कांग्रेस खटखटायेगी हाईकोर्ट का दरवाजा

देहरादून। नेता प्रतिपक्ष डॉ इंदिरा हृदयेश ने 10 साल सितारगंज से विधायक रहे नारायण पाल को सितारगंज जाने से रोके जाने पर अपनी घोर नाराजगी व्यक्त की है। पूर्व विधायक व प्रदेश कांग्रेस कमेटी में उपाध्यक्ष नारायण पाल अपनी कार द्वारा हल्द्वानी से अपनी विधानसभा सितारगंज जा रहे थे तभी पुलिस प्रशासन द्वारा उन्हें बॉर्डर पर सितारगंज जाने से रोका। नारायण पाल द्वारा पुलिस प्रशासन से अनुरोध किया गया कि उनके पास सितारगंज जाने का उपयुक्त पास है परंतु पुलिस प्रशासन ने उपयुक्त पास होने के बावजूद भी नारायण पाल को सितारगंज जाने से रोक दिया। एक जनप्रतिनिधि के साथ इस तरह का व्यवहार निंदनीय है और मैं इसकी घोर निंदा करती हूं और इस परिपेक्ष में मैं संबंधित जिलाधिकारी से तत्काल कार्रवाई की मांग करती हूँ।
वहीं, उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप और महामंत्री विजय सारस्वत ने पूर्व विधायक नारायण पाल को उनके विधानसभा क्षेत्र सितारगंज में पास होने के बावजूद भी हल्द्वानी से वहां जाने से रोकने की निंदा की है। उन्होंने इसे  प्रजातांत्रिक  अधिकारों का हनन बताते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से कहा है कि कि वे राज्य के अधिकारियों को निर्देश दें कि वे राज्य में तानाशाही का राज कायम करने की कोशिश ना करें। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी नारायण पाल पर झूठे मुकदमे बनाए गए थे ।जो समय आने पर किसी भी अदालत में सरकार के हार और अपमान का कारण बनेंगे। उन्होंने कहा कि जब नारायण पाल के पास सितारगंज जाने का पास था तो उन्हे रोके जाने का कोई औचित्य नहीं है।  कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि कांग्रेस के लोगों को इसी तरह से राज्य में आवागमन से भी रोका गया कांग्रेस हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटायेगी।

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