिक कार्यसंस्कृति को नई दिशा दी गई। सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर विशेष जोर दिया गया, जिससे जनता को राहत मिली और भरोसा बढ़ा।
निर्णायक नेतृत्व की पहचान
मुख्यमंत्री धामी का नेतृत्व निर्णायक फैसलों के लिए जाना जाता है। चाहे समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की ऐतिहासिक पहल हो या नकल विरोधी कानून के माध्यम से युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने का निर्णय—इन कदमों ने शासन में दृढ़ इच्छाशक्ति का संदेश दिया। इन फैसलों ने राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाई।
विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
राज्य में सड़क, पुल, हवाई कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में तेज़ी से कार्य हुए हैं। चारधाम सड़क परियोजना, हेली सेवाओं का विस्तार, मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहा। मुख्यमंत्री का मानना है कि मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर ही पहाड़ी राज्य की आर्थिक प्रगति की नींव है।
युवा, महिला और किसान केंद्रित नीतियाँ
मुख्यमंत्री धामी ने युवाओं को राज्य की शक्ति मानते हुए रोज़गार, स्वरोज़गार और स्टार्टअप को बढ़ावा दिया। महिलाओं के लिए स्वरोज़गार योजनाएं, स्वयं सहायता समूहों को सशक्त करना और लखपति दीदी जैसी पहलें उनकी सोच को दर्शाती हैं। किसानों के लिए एप्पल मिशन, मिलेट मिशन, फार्म मशीनरी बैंक जैसी योजनाओं से कृषि को लाभकारी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए।
वोकल फॉर लोकल और सांस्कृतिक पहचान
‘वोकल फॉर लोकल’ मुख्यमंत्री धामी के विज़न का अहम हिस्सा है। ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ योजना और ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के माध्यम से उत्तराखंड के पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार तक पहुँचाया जा रहा है। इससे स्थानीय कारीगरों, महिला समूहों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ताकत मिली है।
पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण
नई पर्यटन नीति, होम स्टे योजना, वेड इन उत्तराखंड और फिल्म नीति जैसे प्रयासों से राज्य में पर्यटन को नया आयाम मिला है। साथ ही देवभूमि की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को संरक्षित रखते हुए विकास का संतुलन साधा गया है।
जनता से सीधा संवाद
मुख्यमंत्री धामी की एक बड़ी विशेषता उनका जनता से सीधा संवाद है। दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों तक पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनना और त्वरित समाधान के निर्देश देना उनकी कार्यशैली का अहम हिस्सा है। यही कारण है कि वे एक संवेदनशील और कर्मठ जननेता के रूप में लोकप्रिय हैं।
विकसित उत्तराखंड का संकल्प
पुष्कर सिंह धामी का स्पष्ट विज़न है सुरक्षित, आत्मनिर्भर और विकसित उत्तराखंड। युवा ऊर्जा, प्रशासनिक दृढ़ता और सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े विकास मॉडल के साथ वे राज्य को नई ऊंचाइयों की ओर ले जाने का प्रयास कर रहे हैं।
