विद्यालय और महाविद्यालय की समस्याएं शासन स्तर पर पंहुचायेंगे:वर्षा

देहरादून। देहरादून स्थित श्री गुरु राम राय लक्ष्मण संस्कृत महाविद्यालय में सहायक निदेशक संस्कृत शिक्षा श्रीमती वर्षा गोनियाल की अध्यक्षता में देहरादून जनपद के 16 संस्कृत महाविद्यालय एवं विद्यालयों के प्रचायों एक समीक्षा बैठक आयोजित हुई। जिसमें संस्कृत शिक्षा के उन्नयन के लिए विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई जैसे सबके द्वारा एक रूपता से यह बात रखी गयी कि संस्कृत शिक्षा में सबसे बिकट समस्या यह बनी हुई है कि आज भी संस्कृत विद्यालय और महाविद्यालय दोनों एक ही छत के नीचे चल रहे है बहुत कम शिक्षक होने पर भी एक ही शिक्षक विद्यालय और महाविद्यालय के छात्रों को पढ़ा रहे हैं,, जिस व्यवस्था को सभी ने तत्काल अलग अलग संचालित करने की मांग की,, सहायक निदेशक वर्षा गोनियाल ने सभी प्रचायों की समस्याओं को व्यक्तिगत रूप से सुना सभी ने पदों को सृजन करने पाठ्यक्रम में एक रूपता लाने, परीक्षाएं समय से कराने तथा सामान्य शिक्षा की भांति संस्कृत शिक्षकों को भी सभी लाभ दिए जाने की बात की जिस पर श्रीमती गोनियाल ने सभी समस्याएं शासन स्तर पर पहुँचाने का भरोसा दिया साथ ही श्रीमती गोनियाल ने सभी शिक्षकों ड्रेस कोड लागू करने की बात कही जिसको सभी ने सहर्ष स्वीकार किया। पुरुष शिक्षक सफेद कुर्ता-पैजामा/धोती में रहेंगे और महिला शिक्षिकाओ के लिए हल्दी रंग में साड़ी/कुर्ता और लाल रंग के सलवार ड्रेस होगी ।छात्रों के लिए पहले से ही ड्रेसकोड लागू है। साथ ही शिक्षकों को दैनंदिनी आदि रखने का निर्देश दिया गया । छात्रों के लिए कक्षा शिक्षण में नित्य नवाचार के साथ शिक्षण कौशल को विकसित करने की बात कही गयी । साथ छात्रों को पाठ्य सहगामी क्रियाओं में रुचि पैदा करने के विभिन्न आयामों पर चर्चा हुई महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ राम भूषण बिजल्वाण ने कहा कि प्रदेश में संस्कृत को द्वितीय राजभाषा का दर्जा प्राप्त है हाल ही में सभी रेलवे स्टेशनों के नाम संस्कृत में लिखने की बात चर्चा में है जो प्रसंसनीय है लेकिन उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के समय से संस्कृत महाविद्यालय और विद्यालयों को अलग अलग संचालित करने की लगातार मांग की जा रही है जो अभी तक यथावत है छात्रहित में दोनों स्तरों को अलग अलग किया जाना अत्यंत आवश्यक है डॉ बिजल्वाण ने कहा कि जब परीक्षा लेने वाली दोनों संस्था अलग अलग है जैसे माध्यमिक स्तर की परिक्षाएं संस्कृत शिक्षा परिषद लेता है और उच्च शिक्षा के परीक्षाएं उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय लेता है तो फिर महाविद्यालय विद्यालय एक साथ क्यों चल रहे हैं। और भी कई विषयों पर चर्चा हुई । साथ ही सहायक निदेशक की अध्यक्षता में एक जनपद स्तरीय संस्कृत छात्र-उन्नयन समिति बनाई गई यह समिति जिले में प्रतिवर्ष छात्रों के के सर्वांगीण विकास के लिए क्रीड़ा प्रतियोगिता, बैद्धिक प्रतियोगिता,, सामाजिक सांस्कृतिक आदि विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित करेगी। जिसके आयोजन हेतु धन व्यय सभी शिक्षक स्वयं अपने से एकत्रित करेंगे। इस अवसर पर सहायक निदेशक और सभी शिक्षकों की तरफ से 2019 में राज्यपाल पुरस्कार से अलंकृत वेद महाविद्यालय ऋषिकेश के प्रधानाचार्य  कृष्ण प्रसाद उनियाल जो भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डॉ राम भूषण बिजल्वाण, डॉ ओम प्रकाश पूर्वाल,  मायाराम रतूड़ी,  राम प्रसाद थपलियाल,  सुनील बिजल्वाण, डॉ गिरीश पांडेय, डॉ शक्तिधर बहुगुणा, डॉ शैलेन्द्र प्रसाद डंगवाल, डॉ सीमा बिजल्वाण, डॉ भास्कर पांडेय, डॉ बृजेश सयाना, आचार्य मनोज शर्मा, गंगा राम जोशी, डॉ विद्या नेगी, श्रीमती कविता मैठाणी, श्रीमती सरिता पुरोहित आदि उपस्थित थे।

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