दूसरे दिन भी धरने पर डटे रहे बेरोजगार

देहरादून। फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा को रद्द करने की मांग लेकर दूसरे दिन बुधवार को भी बेरोजगार सड़कों पर डटे रहे। सचिवालय के पास धरना प्रदर्शन कर रहे बेरोजगारों को पुलिस ने हटाया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों में नोंक-झोंक हुई। कई बेरोजगारों को पुलिस ने हिरासत में लिया। पुलिस द्वारा खदेड़े जाने के बाद छात्र दोबारा धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री से वार्ता की मांग पर अड़े हैं। वहीं बच्चों की परीक्षा के चलते माइक हटाया गया है और एक तरफ का रास्ता खोल दिया गया है। बेरोजगारों का कहना है कि मुख्यमंत्री से वार्ता के बाद ही आन्दोलन समाप्त करेंगे।
 फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा में हुई गड़बड़ी के बाद परीक्षा निरस्त किए जाने, पिटकुल और यूपीसीएल में रद्द हुई जेई भर्ती परीक्षा 100 दिनों के भीतर दोबारा कराए जाने जैसी छह सूत्री मांगों को लेकर उत्तराखंड बेरोजगार संगठन की अगुवाई में प्रदेशभर से आए बेरोजगारों ने मंगलवार को रैली निकालने के साथ ही सचिवालय कूच किया, लेकिन इससे पहले कि वे सचिवालय तक पहुंच पाते, पुलिस ने उन्हें सेंट जोजेफ स्कूल के पास रोक लिया। रोके जाने पर बेरोजगार वहीं धरने पर बैठ गए। युवा फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा निरस्त करने, अधीनस्थ सेवा आयोग के अध्यक्ष व सचिव को तत्काल हटाने की मांग पर अड़े हुए हैं। मंगलवार को बारिश के दौरान भी बेरोजगार धरने पर बैठे रहे। धरना-प्रदर्शन के दौरान आंदोलित बेरोजगार युवक-युवतियों ने सरकार, मुख्यमंत्री, वन मंत्री, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग अध्यक्ष, सचिव, व परीक्षा नियंत्रक के खिलाफ नारेबाजी की। आरोप लगाया कि फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा में बड़े पैमाने में गड़बड़ी हुई है। सरकार इसमें शामिल अफसरों को बचा रही है।
बेरोजगारों ने सरकार पर नाकामी का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार एक भी परीक्षा पारदर्शी तरीके से नहीं करा पाई है। कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आश्वासन दिया था कि राज्य में विभिन्न विभागों में खाली 18000 पदों पर जल्द ही भर्ती की जाएगी, लेकिन आज तक कुछ नहीं हो पाया है। इस दौरान कमलेश भट्ट, बाबी पंवार, दीपक डोभाल, संदीप कंडारी, सुनील डोभाल, सुशील कैंतुरा, अर्जुन शर्मा, धनवीर कैंतुरा, अनुज सिंह, कमल सिंह रावत, विनोद तोमर, दीपक मेहरा आदि शामिल थे।
बेरोजगारों की रैली के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस मुस्तैद रही। डीआईजी अरुण मोहन जोशी के निर्देश पर दो सीओ व कई कोतवालों की अगुवाई में भारी पुलिस बल को तैनात किया गया था। वहीं एसडीआरएफ के विशेषज्ञों की टीम ने रैली की निगरानी ड्रोन कैमरों से भी की।
आंदोलित बेरोजगारों की प्रमुख मांगों में फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा निरस्त करने के साथ ही 100 दिन के भीतर दोबारा परीक्षा कराई जाए। अधीनस्थ सेवा आयोग अध्यक्ष, सचिव, परीक्षा नियंत्रक से इस्तीफा लिया जाए। प्रदेश में विभिन्न विभागों में खाली 18000 पदों पर जल्द भर्ती की जाए। पिटकुल, यूपीसीएल में जेई के खाली पड़े 252 पदों पर हुई भर्ती परीक्षा जल्द कराई जाए। अपर निजी सचिव की मुख्य परीक्षा से वंचित 2043 अभ्यर्थियोें को शामिल किया जाए। टेक्नीशियन ग्रेेड-टू, एलटी व डाटा इंट्री आपरेटर भर्ती परीक्षा में हुई धांधली की जांच जल्द पूरी कराई जाए। लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से हर साल वार्षिक कलेेंडर जारी किया जाए।

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