बीकेटीसी में हड़कंप, पहली बार हुए स्थानांतरण, देहरादून से कर्मचारियों को भेजा पहाड़

देहरादून। श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) में पहली बार बड़े स्तर पर अधिकारियों/ कर्मचारियों के स्थानांतरण किए गए हैं। बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय के अनुमोदन के पश्चात नवनियुक्त मुख्य कार्याधिकारी योगेंद्र सिंह ने स्थानांतरण आदेश निर्गत किए हैं। बीकेटीसी के देहरादून स्थित कैंप कार्यालय और ऋषिकेश स्थित प्रचार कार्यालय को बंद कर वहां तैनात कार्मिको को भी अन्यत्र भेज दिया गया है। पहली बार हो रहे स्थानांतरणों से बीकेटीसी में हड़कंप मच गया है।

बीकेटीसी में अब तक स्थानांतरण अथवा कार्मिकों के पटल बदलने की प्रक्रिया अपवादस्वरूप ही रही है। लगभग सात सौ कार्मिकों वाली बीकेटीसी में कभी कभार ही इक्का दुक्का स्थानांतरण होते रहे हैं। बताया जाता है कि अधिकांश कर्मचारी जहां नियुक्त हुए वहीं से ही रिटायर हो जाते हैं। कई कर्मचारी महत्वपूर्ण व मलाईदार पटल पर वर्षो से कब्जा जमाए बैठे हुए थे। इस कारण अन्य कार्मिकों में आक्रोश भी व्याप्त था।

इस वर्ष जनवरी में अजेंद्र अजय द्वारा अध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद से उन्होंने बीकेटीसी में व्यवस्थाओं में आमूल चूल परिवर्तन लाने का प्रयास शुरू किया।

अजेंद्र ने सबसे पहले सवा सौ से अधिक अस्थाई कार्मिकों की वेतन विसंगति को दूर करते हुए उनकी वेतन वृद्धि की वर्षों पुरानी मांग को पूरा किया। इसके साथ ही वर्षों से पदोन्नति की उम्मीद लगाए अधिकारियों व कर्मचारियों मंशा को पूरा किया।

अधिकारियों व कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने के बाद बीकेटीसी अध्यक्ष ने उनके स्थानांतरण व पटल परिवर्तन की योजना बनाई। इसके लिए बीकेटीसी के उपाध्यक्ष किशोर सिंह पंवार की अध्यक्षता में एक उप समिति का गठन किया। उप समिति ने अधिकारियों व कर्मचारियों के स्थानांतरण व पटल परिवर्तन के लिए नीति तैयार की और वर्षों से एक स्थान पर जमे कार्मिकों के स्थानांतरण व पटल परिवर्तन की संस्तुति की।

उप समिति की संस्तुति पर बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र ने सत्तर अधिकारियों व कर्मचारियों के स्थानांतरण व पटल परिवर्तन के निर्देश दिए। अध्यक्ष के निर्देशों के क्रम में बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी योगेंद्र सिंह ने शुक्रवार को आदेश जारी कर दिए हैं।

यहां उल्लेखनीय है कि विगत अगस्त माह में बोर्ड की बैठक में मितव्यता को देखते हुए बीकेटीसी के देहरादून स्थित कैंप कार्यालय और ऋषिकेश स्थित प्रचार कार्यालय को समाप्त कर जोशीमठ शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया था। सूत्रों के मुताबिक कैंप कार्यालय और प्रचार कार्यालय के नाम पर कई अधिकारी वर्षो से देहरादून व ऋषिकेश में अड्डा जमाए बैठे हुए थे। शुक्रवार को जारी स्थानान्तरण सूची में देहरादून व ऋषिकेश स्थित कार्यालयों में जमे अधिकारियों व कर्मचारियों को भी अन्यत्र भेज दिया गया है।

इधर, पहली बार अधिकारियों व कर्मचारियों के स्थानान्तरण व पटल बदलने के फैसले की व्यापक सराहना हो रही है। बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति कर्मचारी संगठन ने भी अध्यक्ष अजेंद्र अजय की इस पहल का स्वागत किया है। कर्मचारी संगठन का मानना है कि स्थानान्तरण प्रक्रिया शुरू होने से समिति की कार्यप्रणाली में भी सुधार होगा।