तुष्टीकरण के चश्मे से न देखेंःभट्ट

 

 

 

देहरादून। यह समय धर्म- सम्प्रदाय के मसलों पर उलझने का नहीं है वरन एक जुट होकर कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से लड़ने का है। दुर्भाग्य से कुछ लोग इस मुद्दे पर भी सियासत की रोटियां सेंकना चाह रहे हैं जो कि सवर्था अनुचित है।
तबलीगी जमात के लोगों की गैर जिम्मेदाराना हरकतों का खामियाजा आखिर समाज के मासूम लोग क्यों भुगतें ? ये लोग तो समाज के दुश्मन हैं ही वे लोग उनसे भी बड़े और घातक दुश्मन हैं जो तुष्टीकरण के चश्मे से उनके अक्षम्य गुनाहों पर पर्दा डालना चाहते हैं।

बद्रीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट ने कहा कि आज के अनेको समाचार पत्रों ने मेरी फेसबुक पर लिखे एक वक्तब्य पर समाचार में बिना मेरे से बात किये समाचार में मुझपर धार्मिक आधार पर बयान का आरोप लगया है, जिसका मैं खण्डन करता हूँ,समाचार पत्रों ने मेरे उद्देश्य का गलत अर्थ पेश किया,मेरा लिखने का उद्देश्य इस कोरोना विमारी को दिल्ली के निजामुद्दीन के तबलीगी जमात से लेकर उत्तराखंड में प्रवेश कर रहे उन लोगों से और लोगो को इस बीमारी के सक्रमण से रोकने तक था।मुझे पता है कि नजीमाबाद और कोटद्वार से अनेको लोग उस जमात में गये थे,उनके नाम भी सार्वजनिक हो गए हैं।और आज उनमे से अनेको में कोरोना बीमारी के लक्षण मिल गए हैं।नजीमाबाद और कोटद्वार से इस जमात में गये लोगो के रिस्तेदारो की ही सब्जी और नाईयो,मोचियों की दुकान पहाड़ पर है, ये भी सिद्ध हो रहा है,ऐसे में उन सभी दुकानदारों से उत्तराखंड में इस बीमारी के अधिक फैलने की संभावना रहेगी, और पूरा विश्व इस बीमारी से बचने के उपाय सुझा रहा है।जिस पर ये कोरोना हुवा है, उसके परिवार तथा रिस्तेदारो,मेल मिलाप वालो से दूरी बनाने के लिए कह रहा है, ऐसे में मेरे बयान का गलत अर्थ में समाचार पत्रो में छपने की मैं भर्त्सना करता हूँ।
मैं कांग्रेस के नेता सूर्यकान्त धस्माना जी द्वारा मेरे ऊपर दिये गए बयान पर कहना चाहता हूँ कि जो इस बीमारी को अपने ऊपर लेकर पूरे उत्तरखण्डी में ले जाना चाहते थे,उन्हें ऐसे उपदेश नही देने चाहिए, उनको तो स्वास्थ्य विभाग ने 14 दिन तक अपनी देख रेख में रख कर उनके द्वारा फैलने वाली इस बीमारी को कन्ट्रोल किया।उनको मेरे उद्देश्यों पर प्रश्रचिन्ह लगाने का कोई अधिकार नही है।

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