जीएमवीएन गेस्ट हाउस होंगे इस्तेमाल

पौड़ी। कोरोना वायरस की दहशत के बाद पौड़ी के विभिन्न गांवों में आने वाले प्रवासियों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो ही रही है। ब्लाकों से जो रिपोर्ट अब तक मिली है उसके अनुसार यह आंकड़ा करीब तीन हजार तक पहुंच गया है। पौड़ी के डीएम ने लैंसडौन जीएमवीएन को छोड़कर सभी जीएमवीएन में कोरंटाइन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि जो भी लोग बाहर से गांवों में आए हैं उन्हें 14 दिन तक कोरंटाइन में घर में ही रहने की सख्त चेतावनी दी गई है। कहा गया है कि यदि कोई इसमें लापरवाही सामने आती है तो सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
स्वास्थ्य महकमे ने भी ऐसे प्रवासियों के लिए गाइड लाइन जारी करते हुए कहा है कि वह घर में ही कोरंटाइन में रहें और बार-बार हाथ कम से कम 20 सेंकेंड तक हैंड वॉश से साफ करे। यदि सर्दी, खांसी और बुखार के लक्षण दिखाई देते है तो अपने सबसे नजदीक अस्पताल में जाए। पौड़ी के डीएम धीराज सिंह गब्र्याल ने बताया कि कोरंटाइन के लिए सीधे अस्पतालों का उपयोग न हो इसके लिए कोटद्वार, पौड़ी और श्रीनगर जीएमवीएन के गेस्ट हाउसों को इसके लिए प्रयोग में लाया जाएगा। नैनीडांडा, रिखणीखाल, धुमाकोट, जयहरीखाल और दुगड्डा ब्लाकों के लिए कोटद्वार, एकेश्वर, पौड़ी, पाबौ, थलीसैंण और पोखड़ा ब्लाक के लिए श्रीनगर जीएमवीएन का उपयोग होगा। लैंसडौन क्षेत्र में संबंधित पीएचसी और सीएचसी में कोरंटाइन की सुविधा है लिहाजा यहां कोई दिक्कत नहीं है। जबकि यमकेश्वर और द्वारीखाल ब्लाक के लिए ऋषिकेष एम्स की मदद ली जाएगी। इस दौरान यदि किसी में कोरोना को लेकर लक्षण दिखाई देते हैं उसे सीधे संबंधित अस्पताल में भर्ती किया जाएगा। पौड़ी, श्रीनगर और कोटद्वार के चिकित्सालयों में सभी आवश्यक सुविधाएं मौजूद हैं। जरूरत पड़ती है तो पौड़ी महिला अस्पताल को एमरजेंसी सेवाओं के लिए इस्तेमाल में लाया जाएगा। सीएमओ पौड़ी डा. मनोज बहुखंडी ने बताया है कि ऐसे सभी लोगों के यह एडवाइजरी जारी की गई है। सोमवार को वीसी के माध्यम से ब्लाकों में तैनात चिकित्साधिकारियों को भी इससे अवगत कराया गया। बताया कि यह जरूरी नहीं है कि सभी कोरोना से संक्रमित होकर आए हो लेकिन कोरंटाइन में रहकर इसका पता आसानी से लगाया जा सकता है। नैनीडांडा में बाहर से आए प्रवासी बड़ी संख्या में अस्पताल स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पहुंच रहे हैं ऐसे में दिक्कतें हो सकती है। सभी को पहले कोरंटाइन का पालन घर में पूरी सख्ती से करना होगा यदि 14 दिनों तक कोई दिक्कत आती है तो इसके बाद अस्पताल आकर स्वास्थ्य परीक्षण करवाना होगा।

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