देहरादून। गढ़वाल लोकसभा सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी ने नई दिल्ली में केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर उत्तराखंड में तेजी से बढ़ रहे मानव–वन्य जीव संघर्ष पर गहरी चिंता जताई। बढ़ती घटनाओं और लोगों में बढ़ते भय को देखते हुए यह मुलाकात अत्यंत महत्वपूर्ण रही।
मानव–वन्य जीव संघर्ष में अचानक बढ़ोतरी
सांसद बलूनी ने बताया कि हाल के दिनों में गढ़वाल समेत उत्तराखंड के कई पर्वतीय क्षेत्रों में वन्य जीवों के हमलों की घटनाएं असामान्य रूप से बढ़ी हैं। कई नागरिक घायल हुए हैं और कुछ लोगों की दुर्भाग्यपूर्ण मौत भी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि पहली बार कई क्षेत्रों में भालुओं के हमलों की घटनाएं सामने आना बेहद चिंताजनक स्थिति को दर्शाता है।
WII देहरादून से विस्तृत अध्ययन कराने की मांग
इन घटनाओं को देखते हुए बलूनी ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII), देहरादून और अन्य विशेषज्ञ संस्थानों के माध्यम से मानव–वन्य जीव संघर्ष के वास्तविक कारणों का वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाए। उन्होंने कहा कि जब तक कारण स्पष्ट नहीं होंगे, तब तक दीर्घकालिक एवं प्रभावी समाधान संभव नहीं है।
पीड़ितों के लिए विशेष आर्थिक सहायता की आवश्यकता
सांसद ने यह भी कहा कि वन्य जीव हमलों में घायल और मृतक नागरिकों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता अपर्याप्त है। पर्वतीय राज्यों की भौगोलिक चुनौतियों और सीमित संसाधनों के कारण उत्तराखंड को अतिरिक्त सहायता और संसाधनों की जरूरत है। उन्होंने केंद्र सरकार से इन मामलों में विशेष आर्थिक पैकेज देने की मांग की।
किसानों की फसलों पर भारी नुकसान, विशेष मुआवजा योजना की मांग
बलूनी ने बैठक में यह भी रेखांकित किया कि गढ़वाल क्षेत्र में किसान पहले ही सीमित भूमि और कठिन मौसम में खेती करते हैं। ऐसे में जब जंगली जानवर उनकी मेहनत से उगाई फसलों को नष्ट कर देते हैं, तो वे गंभीर आर्थिक संकट में आ जाते हैं। उन्होंने प्रभावित किसानों के लिए विशेष मुआवजा योजना लाने की सिफ़ारिश की।
केंद्रीय मंत्री का सकारात्मक रुख
सांसद द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने गंभीरता से सुना और शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि मानव–वन्य जीव संघर्ष एक संवेदनशील विषय है और सरकार इस पर प्रभावी कार्यवाही के लिए प्रतिबद्ध है।
मुलाकात के बाद सांसद बलूनी ने कहा कि वे उत्तराखंड के हितों के लिए इसी प्रकार लगातार केंद्र सरकार से संवाद जारी रखेंगे और आम जनता को राहत दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करते रहेंगे।
यह बैठक गढ़वाल और समस्त उत्तराखंड के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह बढ़ती जंगली जानवर–मानव टकराव की घटनाओं को रोकने के लिए केंद्र सरकार के हस्तक्षेप की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
