गौचर। उत्तराखड में इन दिनों त्रिस्तरीय जिला पंचायत चुनाव की सरगर्मी जोरों पर है। नित नये समीकरण बन रहे हैं। वहीं, कुछ नये खेवनहारों के मैदान में कूदने से जहां दिग्गजों की राह मुश्किल हो रही है, वहीं मुकाबले रोचक हो गए हैं। दरअसल इस बार भाजपा ने कार्यकर्ताओं को खुली छूट दे रखी है। और यही वजह है कि सब अपने बूते जीत का दम भर रहे हैं, जबकि कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति बनी है। इस मामले में सबसे दिलचस्प मुकाबला चमोली के जिलासू के रानो वार्ड में देखने को मिला रहा है। यहां पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र भंडारी की पत्नी रजनी भंडारी मैदान में है और वह सबसे मजबूत दावेदारी पेश कर रही हैं। वह निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं। इस सीट पर भाजपा के ही जिला अध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल ने दावेदारी पेश कर मुकाबले को बराबरी पर ला दिया। वे प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट के खासमखास माने जाते हैं। इसलिए बर्त्वाल के लिए प्रदेश अध्यक्ष का साथ पूरा आशीर्वाद का काम करेगा। यही नहीं वे क्षेत्र में किए गए विकास कार्यां के दम पर भी वोट मांग रहे हैं। वहीं, समाज सेवी लक्ष्मण सिंह खत्री ने भी दम ठोकते हुए मुकाबले को त्रिकोंणीय बनाकर और भी रोचक बना दिया है। वहीं, कांग्रेस के वरुण रावत भी एक मजबूत कैंडिडेटस हैं और उन्हें क्षेत्र के विधायक लखपत बुटोला का वरदहस्त प्राप्त है। और यह स्वाभाविक है कि विधायक का साथ होने की वजह से उनका पलड़ा भी किसी से कम नहीं आंका जा सकता है। ऐसे में रानों वार्ड का चुनाव पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है।
लक्ष्मण सिंह खत्री ने कोरोना महामारी के वक्त क्षेत्र की जनता के लिए पूरे समर्पित भाव से कार्य किया। वह ऐसा वक्त था जब लोगों को अपने से भी सहयोग नहीं मिल रहा था। ऐसे मुश्किल वक्त में लोगों को हाॅस्पटल पहुंचाने से लेकर आर्थिक रूप से मदद देने में वे पीछे नहीं रहे। इसलिए ये कहना लाजिमी होगा कि उनका भी क्षेत्र में अच्छा जनाधार है। इस तरह के परिदृश्य देखते हुए यह सीट सबसे हॉट सीट बन गई है। चूंकि रजनी भंडारी भी दमदार नेत्री रही है और उनका राजनीति में बड़ा कद है। वहीं, उनके पति राजेंद्र भंडारी का भी क्षेत्र में अच्छा खासा दखल है। वे क्षेत्र के खांटी नेता हैं। लेकिन भाजपा के ही जिला अध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल की दावेदारी ने कार्यकर्ताओं को पसोपेश में डाल दिया है। क्योंक वे इससे पर्व भी जिला पंचायत सदस्य रहे हैं। वे अपने कार्यां के दम पर लोगों को रिझा रहे हैं। ऐसे में क्षेत्र की जनता के लिए यह मुश्किल हो गई है कि भाजपा से ही तीन प्रत्याशियों में से वह किसका चुनाव करे। और इस वजह से जनता खामोश नजर आ रही है। ऐसे में दिग्गजों की साख दांव पर लगी है।
