राम बोले, युवा आत्मसम्मान के साथ आत्मनिर्भर बनें

देहरादून। निदेशक इंडिया फाउंडेशन एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री राम माधव ने आज यंग थिंकर्स मीट में मुख्य वक्ता के तौर पर युवाओं को आत्म सम्मान के साथ आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी। युवाओं को संबोधित करते हुए राम माधव ने कहा कि इस कोरोना संक्रमण काल में जिस तरह 130 करोड़ देशवासियों ने किसी को भूखा नहीं रहने दिया वह विश्व के लिए अनूठा उदाहरण है और यही हमारे 5000 साल से मूल्य है। राम माधव ने युवाओं से कहा कि वे न केवल राष्ट्र का भविष्य है अपितु वर्तमान भी हैं उन्हें आत्म सम्मान एवं आत्मविश्वास के साथ आत्मनिर्भर बनना है तभी 2030 तक हम एक शक्तिशाली आत्मनिर्भर भारत बना पाएंगे।
उन्होंने जापान चीन तथा इजराइल का उदाहरण देते हुए कहा कि परमाणु बम गिरने के बाद जापान ने अपने आपको पुनः स्थापित किया राख के ढेर से दुनिया की तीन बड़ी  इकोनामी में अपने आप को सम्मिलित किया समय की आवश्यकता अनुसार उन्होंने अपने डिफेंस की जिम्मेदारी उस अमेरिका को सौंपी जिसने उसका विध्वंस किया था। चीन का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि 1980 तक  हमारी और उनकी जीडीपी बराबर थी आज हम से 5 गुना है वहां तत्कालीन शासकों ने नारा दिया नो डिस्कशन लेट्स डू इट और अगले 20 साल तक केवल और केवल आर्थिक विकास के लिए सुरक्षित किए नतीजा सबके सामने है।
इजराइल के बारे में बोलते हुए राम माधव ने कहा कि उन्होंने कोई मॉडल फॉलो ना कर कर प्रत्येक क्षेत्र में नए अनुसंधान किए और आज हम डिफेंस, कृषि, जल संचय और अनेक विषयों को सीखने उसके यहां जाते हैं। राम माधव के अनुसार आज की जितनी भी मान्यताएं हैं लोकतंत्र आदि ज्यादा से ज्यादा 400 साल पुरानी है और हमारा इतिहास और मूल्य 5000 साल पुराने है उन्होंने विश्व के सबसे अग्रणी देश का उदाहरण देते हुए कहा कि अमेरिका का इतिहास ही 400 साल पुराना है उसमें भी लोकतंत्र केवल 200 साल से
आजादी के बाद के परिदृश्य पर बोलते  हुए उन्होंने कहा कि जब भी गांधी जी से भविष्य के भारत के स्वरूप पर प्रश्न होते वह केवल एक शब्द बोलते थे रामराज्य जिसका मतलब था ग्रामीण भारत और सामान्य व्यक्ति तक कि  देश के विकास में भागीदारी
प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को प्रोग्रेसिव बताते हुए उन्होंने एक घटना का जिक्र किया कि 1953 में जब नेहरू लाल बहादुर शास्त्री आईएएस अकादमी मसूरी आए थे लगभग 1 घंटे समाजवाद पर बोला उनके भाषण के अंत में एक युवा आईएएस अधिकारी ने पूछा कि आपका पिछले 1 घंटे का भाषण शानदार है पर इसमें सभी उदाहरण यूरोप के हैं इसका इंडियन कॉन्टेक्स्ट क्या है तो नेहरू ने उत्तर दिया कि आपका प्रश्न मूल रूप से बहुत अच्छा है पर अभी मुझे सिर दर्द है इसे भविष्य के लिए सुरक्षित रखते हैं। दउत्तराखंड के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यहां स्किल डेवलपमेंट उत्तराखंड के लिए ही होना चाहिए एक प्रश्न के उत्तर में बोलते हुए माधव ने कहा कि उत्तराखंड को जम्मू कश्मीर हिमाचल की तरह कुछ मूलभूत अधिकार मिलने चाहिए यह उनका लोकतांत्रिक अधिकार है पर ऐसा करते समय उन्होंने आग्रह किया कि अपने आप को सीमित मत करिए क्योंकि उत्तराखंड के लोग आज देश और दुनिया पर अपनी योग्यता से छाए हुए हैं उन्होंने जनरल बिपिन रावत अजीत डोभाल एवं अन्य कई प्रतिभाओं का उदाहरण दिया।
2 दिन तक चलने वाली वर्चुअल मीट की प्रथम सत्र को शौर्य डोभाल निदेशक इंडिया फाउंडेशन, मंगेश घिल्डियाल युवा आईएएस अधिकारी, दीपक रमोला एम्बेसडर यूनेस्को, पायल गुप्ता लेफ्टिनेंट कमांडर इंडियन नेवी ने भी संबोधित किया। वर्चुअल कॉन्फ्रेंस में युवाओं ने वक्ताओं से  जमकर प्रश्न पूछे। पंडित दीनदयाल उपाध्याय एक्शन एवं रिसर्च सोसायटी की अध्यक्ष संयोजक नेहा जोशी द्वारा संचालित वर्चुअल कॉन्फ्रेंस में 35 साल से कम युवा वैज्ञानिकों पत्रकारों समाजसेवियों उद्यमियों लेखकों संस्कृति कर्मियों ने लिंक द्वारा फेसबुक इंस्टाग्राम ट्विटर के माध्यम से सैकड़ों की संख्या में भाग लिया। नेहा जोशी ने बताया की उत्तराखंड यंग थिंकर्स फोरम  प्रदेश देश एवं  विदेश में रहने वाले उत्तराखंडी युवाओं को जोड़ने का और नीति निर्माताओं से उनके सार्थक संवाद का मंच बनेगा।

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