भंडारी बोले, हर एक जल बूंद गंगाजल

कर्णप्रयाग। भारतीयता में देश की प्रत्येक नदी गंगा है और देश में किसी भी रूप में पाई जाने वाली हर एक जल बूंद गंगाजल  हमारी इसी आस्था, जीवन पद्धति के विपरीत आजाद भारत की सरकारों ने इन्हें अपनी गलत नीतियों से गंदे नालों में तब्दील किया। लॉर्ड मैकाले की संतानों ने उनके दिखाए मार्ग (कि भारत को केवल राजनीतिक मार्ग से  जीतकर इसे समाप्त नहीं किया जा सकता  इसके लिए  इसकी संस्कृति परंपराओं  से इसे काटना होगा) पर चलकर  हमारी शिक्षा पद्धति और शुचिता पूर्ण सार्वजनिक जीवन को बर्बाद किया हमारी प्रकृति प्रेम की आस्थाओं को छिन्न-भिन्न किया पर कोविड-19 ने बता दिया है कि वह कितनी तर्कपूर्ण और व्यवहारिक थी मानव जीवन को अब उसी और लौटना पड़ रहा है, अमेरिकी राष्ट्रपति  भी अब इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए भारत में बना आयुर्वेदिक काढ़ा पी रहे हैं।
  भाजपा प्रदेश महामंत्री राजू भंडारी ने भारत-चीन सीमा पर बनी परिस्थितियों के बीच प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आत्मनिर्भर भारत के संदर्भ में उन्नीस सौ पांच छह में लाल ,बाल, पाल द्वारा बंग भंग के दौरान विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार जो कालांतर मैं पूरे देश  का आंदोलन बना का जिक्र करते हुए कहा सीमा पर सैनिकों के हथियार और देश में नागरिकों द्वारा चीनी वस्तुओं का बहिष्कार ही भारत की चीन पर प्रभुता सिद्ध करेगा। भंडारी ने कहा कि आजादी के बाद से ही सरकारें आ जा रही हैं पर अटल बिहारी एवं मोदी के कालखंड को छोड़ दें तो किसी भी सरकार ने इस देश की आत्मा को नहीं समझा है  अटल एवं मोदी की प्राथमिकता में सरकार चलाने के साथ-साथ विगत एक हजार सालों से राष्ट्र की खोई हुई प्रतिष्ठा को पुनर्स्थापित कर विश्व में भारत को अग्रणी बनाना  है इन दोनों के प्रयासों से भारत को  निम्नतर दृष्टि से देखने वाला विश्व अब अंतर्राष्ट्रीय संदर्भ के प्रत्येक महत्वपूर्ण विषय पर भारत की राय और भूमिका की प्रतीक्षा करता है। जम्मू कश्मीर से धारा 370 एवं 35ं हटाए जाने के संदर्भ में महामंत्री ने कहा कि भारत की आजादी के समय लॉर्ड माउंटबेटन और तत्कालीन प्रधानमंत्री कि कश्मीर पॉलिसी से खिन्न होकर भारत का संविधान बनाने वाले मनीषी अंबेडकर ने अवकाश लेकर अपने आप को इस पाप से मुक्त रखा ,जख्म नासूर बना और अब जाकर प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह ने उसकी शल्यक्रिया की, निराशा उनको भी हुई जो इसकी समाप्ति पर हिंसा की भविष्यवाणी कर रहे थे 370 और 35ं समाप्त होने पर हिंसा तो दूर कहीं एक मक्खी का जीवन भी समाप्त नहीं हुआ। उत्तराखंड कि त्रिवेंद्र रावत सरकार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने जिस प्रकार कोरोना महामारी का जन जन के साथ मिलकर दृढ़ता से मुकाबला कर प्रदेश को बचाए रखा है और प्रवासियों को घर लाकर उनके रोजगार के लिए प्रयास किए जा रहे हैं इसके लिए मुख्यमंत्री एवं उनकी टीम को साधुवाद दिया जाना चाहिए। भंडारी ने कोरोना कॉल मैं कर्णप्रयाग विधानसभा के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए सेवा कार्यों की भी प्रशंसा की। इससे पूर्व कर्णप्रयाग विधायक ने अपनी विधानसभा में उनके द्वारा करवाए जा रहे विकास कार्यों का  विवरण कार्यकर्ताओं को दिया वर्चुअल रैली में कर्णप्रयाग विधानसभा के सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here