चमोली टाइम्स की खबर का असर,प्रवासियों की हुई ब्यवस्था

पौड़ी। कोरोना के वैश्विक संकट को देखते हुए प्रवासी अपने घरों को लौट रहे हैं। ऐंसे में सरकार ने सभी प्रवासियों का जिम्मा प्रधानो को सौंप रखा है लेकिन कई गांवों के प्रधान सहयोग नही कर रहे है। इस मुश्किल घड़ी में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसमे प्रवासियों ने चमोली टाइम्स को अपनी समस्या लिख कर भेजा। जिसमे चमोली टाइम्स ने संज्ञान लिया और उनकी तुरंत ब्यवस्था कराई।
उप जिलाधिकारी मनीष सिन्ह ने बाहर से आए सभी व्यक्तियों को तुरंत होम क्वारनटाइन करने के आदेश दिए।
ग्राम श्रीकोट पौड़ी में आये ब्यक्तियों ने चमोली टाइम्स को खबर दी कि इस गांव में प्रधान की तरफ से कोई ब्यवस्था नही है। उन्होंने कहा कि प्रधान का कहना हे कि हमको यहां पर कोई ब्यवस्था नही दे रखी हे इस मामले पर चमोली टाइम्स ने संज्ञान लिया जिस पर उप जिलाधिकारी मनीष सिंह ने तुरंत जांच पड़ताल की और चमोली टाइम्स से बात की कि आप चिंता न करे मैं तत्काल ही कोई व्यवस्था बनवाता हूँ । उन्होंने कहा कि वैसे मैने वीडियो और तहसीलदार को बता दिया है कल तक समस्या का समाधान हो जाएगा।

प्रवासियों की ओर से चमोली टाइम्स को लिखा गया

ग्राम श्रीकोट , पट्टी- किमगड़ी गाड़, विकास खंड – पोखड़ा

हम 7 लोग जो कि कल दिनांक १६-०५-२०20 को घर वापस लौटे हैं।
जो कि सबको ही पता है , एक बीमारी covid-19 कि वजह से लौटे है , और जिस जगह हमको तहराया गया है वह एक प्राथमिक विद्यालय हुआ करता था।
जो कि पिछले 3 या 4 वर्ष से बंद पड़ा है और अब खस्ता हालत में है।
और यह जगह गांव से दूर जंगल में स्तिथ है ।
यहां ना कोई सफाई हुई है, और ना सुरक्षा का कोई काम हुआ , कमरों में दरवाजे ठीक नी है, खिड़कियां तो है ही नी और ऊपर से जंगल के बिलकुल करीब है, जिसमें रात को जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है।
ना यहां नहाने के लिए उचित जगह है , जिससे हमारे साथ जो महिलाएं या कन्याए है उनको बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है । शौचालय की भी व्यवस्था नी है जंगल में जाना पड़ता है। और नियमों के अनुसार ये बात रखी गई थी कि अगर किसी को उचित स्थान मिलता है, तो बाहर से आने वाले वाहा होम आइसोलेशन कर सकते है, जो कि हमारे पास था , लेकिन हमें यहां लाया गया और कहा गया कि गांव वाले इसके खिलाफ है, अब इसमें गांव वाले तो फ़ैसले ले नी सकते ये सब ग्राम प्रधान के फ़ैसले से होगा और जब हमने ग्राम प्रधान जी को यह बात कही तो वे भी हमारी समस्याओं से कोई मतलब नी रख रे , और अगर उनको सब आने वाले लोगो को एक साथ ही रखना है तो आइसोलेट होने का मतलब ही क्या रह गया । हमारी आपसे विनती है कि इस मामले में हमारी सहायता करें।
और भोजन की सामग्री भी हमारे परिवार वाले हम तक पहुंचा रहे है, बिस्तर तक भी हमारे घरों से भेजा गया है , आने वाले समय में अगर और लोग आते हैं तो उनको भी यहां रखने की व्यवस्था नहीं है ।
जो 7 लोग हम इस जगह रुके उनके नाम

जसपाल सिंह बिष्ट
जयपाल सिंह नेगी
दीपक सिंह रावत
तेजपाल सिंह बिष्ट
कुमारी रचना रावत
मनोज सिंह भंडारी
श्रीमती मीना देवी ।

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