प्रीतम सिंह के नेतृत्व में मुख्य सचिव को ज्ञापन

देहरादून। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष  प्रीतम सिंह के नेतृत्व में कांग्रेसजनों का एक प्रतिनिधिमण्डल मुख्य सचिव उत्पल कुमार से मिला।  
मुख्य सचिव को सौंपे ज्ञापन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि उत्तराखण्ड में  20 जुलाई 2020 को हुई भारी बरसात से राज्य के कई जनपदों में जानमाल की भारी क्षति हुई है। जनपद पिथौरागढ़ की तहसील मुनस्यारी क्षेत्र के टांगा एवं गैला गांव में अतिवृष्टि एवं बादल फटने की घटनाओं के कारण पहाडी धंसने से भारी जन हानि हुई है। इस दुर्घटना में 5 लोगों की असमय मौत हो चुकी है तथा 9 लोग लापता बताये जा रहे हैं। भारी बरसात के कारण पूरे मुनस्यारी क्षेत्र का मुख्यालय से सम्पर्क टूट चुका है जिससे पीडितों तक राहत भी नहीं पहुंच पा रही है। इसी प्रकार की घटना जनपद पौडी गढ़वाल के कोटद्वार में घटित हुई जिसमें तीन लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। राज्यभर में लगातार हो रही भारी बारिस एवं अतिवृष्टि से कई अन्य क्षेत्रों में भी भारी नुकसान के समाचार मिले हैं। मौसम विभाग की पूर्व चेतावनी के बावजूद राज्य के आपदा प्रबन्धन विभाग द्वारा दैवीय आपदा संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के कोई प्रबन्ध नहीं किये गये हैं। पिथौरागढ़ की घटना के बाद आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के मन में दहशत का माहौल व्याप्त है। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुरूप आने वाले दिनों में होने वाली भारी बरसात में प्रभावित क्षेत्रों के लोगों की जानमाल की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु समय रहते राज्य के आपदा प्रबन्धन विभाग को समुचित कदम उठाने के साथ ही संवेदनशील क्षेत्र के लोगों के उचित विस्थापन की व्यवस्था की जानी चाहिए।
ज्ञातव्य हो कि इससे पूर्व  प्रीतम सिंह द्वारा इसी संदर्भ में राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से भी अनुरोध किया गया। मांग की कि दैवीय आपदा में मारे गये प्रत्येक मृतक के परिजनों को 10-10 लाख रूपये तथा प्रभावित परिवारों को 5-5 लाख रूपये का शीघ्र मुआबजा दिये जाने के साथ ही प्रभावित क्षेत्र के लोगों की जानमाल की सुरक्षा करने तथा उनके समुचित विस्थापन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाय।
 प्रीतम सिंह ने मुख्य सचिव को यह भी अवगत कराया है कि उत्तराखण्ड सरकार द्वारा औद्योगिक इकाइयों की अनुबन्ध मूल्य की बैंक गारंटी 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दी गई है जबकि अन्य राज्यों यथा; हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश तथा मध्य प्रदेश ने नियमों में परिवर्तन पूर्व में ही शून्य कर दी गई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी कोरोना के चलते राज्य की औद्योगिक इकाइयों को मंदी का सामना करना पड़ रहा हैं, ऐसे में उत्तराखण्ड राज्य में भी अन्य प्रदेशों की भांति अनुबन्ध मूल्य की बैंक गारंटी कम अथवा समाप्त की जानी चाहिए।  प्रीतम सिंह ने राज्य की औद्योगिक इकाइयों की वर्तमान स्थिति तथा भविष्य के मद्देनजर राज्य में अनुबन्ध मूल्य की बैंक गारंटी अन्य राज्यों की भंाति कम अथवा समाप्त किये जाने की मांग की है।  

प्रतिनिधिमण्डल में  प्रीतम सिंह के अलावा महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा, पूर्व मंत्री अजय सिंह एवं एआईसीसी सदस्य डाॅली शर्मा शामिल थे।

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