नई शिक्षा नीति पर वेबिनार

देहरादून। भारतीय जनता पार्टी शिक्षा प्रकोष्ठ द्वारा शिक्षक दिवस पर नई शिक्षा नीति पर आधारित प्रदेश स्तरीय वर्चुअल वैबनार का आयोजन किया जिसमें नई शिक्षा नीति के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि 34 साल के लंबे अंतराल बाद देश में अपनी पहली भारतीय शिक्षा नीति लागू करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति केवल किताबी ज्ञान नहीं वरन छात्रों में नैतिकता प्रतिबद्धता राष्ट्रभक्ति एवं भारतीय संस्कृति का भाव भी जागृत करेगी।
उन्होंने कहा कि आज शिक्षा का बाजारीकरण रोकने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है एवं शिक्षकों को छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति देश के वातावरण में एक सकारात्मक परिवर्तन लाएगी जिससे युवा वर्ग आर्थिक रूप से सशक्त होकर राष्ट्र की उन्नति में सहायक बनेगा। उन्होंने राज्य में भी नई शिक्षा नीति के अनुरूप कार्य करने का आह्वान करते हुए राज्य में अंब्रेला एक्ट ,संस्कृत को द्वितीय राजभाषा, एनसीआरटी पुस्तकों की अनिवार्यता, ई ग्रन्थालय की स्थापना आदि महत्वपूर्ण कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने ऑनलाइन शिक्षा को समय की मांग बताते हुए इसे और बेहतर ढंग से बनाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर भाजपा प्रदेश महामंत्री संग़ठन श्री अजय कुमार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक का नई शिक्षा नीति लाने के लिए धन्यवाद देते हुए कहा ,नई शिक्षा लागू होना उत्तराखंड के लिए विशेष महत्त्व रखता है उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति बनाने का नेतृत्व हरिद्वार के सांसद व उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ निशंक द्वारा किया गया है जो पूरे उत्तरसखंड वासियों के लिए सौभाग्य की बात है उन्होंने नाइ शिक्षा नीति को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदृष्टि सोच बताते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति आत्मनिर्भर भारत व स्वावलंबी भारत बनाने की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम है उन्होंने देश 34 वर्षों बाद अपनी भारतीय शिक्षा नीति लाने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक द्वारा की गई मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति देश को पुनः विश्व गुरु के शिखर पर स्थापित करेगी। श्री अजेय कुमार ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षक की गोद में निर्माण और प्रलय दोनों खेलते हैं इसलिए शिक्षकों को अपने शिक्षार्थियों को राष्ट्रभक्ति सर्वोपरि सिखाते हुए शिक्षा प्रदान करनी होगी ताकि छात्र आगे चलकर राष्ट्र की उन्नति के कार्य में लगे। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति देश को उन्नति के पथ पर ले जाने के साथ-साथ आगामी पीढ़ियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होगी। उन्होंने सभी शिक्षकों से नई शिक्षा नीति के प्रचार व प्रसार का आह्वान करते हुए छात्रों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने की अपील की।

वेविनार का संचालन गढ़वाल मंडल संयोजक प्रदीप त्यागी ने करते हुए देवभूमि उत्तराखंड में वैदिक शिक्षा बोर्ड के गठन, सभी विद्यालयों में सूर्य नमस्कार एवं योग को प्रार्थना सभा में अनिवार्य करने तथा हरियाणा की तर्ज पर उत्तराखंड में भी हाई स्कूल में खेल को अनिवार्य विषय बनाने की मांग शिक्षामंत्री की। अंत में प्रदेश संयोजक श्री दयाशंकर पांडे ने सभी वक्ताओं एवं प्रतिभागी साथियों का आभार व्यक्त किया।
वेबिनार में प्रदेश सह मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, सोशल मीडिया में आईटी विभाग के प्रदेश सह संयोजक  परितोष बंगवाल, गढ़वाल मंडल प्रभारी प्रदीप त्यागी, कुमायूं मंडल प्रभारी कौस्तुभानंद जोशी, डॉ अनिल शर्मा, अशोक आर्य, संजय बिश्नोई सारिका त्यागी, सुषमा बालियान, श्रद्धा शर्मा, वीरेंद्र प्रभु ,मनोरमा नैनवाल ,सरोज रावत, जगपाल सिंह,ओमप्रकाश डोभाल, अंबिका गैरोला, विक्रम सिंह कैठत, बल्लभ प्रसाद डिमरी, जीवानंद शर्मा, वीरेंद्र भंडारी, रविंद्र भट्ट आदि उपस्थित रहे।

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